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झारखंड से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य


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  • झारखंड में छोटा नागपुर, संथाल परगना से पुराण पाषाण कालीन एवं लघु पाषाण कालीन सामग्री प्राप्त हुई है। झारखंड के छोटा नागपुर से नवपाषाण कालीन सामग्रियां प्राप्त हुई है।
  • पलामू के चेरों का सबसे महान राजा मेदिनी राय था। इसके पुत्र प्रताप राय के शासनकाल में तीन मुगल आक्रमण हुए हैं। आखिर में 1660 में उन्हें मुगल राज्य में मिला लिया गया।
  • झारखंड में विधान परिषद के गठन का प्रावधान नहीं है।
  • राज्य में कुल 30 अनुसूचित जनजातियों को मान्यता प्राप्त होगी। इनमें संथाल (35.46%), उरांव (18.14%), मुंडा (14.56%), एवं हो (9.23%) जनजातियां हैं। शेष 26 जनजातियों की जनसंख्या 3 से 0.02 फीसदी होने के कारण क्षेत्रीय राजनीति पर इनका न के बराबर प्रभाव होगा।
  • मुगल काल में झारखंड को खुखरा के नाम से जाना जाता था।
  • ब्रिटिश काल में यह झारखंड के नाम से जाना जाने लगा।
  • जनजातीय क्षेत्र के लिए झारखंड शब्द का प्रयोग पहली बार तेहरवीं शताब्दी के एक ताम्रपत्र अभिलेख में हुआ था।
  • चेरो विद्रोह पलामू जनजाति का राजा के विरोध हुआ था।
  • पाकुड़ का मार्टिलो टावर का निर्माण 1857 ईसवी में अंग्रेजों ने संथाल विद्रोहियों से बचने के लिए किया था।
  • कार्ल मार्कस ने अपनी पुस्तक के नोट्स ऑफ इंडियन हिस्ट्री में संथाल विद्रोह को प्रथम जन क्रांति की संज्ञा दी।
  • फाह्यान, अब्दुल लतीफ व हैगसांग विदेशी यात्री ने झारखंड की यात्रा की थी।
  • झारखंड राज्य में औसत वार्षिक तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास मिलता है।
  • झारखंड भारत का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहां भारत में भारत होने वाली सभी स्रोतों से थोड़ी-बहुत वर्षा प्राप्त करता है।
  • झारखंड में औसत वार्षिक वर्षा 125 से 150 सेंटीमीटर के मध्य होती है।
  • हाई टेंशन इंसुलेटर फैक्ट्री की स्थापना पूर्व चेकोस्लोवाकिया के सहयोग से की गई है।
  • बिरसा मुंडा की मृत्यु 1990 ईसवी में हैजे के कारण हुई।
  • झारखंड में हिंदू धर्मावलंबियों की संख्या सबसे अधिक है।
  • झारखंड में सबसे अधिक संख्या हिंदी बोलने वालों की है। दूसरा व तीसरा स्थान क्रमश संथाली एवं बांग्ला बोलने वालों का है।
  • दुमका नगर को झारखंड राज्य की राजधानी बनाने की घोषणा की गई है।
  • जनजातीय भाषा अकादमी रांची में स्थित है।
  • मुस्लिम काल में राज महल, बंगाल की राजधानी के रूप में विख्यात रहा है।
  • रांची में सर्वाधिक बाल श्रमिक कार्यरत है।
  • रांची पूर्व में लोहरदगा जिले के मुख्यालय के तहत छोटे से हिल स्टेशन के रूप में था।
  • यूरेनियम के दुष्परिणाम से बचने के लिए झारखंडी ऑर्गेनाइजेशन अगेंस्ट रेडिएशन की स्थापना की गई है।
  • जनजातीय क्षेत्र के जिला अधिकारी को उपायुक्त कहा जाता है।
