Study Material

Bihar D.El.Ed Sem 1.2 Bal Manovigyan Question Paper

आज इस आर्टिकल में हम आपको Bihar D.El.Ed Sem 1.2 Bal Manovigyan Question Paper के बारे में बताने जा रहे है. deled question paper 2017,ctet previous year question paper,psychology 328 question paper,nios psychology question paper,bal manovigyan in hindi,nios psychology class 12 question paper,old question paper,nios psychology 328 question paper,nios psychology question paper 2018,nios psychology question paper 2019,question paper,bal manovigyan,nios psychology question paper class 12

Bihar D.El.Ed Sem 1.2 Bal Manovigyan Question Paper

बाल मनोविज्ञान – 1
प्रत्येक प्रश्न संख्या के अंतर्गत दिए गए विकल्पों में से आपने जिस प्रश्न को उत्तर देने के लिए चुना है, उसके आगे बने बॉक्स पर निशान अवश्य लगाएँ अन्यथा आपका उत्तर अमान्य हो सकता है.

लघु-उत्तर वाले प्रश्न (लगभग 100 शब्दों में उत्तर दें)
प्रत्येक प्रश्न के लिए अधिकतम अंक 5 है.

1. संवेदीकरण, प्रत्यक्षीकरण और प्रत्ययीकरण की अवधारणा स्पष्ट कीजिए. अथवा उत्तर बाल्यावस्था के बच्चों की विकास सम्बन्धी विशेषताओं को अपने अवलोकन के आधार पर स्पष्ट कीजिए.

2. विकास के वैयक्तिकता का सिद्धांत को मद्देनजर रखते हुए आप अपने शिक्षण को किस प्रकार व्यवस्थित करते है? किसी एक शिक्षण-विषय के सन्दर्भ में स्पष्ट कीजिए. अथवा विकास के ‘परस्पर सम्बन्ध का सिद्धांत’ को मद्देनजर रखते आप अपने शिक्षण को किस प्रकार व्यवथित करते है? किसी एक शिक्षण-विषय के सन्दर्भ में स्पष्ट कीजिए

3. बच्चों के शारीरिक और गत्यात्मक विकास का ज्ञान एक शिक्षक के लिए क्यों आवश्यक है? अथवा ‘बच्चों का मस्तिष्क विकास अन्य विकासों का आधार है.’ इस कथन के सन्दर्भ में अपने विचार प्रकट कीजिए.

4. संज्ञात्मक विकास में भाषा की भूमिका को अपने अनुभव के आधार पर स्पष्ट कीजिए अथवा आपके विचार से शारीरिक विकास में आनुवांशिक कारक ज्यादा महत्त्वपूर्ण होते हा अथवा वातावरण से सम्बन्धित कारक? अपने अनुभवों के आधार पर स्पष्ट कीजिए.

5. स्थूल गत्यात्मक कौशल क्या है? बच्चों में इनके विकास के लिए आप अपने विद्यालय में किन-किन गतिविधियों का आयोजन करते है? अथवा शारीरिक विकास में अभिभावकों की भूमिका को स्पष्ट कीजिए. क्या वे अपनी भूमिका का निर्वाह कर पाते है? अपने विद्यालयी अनुभव के आधार पर बताइए.

6. सृजनात्मकता क्या है? उसका विकास करने में अभीभावकोण और शिक्षकों की भूमिका को स्पष्ट कीजिए अथवा अपने विद्यालय की किन्हीं ऐसी दो परिस्थितियों के बारे में लिखिए जिसमें आपको लगता है की बच्चों में सकरात्मक संवेगात्मक विकास हो रहा है.

7. सुरक्षा और सुनिश्चिता के भाव के दुर्बल होने से या न होने से शिशु के स्वयं के बोध पर क्या प्रभाव पड़ सकता है? अथवा एक शिक्षक के रूप में आप किस प्रकार बच्चों के संवेगों को समझने और नियंत्रित करने मदद करते है?

8. जीन पियाजे की पूर्व संक्रियात्मक अवस्था की मुख्य विशेषताएँ समझाएँ अथवा बच्चों के सीखने में मार्गदर्शन या स्कैफोल्डिंग का क्या महत्त्व है? अपने शिक्षण-अनुभव के आधार पर स्पष्ट कीजिए.

दीर्ध-उत्तर वाले प्रश्न (न्यूनतम 350 शब्दों में उत्तर दें)|
प्रत्येक प्रश्न के लिए अधिकतम अंक 10 है.

9. बुद्धि की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए. गार्डनर का बहु-बुद्धि सिद्धांत बुद्धि के किन प्रकारों की चर्चा करता है? उदाहरण सहित समझाएँ. अथवा बच्चों की समझ के विकास के सन्दर्भ में वाइगोत्सकी के सामाजिक-सांस्कृतिक निर्माणवादी सिद्धांत की चर्चा कीजिए. अपने विद्यालय-अनुभव के आधार पर इस सिद्धांत के पक्ष अथवा विपक्ष में विचार प्रकट कीजिए.

10. संवेगात्मक विकास से आप क्या समझते है? संवेगात्मक विकास में लगाव की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए बाल्बी द्वारा प्रस्तावित ‘लगाव’ के सिद्धांत को उदाहरण समझाएँ. अथवा बाल विकास का अर्थ स्पष्ट करते हुए विकास को प्रभावित करने वाले विभिन्न कारकों को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए.

More Important Article

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
Close