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UPTET 08 Jan 2020 Sanskrit Solved Question Paper

भाग – III संस्कृत- II

Q. ‘नदी:’ शब्दरूप में प्रयुक्त वचन है

  • द्विवचन
  • बहुवचन
  • एकवचन
  • एकवचन और बहुवचन दोनों

Q. अकारान्त पुल्लिङ्ग शब्द का उदाहरण है

  • रामः
  • वाच्
  • भानुः
  • फलम्

Q. ‘प्रेजते’ में सन्धि है

  • पूर्वरूप
  • वृद्धि
  • गुण
  • पररूप

Q. ‘व’ वर्ण का उच्चारण स्थान है

  • ओष्ठ
  • दन्त
  • दन्तोष्ठ
  • तालु

Q. घुटने के लिए उपयुक्त संस्कृत शब्द है।

  • ऊरु
  • जानु
  • हनु
  • जघन

Q. संस्कृत के ‘एकोन चत्वारिंशत’ को कहते हैं

  • 29
  • 39
  • 49
  • 59

Q. द्वि शब्द, स्त्रीलिंग, प्रथमा विभक्ति का रूप है

  • दयम
  • द्वो
  • द्वे
  • द्वि

Q. ‘ददति’ रूप है

  • लोट् लकार, प्रथमपुरुष, एकवचन
  • लट् लकार, प्रथमपुरुष, बहुवचन
  • लट् लकार, प्रथमपुरुष, एकवचन
  • लोट् लकार, प्रथमपुरुष, बहुवचन

Q. ‘गुरूपदेशः’ शब्द में प्रयुक्त सन्धि है

  • गुण सन्धि
  • दीर्घ सन्धि
  • यण् सन्धि
  • अयादि सन्धि

Q. उपसर्ग है

  • कुत्र
  • यदा
  • परा
  • यत्र

Q. सर्वनाम शब्द है

  • स्थूलः
  • सर्वः
  • पुत्रः
  • प्रातः

Q. ‘कुञ्जर’ शब्द का अर्थ है

  • हिरण
  • हाथी
  • सर्प
  • सुअर

Q. ‘मातृ’ शब्द का तृतीया विभक्ति एकवचन में रूप होता है

  • मात्रा
  • मातया
  • मात्रया
  • माता

Q. सुबन्धु की रचना है

  • मेघदूतम्
  • वासवदत्ता
  • स्वप्नवासवदत्तम्
  • अभिज्ञानशाकुन्तलम्

Q. निम्नलिखित में से कौन-सा स्वर है ?

  • लु
  • वृ
  • उपर्युक्त में से कोई नहीं

Q. ‘गोधूम’ शब्द का अर्थ है

  • गेहूँ
  • चावल
  • गाय का दूध
  • गदहा

Q. विसर्ग सन्धि का उदाहरण है

  • महौषधिः
  • सन्मित्रम्
  • तल्लयः
  • नमस्ते

Q. स्पर्श संज्ञक वर्णों की संख्या है

  • 08
  • 25
  • 5
  • 30

Q. ‘बालिका’ इस पद में प्रत्यय है।

  • याट्
  • डाप्
  • चाप
  • टाप

Q. ‘पर्यन्त’ में उपसर्ग है

  • परा
  • परि
  • प्र
  • पर

Q. ‘मनोरथः’ में सन्धि है

  • परसवर्ण सन्धि
  • अनुनासिक सन्धि
  • विसर्ग सन्धि
  • उपर्युक्त में से कोई नहीं

Q. “नेत्रीभ्याम् अश्रूणि पतन्ति” में नेत्राभ्याम् पद में विभक्ति है

  • पञ्चमी
  • द्वितीया
  • षष्ठी
  • सप्तमी

Q. ‘अशनि’ शब्द है

  • नपुंसक लिङ्ग
  • स्त्रीलिम
  • पुल्लिङ्ग
  • उपर्युक्त सभी

Q. ‘तया नृपोऽनुगम्यते’ में वाच्य है

  • भाववाच्य
  • कर्मवाच्य
  • कर्तृवाच्य
  • उपर्युक्त में से कोई नहीं

Q. ‘यूपदारु’ पद में समास है

  • द्वन्द्वः
  • बहुव्रीहिः
  • अव्ययीभावः
  • तत्पुरुषः

निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर प्र.सं. 86 एवं 87 के उत्तर दीजिए।

समाजे सर्वत्र दुर्जना: पीडयन्ति जनान् । यद्यपि सज्जनानां संख्या अधिका अस्ति तथापि दुर्जना एवं प्रबला: इति महदाश्चर्यम् । यतो हि सज्जना: प्राय: तटस्थाः भवन्ति । यदि दुर्जनानां प्रतिपदं विरोधं सज्जनाः करिष्यन्ति तर्हि निश्चयेन समाज: निर्भयो भविष्यति ।

Q. उपर्युक्त गद्य के अनुसार समाज में किसकी संख्या कम है ?

  • निर्भयों की
  • शिक्षकों की
  • सज्जनों की
  • दुर्जनों की

Q. उपर्युक्त गद्य के अनुसार दुष्ट लोग समाज में क्यों प्रबल दिखते है?

  • क्योंकि उनकी पहँच होती है।
  • क्योंकि सज्जन तटस्थ रहते हैं।
  • क्योंकि वे धनी होते हैं।
  • क्योंकि उनकी संख्या अधिक होती है।

‘निम्नलिखित श्लोक को पढ़िए तथा इससे सम्बद्ध प्रश्न सं. 88 एवं 89 के उत्तर दीजिए।
महान् वृक्षो जायते वर्धते च
        तं चैव भूतानि समाश्रयन्ति ।
यदा वृक्षश्छिद्यते दह्यते च
       तदाश्रया अनिकेता भवन्ति ।।

Q. इस श्लोक का भाव है।

  • वृक्ष को काटना या जलाना नहीं चाहिए ।
  • वृक्ष पर सारे प्राणी आश्रित होते हैं ।
  • वृक्ष महान् होता है।
  • प्राणी जो वृक्ष पर आश्रित होते हैं, वृक्ष के नष्ट होने पर वे भी निराश्रित हो जाते हैं।

Q. उपर्युक्त श्लोक में ‘भूतानि’ का तात्पर्य है ।

  • आश्रय
  • प्राणी
  • वृक्ष
  • नाश

Q. ‘भू’ धातु का लोट् लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन रूप है

  • भवानि
  • भवसि
  • भव
  • भवतु

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