  • 1970 का दशक झारखंड आंदोलन के पुनर्जीवन का काल माना जाता है।
  • झारखंड आंदोलन के आरम्भिक और प्रथम जन्मदाता जे वार्थेमन माने जाते हैं।
  • झारखंड पार्टी का चुनाव चिन्ह मुर्गा था।
  • श्री शिबू सोरेन झारखंड दल के प्रमुख नेता है जो गुरुजी उपनाम से जाने जाते हैं।
  • 1780 में रामगढ़ हिल ट्रैक्ट नाम से एक नए जिले का सृजन किया गया।
  • छोटा नागपुर का पठार झारखंड के 83,227 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है।
  • छोटा नागपुर का पठार झारखंड के 47.87% क्षेत्र पर विस्तृत है।
  • छोटा नागपुर के पठार की अधिकार चट्टाने रवेदार हैं।
  • पारसनाथ के पर्वत पर जैन धर्मावलंबी और संथाल जनजाति का तीर्थ स्थल है।
  • झारखंड के छोटा नागपुर के पठार की औसत ऊंचाई अधिक है।
  • छोटा नागपुर के पठार की संरचना आग्नेय चट्टानों में हुई है।
  • छोटा नागपुर के पठार का विस्तार राज्य के पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम, रांची, पलामू, हजारीबाग, धनबाद, गिरीडीह, गोंडा, दुमका साहिबगंज, देवघर में है।
  • झारखंड के छोटा नागपुर क्षेत्र में लाल मिट्टी की प्रधानता है।
  • अभ्रक मूल की लाल मिट्टी झारखंड में कोडरमा, झुमरी तलैया, मडू और बड़का गांव में पाई जाती है।

झारखंड में उत्पादन

  • झारखंड में सर्वाधिक लोहा अयस्क सिंहभूम जिले की खानों से प्राप्त होता है।
  • सिंहभूम जिले की कानों में मुख्यतः हेमेटाइट और मैग्नेटाइट प्रकार का लोहा अयस्क प्राप्त होता है।
  • झारखंड के  लोहे अयस्क की भारत के टाटानगर, दुर्गापुर, राउरकेला, और भिलाई लोहा इस्पात कारखानों को आपूर्ति की जाती है।
  • झारखंड में तांबे की उत्पादन में प्रमुख स्थान सिंहभूम जिले का है।
  • झारखंड में तांबा उत्पादन का कार्य हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड द्वारा किया जाता है।
  • झारखंड में बॉक्साइट साफ करने के कारखाने मोरी और लोहरदगा में है।
  • झारखंड में भारत का लगभग 46% (2015) अभ्रक का भंडार है।
  • झारखंड में देश का कुल 44.5% कोयला निकाला जाता है क्षेत्र है दामोदर घाटी कोयला क्षेत्र, हजारी बाग कोयला क्षेत्र, उत्तर कोयला क्षेत्र, देवघर कोयला क्षेत्र, राजमहल कोयला क्षेत्र।
  • झारखंड में चांदी की प्राप्ति हजारीबाग, पलामू, संथाल परगना, रांची सिंहभूम जिला में होती है।
  • झारखंड में यूरेनियम की खाने संपूर्ण सिंहभूम जिले के अंतर्गत आती है।
  • झारखंड में मोनोसाइट नमक खनिज हजारीबाग, रांची जिलों से प्राप्त होता है।  ज्ञात हो कि मनोजाइट थोरियम और गिर को नियम उपलब्ध होता है।
  • चंद्रपुरा तापीय विद्युत गृह झारखंड राज्य के बोकारो जिलों में बनाया गया है।
  • चंद्रपुरा तापीय विद्युत गृह की उत्पादन क्षमता 780 मेगावाट है।
  • बोकारो ताप बिजली करके क्षमता 630 मेगावाट है।
  • पतरातू बिजली घर है पतरातू में राजगढ़ रेलवे स्टेशन से 40 किलोमीटर दूर स्थित है।
  • पतरातू ताप बिजली घर की स्थापित क्षमता  840 मेगा वाट है।
