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हमारे पर्यावरण से जुड़े सवाल और उनके जवाब


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क्या होगा यदि हम एक पोषी स्तर के सभी जीवो को समाप्त कर दे (मार डालें)?

यदि हम एक पोशी स्तर के जीवो को समाप्त कर दे तो खाद्य श्रंखला टूट जाएगी तथा उच्च पोषी स्तरों को पदार्थ है वह ऊर्जा नहीं मिल पाएगी। यदि उच्च पोषी स्तर केजी व अन्य विकल्प नहीं ढूंढ पाते, तो वे जीवित नहीं रह पाएंगे और मर जायेंगे।

क्या किसी पोषी स्तर के सभी सदस्यों को हटाने का प्रभाव भिन्न भिन्न पोषी स्तरों  के लिए अलग अलग होगा? क्या किसी पोषी स्तर के जीवो को पारितंत्र को प्रभावित किए बिना हटाना संभव है?

हां, किसी पोषी स्तर के सभी सदस्यों को हटाने का प्रभाव पोषी स्तरों के लिए भिन्न भिन्न होता है। (किसी विशेष पोषी स्तर कि तुलना में)

  • निचले पोषी स्तर के जीवो की संख्या बढ़ जाएगी।
  • खाद्य पदार्थों की कमी के कारण उच्च पोसी सत्र के सदस्यों की संख्या कम हो जाएगी।
  • नहीं, किसी पोशी सत्र के जीवो को परितंत्र को प्रभावित किए बिना हटाना संभव नहीं है।

जैविक आवर्धन क्या है? क्या पारितंत्र के विभिन्न स्तरों पर जैविक आवर्धन का प्रभाव भी भिन्न-भिन्न होगा?

जैविक आवर्धन- अजैव निम्नीकरणीय व्यर्थ पदार्थ है, जैसे पीड़नासक, कीटनाशक उत्पादकों से होकर खाद श्रंखला में प्रवेश पाते हैं तथा उनका उच्च पोसी स्तरों में सान्द्रण जैविक आवर्धन कहलाता है।

उच्च पोषी स्तरों पर इन हानिकारक पदार्थों की बढ़ती हुई मात्रा उपापचय क्रियाओ, जैसे वृद्धि विकास और जनन में बाधा उत्पन्न कर सकती है।

हां, परितंत्र के विभिन्न स्तरों परावर्तन का स्तर भिन्न भिन्न होता है। यह नीचले स्तरो प्रथम तथा उच्च स्तरों पर अधिक होता है।

हमारे द्वारा उत्पादित अजैव निम्नीकरण या कचरे से कौन सी समस्याएं उत्पन्न होती है?

अजैव निमनीकरणीय कचरा पर्यावरण में उसी रूप में लंबे समय तक पड़ा रहता है। यह पर्यावरण में असीमित समय के लिए रहता है, यह पदार्थ निम्नलिखित समस्याएं उत्पन्न करते हैं-

  • हानिकारक रसायनों का उच्च स्तर पर जैविक आवर्धन होता है जिससे उपापचयी समस्याएं उत्पन्न होती है।
  • समय गुजरने के साथ साथ इस कचरे के ढेर बड़े होते चले जाते हैं और रोग वाहकों के लिए प्रजनन स्थान बन जाते हैं।
  • इनसे परिस्थितिकी संतुलन उत्पन्न होता है।
  • यह मानव आवास स्थानों के सौंदर्य को बिगड़ते हैं।
  • यह नदी नालों में पानी के बहाव को रोकते हैं तथा सड़न उत्पन्न करते हैं।  

यदि हमारे द्वारा उत्पादित सारा कचरा जैव निम्नीकरणीय हो तो क्या इनका हमारे पर्यावरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा?

कचरे का कोई भी प्रकार पर्यावरणीय समस्या उत्पन्न करता है जैसे प्रदूषण, स्वास्थ्य संबंधी समस्या

  • लेकिन यदि यह जैव निम्नीकरणीय है तो यह साधारण पदार्थों में अपघटीत हो जाता है जो सरलता से मिट्टी का एक भाग बन जाता है।  इससे पोषक तत्वों का पुनः चक्रीकरण हो जाता है। इससे प्रदूषण की समस्या भी कम हो जाती है।
  • लेकिन जैव निम्नीकरणीय कार्बनिक कचरा भी स्वास्थ्य से संबंधित अनेक प्रकार की समस्याएं उत्पन्न करता है। ऐसा जल व मिट्टी के सदूषित होने के कारण होता है। फिर भी तुलनात्मक दृष्टि से यह सुरक्षित है।

ओजोन परत की क्षति हमारे लिए चिंता का विषय क्यों है? इस क्षति को सीमित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?

ओजोन परत की क्षति हमारे लिए चिंता का विषय है क्योंकि इससे पराबैंगनी विकिरण पृथ्वी की सतह तक पहुंचे सकते हैं जो निम्नलिखित समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं-

  • प्रतिरक्षा तंत्र से संबंधित व्याधियां, मोतियाबिंद, त्वचा कैंसर, सूक्ष्म जीवों में उत्परिवर्तन, सूक्ष्म जीवों की मृत्यु, कृषि उत्पादकता का कम होना, वर्षा में परिवर्तन बदलाव, परिस्थितिकी असंतुलन।

ओजोन के क्षय होने वाली हानि को कम करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं-

  • 1987 में UNEP  ने सभी सदस्य देशों के बीच CFCs का उत्पादन 1986 के स्तर तक सीमित रखने के लिए समझौता करवाया है।  
  • क्लोरोफ्लोरो कार्बन के विकल्पों की खोज की जा रही है।
  • सुपरसोनिक विमानों को कम से कम प्रयोग करने की सलाह दी गई है।
  • नाभिकीय विस्फोटों पर प्रभावी नियंत्रण व CFCs के उपयोग को सीमित करने के बारे में कदम उठाए गए हैं।

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