History

मराठा साम्राज्य के बारे में विस्तृत जानकारी

मराठा साम्राज्य -शिवाजी

शिवा जी के नेतृत्व में 17वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में मराठा शक्ति का उदय हुआ. शिवाजी का जन्म 1627 ईसवी में पूर्णा ते शिवनेरी किले में हुआ. शिवाजी के पिता शाहजी भोंसले और माता जीजाबाई थी एवं संगठन एवं शिक्षक दादा कोंणदेव थे. शिवाजी का विवाह सालबाई नीम्बालाकर से 1640 ई. में हुआ. शिवाजी ने दरबार में मराठी को भाषा के रूप में प्रयोग किया.

शिवाजी के आध्यात्मिक गुरु समर्थ रामदास थे. राजा जयसिंह ने शिवाजी को पुरंदर की संधि (1665 ई.)  करने पर विवश किया. जिसमें शिवाजी के काफी दुर्ग मुगलों के पास चले गए. शिवाजी को 1666 ईसवी में उनके पुत्र संभाजी के साथ आगरा के जयपुर भवन में नजरबंद किया गया, परंतु वह वहां से भाग निकले. 1674 ईसवी में शिवाजी ने रायगढ़ के दुर्ग में महाराष्ट्र के स्वतंत्र शासक के रूप में अपना राज्यभिषेक कराया और छत्रपति की उपाधि ग्रहण की.

शिवाजी के उत्तराधिकारी- संभाजी ( 1680 – 89 ई.)

शिवाजी की मृत्यु के पश्चात उनका जेष्ट पुत्र संभाजी मराठा साम्राज्य का उत्तराधिकारी बना. संभाजी ने उज्जैन के हिंदी एवं संस्कृत के प्रकांड विद्वान  कलश को अपना सलाहकार नियुक्त किया. औरंगजेब ने 1689 ईसवी में संभाजी तथा उसके सहयोगी कवि कलश की हत्या करवा दी.

राजाराम (1689-1700 ई.)

संभाजी की मृत्यु के बाद शिवाजी के दूसरे पुत्र राजाराम को छत्रपति घोषित किया गया, दो 1689 ईसवी से 1700 ई. तक रहे.राजाराम ने अपनी दूसरी राजधानी सातारा को बनाया.

शाहू (1707-1748 ई.)

औरंगजेब ने 1689 ईसवी में संभाजी के साथ साहू को भी बंदी बना लिया था. 18 वर्षों तक बंदी जीवन बिताने के बाद 1707 ईसवी में बहादुर शाह प्रथम ( मुअज्जम) ने उसे मुक्त कर दिया.

शासन की स्थितियां का फायदा उठाकर बालाजी विश्वनाथ ने पेशवा की शक्ति से में पर्याप्त वृद्धि की. बालाजी विश्वनाथ 1713 ईसवी में प्रथम पेशवा बना, जिसकी 1720 ईसवी में मृत्यु हो गई.

बाजीराव प्रथम ( 1720 – 17ई.)

20 वर्ष की अल्प आयु में 17 से 20 ईसवी में पेशवा बना. 7 मार्च 28 को बाजीराव प्रथम एवं निजामलमुल्क के बीच पालखेड़ा का युद्ध हुआ, जिसमें निजाम की हार हुई. दिल्ली पर आक्रमण करने वाला प्रथम पेशवा बाजीराव प्रथम था.

बालाजी बाजीराव (1740 -1761 ई.)

1740 ईसवी में बाजीराव का बेटा बालाजी बाजीराव पेशवा बना. नाना साहब भी कहा गया है. 1750 ईसवी में हुए समझौते के तहत यह मराठा संघ का वास्तविक प्रथम पेशवा बना. पानीपत के तृतीय युद्ध में मराठों की पराजय के कुछ समय बाद ही 23 जून 1761 को बालाजी बाजीराव की मृत्यु हो गई.

माधवराव (1761 -1772 ई.)

1761 ई.में  माधवराव पेशवा,  साहेआलम को 1771 ई. में दिल्ली पर बिठाया. अंतिम पेशवा बाजीराव था.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
Close