  • झारखंड का प्रसिद्ध टिस्को कारखाना प्रसिद्ध उद्योगपति जमशेदजी टाटा द्वारा स्थापित किया गया था।
  • टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (टिस्को) मे कच्चे लोहे का उत्पादन सन 1911 में प्रारंभ हुआ।
  • बोकारो इस्पात कारखाने के लोग ऐसा की आपूर्ति जामदा, ससड़ा, किरीबुरू, और मेघाटूबुरु खानों से होती है।
  • झारखंड में स्थापित उद्योग में टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी टाटा इंजीनियरिंग एंड लोकोमोटिव कंपनी जमशेदपुर, सिंदरी खाद कारखाना, भारी मशीनों करण कारखाना रांची मुख्य है।
  • बोकारो इस्पात कारखाने को कोयले की आपूर्ति बोकारो में झरिया की खानों से की जाती है।
  • टिस्को को लोहे जैसे की आपूर्ति कोल्हन, नोवामुंडी और मयूरगंज की खानों से होती है।
  • टिस्को को कोयले की आपूर्ति रानीगंज झरिया की खानों से होती है।
  • भारत सरकार ने झारखंड में भारतीय एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड की स्थापना 1948 में की गई थी।
  • झारखंड में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की स्थापना घाटशिला नामक स्थान पर 1924 में की गई थी।
  • पतरातू ताप बिजलीघर की स्थापना सन 1962 में रूस के सहयोग से की गई थी।
  • पेनिनसुलर लोकोमोटिव कंपनी की स्थापना सिंहभूम जिले में 1921 में की गई थी।
  • रांची में स्थित भारी मशीन निर्माण संयंत्र पूर्व सोवियत संघ के सहयोग से स्थापित किया गया था।
  • रांची में स्थापित फाउंड्री फॉर सेंटर की स्थापना चेकोस्लोवाकिया के सहयोग से की गई है।
  • झारखंड में सोडा ऐश टाटा केमिकल्स, जमशेदपुर में तैयार किया जाता है।
  • झारखंड में कास्टिक सोडा बनाने का कारखाना टाटा केमिकल्स टाटा नगर में स्थित है।
  • सिंदरी रासायनिक उर्वरक कारखाना दामोदर नदी के किनारे धनबाद से 24 किलोमीटर दूर स्थित है।
  • सीमेंट का आविष्कार पोर्टलैंड सीमेंट के रूप में इंग्लैंड के जोसेफ एम्पडेन नामक व्यक्ति ने किया।
  • झारखंड में सीमेंट के कारखाने सिंदरी, जपला, चाईबासा, कल्याणपुर, खिलाड़ी और कुमारधूबी में है।
  • झारखंड में रांची के समीप नाम को मेल लाख अनुसंधान संस्थान की स्थापना की गई।
  • झारखंड राज्य में देश का लोहा इस्पात उद्योग केंद्रित है।

झारखंड में अन्य तथ्य

  • रेल मार्ग की जिलेवार वितरण की दृष्टि से झारखंड का सिंहभूम सबसे संपन्न है।
  • झारखंड के प्रथम चार बड़े नगरों का करम जमशेदपुर, धनबाद, रांची, बोकारो है।
  • बेतला राष्ट्रीय पार्क पटना से 200 किलोमीटर उत्तर में है, जहां चीतों का संरक्षण किया जाता है। पलामू में स्थित बेतला साल के वनों के लिए विख्यात है।
  • कर्क रेखा झारखंड के रांची शहर से होकर गुजरती है।
  • बोकारो स्टील इस्पात कारखाना चतुर्थी योजना काल में बना है।
  • बोकारो स्टील की स्थापना पूर्व सोवियत संघ के सहयोग से हुई है।
  • हजारीबाग जेल से जयप्रकाश नारायण 8 नवंबर 1942 में फरार हुए थे।
  • मार्च 1940 का अखिल भारतीय कांग्रेस अधिवेशन रामगढ़ (हजारीबाग) में हुआ था।
  • अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 53 वां अधिवेशन रामगढ़ (हजारीबाग) में  हुआ था।
  • झारखंड के औद्योगिक विकास का मुख्य कारण कमीज़ और कोयले के पर्याप्त भंडार है।
  • छोटा नागपुर काश्तकारी कानून 1960 में पारित हुआ।
  • बिरसा मुंडा ने 1895 में अपने आपको ईश्वर का दूत घोषित किया।
  • 1881 और 1895 के दौरान रांची सिंहभूम जिलों में आदिवासियों व संथाल समुदायों ने जबरदस्त विद्रोह किया था।
  • बिरसा आंदोलन का मुख्यालय खूंटी (रांची) था।
  • छोटा नागपुर पठार की मुख्य फसल चावल है।
  • हजारीबाग और रांची पठार को प्रथक करने वाली नदी का नाम स्वर्ण रेखा है।
  • झारखंड का महत्वपूर्ण कागज उत्पादक केंद्र डालमियानगर है।
  • टेनेसी एक्ट का एक विशिष्ट प्रकार मुंडारी प्रथा संथाल परगना में लागू है।
  • आदिवासी महासभा का आविर्भाव 1938 में हुआ था।
  • झारखंड मुक्ति मोर्चा का गठन 1973 ईसवी में हुआ था।
  • झारखंड मुक्ति मोर्चा का गठन शिबू सोरेन एवं विनोद बिहारी महतो ने किया।
  • झारखंड विकास परिषद के गठन की सर्वप्रथम कोशिश 1980-1990 में की गई थी।
  • झारखंड स्वायत्त विकास परिषद विधेयक सर्वप्रथम 1991 में पारित हुआ।
  • छिन्नमस्तिका का प्रसिद्ध मंदिर रजरप्पा (हजारीबाग) में स्थित है।
  • टिस्को झारखंड में कार्यरत विश्व की प्रथम महिला जिसने माउंट एवरेस्ट पर विजय प्राप्त की है- श्रीमती बछेंद्री पाल।
  • राज्य के मध्य से गुजरने वाली अक्षांश रेखा कर्क रेखा है।
  • स्वतंत्र रूप से समुद्र में गिरने वाली झारखंड की एकमात्र नदी सवर्ण रेखा है,,
  • पर्यावरण के सुचारू प्रबंधन के लिए झारखंड के जमशेदपुर को आईएसओ 14001 प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
  • वैज्ञानिकों के अनुसार फॉसिल पार्क की स्थापना के लिए गोंडवाना रोक्स का होना आवश्यक है। भारत में ऐसी चट्टानें झारखंड के राज महल में प्रचुरता से उपलब्ध है।
  • बिरसा मुंडा के गुरु आनंद पांडे थे।
  • मुंडा विद्रोह का मुख्य क्षेत्र रांची तथा सिंहभूम रहा है। इसे विद्रोह का नेतृत्व बिरसा मुंडा ने किया था। बिरसा का निवास स्थल चलकद (रांची) था। गया मुंडा इस विद्रोह का अन्य अग्रणी नेता था।
  • राज्य में बीड़ी बनाए जाने के प्रमुख केंद्र-  चाईबासा, जमशेदपुर, संथाल, परगना आदी है।
  • 14 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से 9 अनुसूचित जनजातियां और 1 अनुसूचित जाति के प्रत्याशियों के लिए सुरक्षित है।
  • सबसे छोटा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र चतरा जिसमें चार विधानसभा क्षेत्र  चतरा, सिमरिया, लातेहार और पांकी है।
  • झारखंड विधानसभा में 28 सीटें अनुसूचित जनजातियों और 8 सीटें अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित है। शेष सीटे 45 सामान्य कोटे के लिए है।
  • गुमला और लोहरदगा दो ऐसे जिले हैं जिनके सभी विधानसभा सदस्य जनजातीय समुदाय से ही प्रतिनिधित्व करेंगे।

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