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झिलमिलाते लट्टुओं की लड़ियां का आविष्कार कब और किसने किया?

आपने त्यौहार पर झिलमिलाते लट्टुओं की लड़ियां का प्रयोग जरुर किया होगा. आजकल दीपावली, होली, क्रिसमस के दिन झिलमिलाते लट्टुओं की लड़ियां का बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएँगे की, झिलमिलाते लट्टुओं की लड़ियां का आविष्कार कब और किसने किया?

झिलमिलाते लट्टुओं की लड़ियां का आविष्कार

हर पर्व और त्यौहार पर बिजली से चलने वाली लट्टुओं की लड़ियां लगवाना आज एक आम बात है. जगमगाते लट्टुओं की इन लड़ियों को शादी आदि में भी बहुतायत से देखा जा सकता है.  परंतु क्या आपने कभी सोचा है की इन जगमगाते रोशन लट्टुओं के पीछे किसका हाथ था?

सन् 1917 में जब अल्बर्ट सडक्का मात्र पंद्रह वर्ष का था तब न्यूयार्क शहर में एक भीषण आगजनी हुई थी.

झिलमिलाते लट्टुओं की लड़ियां का आविष्कार
झिलमिलाते लट्टुओं की लड़ियां का आविष्कार

यह आग एक क्रिसमस-ट्री के आग पकड़ने की वजह से फैली थी. उन दिनों क्रिसमस-ट्री को रोशन करने के लिए आज की तरह बिजली के लट्टू नहीं हुआ करते थे.

तब लोग इन्हें रोशन करने के लिए इनकी डालों पर मोमबतियां लगाकर जलाया करते थे.

अल्बर्ट का परिवार स्पेन से वहां आया हुआ था. यह परिवार अनोखे एवं अनूठे साजो-सामान का निर्माण कर उन्हें बेचने का धंधा करता था. ये लोग क्रिसमस-ट्री पर सजाने के लिए बाँस की खपच्चियों से निर्मित पिंजरों का निर्माण करते थे.

ये पिंजरे दिखने में बड़े ही सुन्दर होते थे और इनमें चिडियां की आकृति का एक खिलौना हुआ करता था जिसे जलाने पर वह रौशनी देता था.

क्रिसमस-ट्री पर लगी आग वाले हादसे ने अल्बर्ट को गहराई तक प्रभावित किया. आगजनी से प्रभावित अल्बर्ट ने अपने परिवार को मशवरा दिया की उन्हें बिजली से जलने वाले लट्टुओं का निर्माण करना चाहिए.

उनके पास लट्टुओं की कोई कमी नहीं थी और यह उपाय निशिचत तौर पर मोमबतियों की अपेक्षा अधिक सुरक्षित था.

परिवार को अल्बर्ट का यह सुझाव पसंद आया. परंतु निर्माण के प्रथम वर्ष यह परिवार बिजली के लट्टुओं वाली मात्र सौ लड़ियां ही बेच सका.
इस घटना से सबक लेते हुए अल्बर्ट ने अगली बार अपने सजावटी लट्टुओं को विभिन्न रंगों में बाजार में उतारा.

अब उसकी लड़ियों में भांति-भांति के रंगीन लट्टू थे. क्रिसमस-ट्री पर सजाने पर यह लट्टू अपनी अपनी रंग बिरंगी रौशनी से हर किसी मों मोह लेते थे. इस बार अल्बर्ट का काम चल निकला. अल्बर्ट के व्यवसाय ने तेज गति पकड़ ली.

देखते ही देखते अल्बर्ट लाखों-करोड़ों डॉलर की कम्पनी का अधिपति बन बैठा.

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