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लाइफ सेवर्स का आविष्कार कब और किसने किया?

आज इस आर्टिकल में हम आपको लाइफ सेवर्स का आविष्कार कब और किसने किया? के बारे में बता रहे है जो अब तक की बहुत ही महत्वपूर्ण आविष्कारो में से एक है.

लाइफ सेवर्स का आविष्कार

क्लेरेंस करें नामक एक टाॅफी निर्माता ने सन् 1912 में पहली बार ”क्रेन्स पेपरमिंट लाइफ सेवर्स” नामक पिपरमिंट टाॅफी को बाजार में उतारा.

लाइफ सेवर्स का आविष्कार
लाइफ सेवर्स का आविष्कार

ये वो समय था जब नावों पर पानी में गिरे व्यक्ति की जान बचाने के लिए रखी जाने वाली गोल रिंगों का प्रचलन अभी शुरू हुआ ही था. बीच में छेद वाली इन गोल रिंगों को ‘लाइफ प्रिजर्वर’ अर्थात जीवन बचाने वाली, के नाम से जाना जाता था.

क्रेन मूलतः एक चाॅकलेट निर्माता था. गर्मियों में चाॅकलेट बेचना एक दुष्कर कार्य होता था. लिहाजा क्रेन ने मिंट वाली ऐसी टॉफी का निर्माण करने की सोची जो उसकी जो उसकी गर्मियों में गिरती बिक्री को संभाल सके.

उस समय बाजार में मिलने वाला अधिकांश मिंट यूरोप से आता था और मिंट से बनी ये टाॅफियां आकार में चौकोर हुआ करती थी.
एक दिन क्रेन एक ड्रग स्टोर से फ्लेवर की बोतलें खरीद रहा था.

उसने देखा की स्टोर पर काम कर रहा एक व्यक्ति गोलियों बनाने की मशीन पर काम कर रहा था. ड्रग (द्वाइया) बनाने वाले उस स्टोर में चलने वाली वह मशीन हाथ से चलने वाली थी और वह चपटी गोल गोलियां बनाने में सक्ष्म थी.

क्रेन को अपना विचार सूझ ही गया. दवाई की दूकान में गोलियां बनाने वाली वह मशीन उसके उत्पाद ”क्रेन्स पेपरमिंट लाइफ सेवर्स” को बनाने के लिए एक सटीक साधन साबित हुई थी. अपनी इस मिंट गोलियों में क्रेन ने जीवन रक्षक रिंगों की भांति ही ऐन बीचों बीच एक छेद भी कर रखा था.

कालांतर में क्रेन ने अपने इस अनोखे उत्पाद के सभी अधिकार एक अन्य टाॅफी निर्माता को तीन हजार डॉलर से भी कम रकम में बेच दिए. नए निर्माता ने इन कथित ‘लाइफ सेवर्स’ का उत्पादन कर लाखों डॉलर कमाए.

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