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गोंद लगे पन्ने का आविष्कार कब और किसने किया?

इस आर्टिकल में हम आपको गोंद लगे पन्ने का आविष्कार कब और किसने किया? के बारे में बताने जा रहे है. आज जो आप स्टीकर का इस्तेमाल करते है  इसका आविष्कार थाॅमस अल्वा एडिसन के द्वारा दिया गया था.

गोंद लगे पन्ने का आविष्कार

थाॅमस अल्वा एडिसन का शुमार अमरीका में मशहूर आविष्कर्ताओं में होता है. यूं तो एडिसन ने अनेक आविष्कार किए, पर उनके द्वारा आविष्कृत बिजली के बल्ब एवं फोनोग्राफ सर्वाधिक चर्चित आविष्कार रहे है.

गोंद लगे पन्ने का आविष्कार
गोंद लगे पन्ने का आविष्कार

एडिसन के बारे में मशहूर है की वे किसी भी नए विचार पर तब तक बिना थके खोजबीन करते रहते थे जब तक की वे उस विचार को काम करने लायक जवाब के रूप में न बदल देते थे अर्थात् वे विचार को मूर्त रूप देकर ही मानते थे.

उदहारण के लिए हम यहां उनके द्वारा आविष्कृत को मूर्त रूप देने के अपने क्रम में कोई पचास हजार से भी ज्यादा बार शोध एवं प्रयास किए थे.

गोंद लगे पन्ने भी एडिसन के ही कारण आज वजूद में है. हालाँकि इनके लिए एडिसन को कोई ज्यादा दिमाग नहीं खपाना पड़ा था.

जो हुआ, वो कुछ इस प्रकार था-एडिसन ने पाया की जब कभी उन्हें कागज के किन्ही दो पन्नो को आपस में चिपकाना होता था तो इस काम के लिए उन्हें गोंद की आवश्यकता पड़ती थी.

जाहिर है की गोंद लगाने के लिए उन्हें अपने हाथों का प्रयोग करना पड़ता था. नतीजा, हाथ चिपचिपे और गंदे हो जाया करते थे. एडिसन को यह सारी प्रक्रिया बड़ी गंदी लगती थी.

अंत: एडिसन ने अपने एक सहायक से कागज को कुछ चिंदियों पर गोंद लगाकर उन्हें एक तरफ रख देने को कहा. बाद में जब कागज की चिंदियों पर लगा गोंद सूख गया तो एडिसन ने थोड़े से पानी की मदद से गोंद को पुन: गीला किया और आश्चर्य! उसने पाया की गीला होने पर गोंद पुन: क्रिया शील हो गया था और कागज ने एक दूसरे कागज पर पकड़ बना ली. दोनों कागज आपस में चिपक गए.

आज सारे संसार की डाक टिकटें एवं लिफाफों पर एडिसन के इस विचार या यों कहें की खोज का धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है.
बस संबंधित सामग्री को जबान से थोडा गीला किया और बस, हो गया काम. न कोई झंझट, न कोई गंदगी.

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