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भारत का स्वतंत्रता आंदोलन

आज इस आर्टिकल में हम आपको भारत का स्वतंत्रता आंदोलन के बारे में बताने जा रहे है. जो निम्नलिखित है

भारत का स्वतंत्रता आंदोलन
भारत का स्वतंत्रता आंदोलन

भारत का स्वतंत्रता आंदोलन

  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना एक सेवानिवृत्त ब्रिटिश प्रशासनिक अधिकारी ए. ओ. आर्मी द्वारा 1885 ई. में की गई. कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन दिसंबर 1885 ई. में मुंबई में हुआ. इसमें कुल 72 सदस्यों ने भाग लिया था. इसके पहले अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी विरुद्ध दीनदयाल जी कांग्रेस के पहले मुस्लिम अध्यक्ष ( 1887 ई.)  तथा धार जार्ज यूले प्रथम इसाई तथा विदेशी अध्यक्ष (1828 ई.) थे.
  • बाल गंगाधर तिलक ने राष्ट्रवादी भावना को बढ़ाने के उद्देश्य से 1893 ई. में गणपति उत्सव तथा 1895 ई. में शिवाजी उत्सव प्रारंभ किया.
  • बंगाल में राष्ट्रीय चेतना को समाप्त करने के लिए लार्ड कर्जन द्वारा 16 अक्टूबर, 1995 ई. में बंगाल का विभाजन कर दिया. बंगाल विभाजन के विरोध में पूरे देश में स्वदेशी एवं बहिष्कार आंदोलन चलाया गया.
  • लाल, बाल एवं पाल क्रमशः लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक एवं विपिन चंद्र पाल को कहा जाता था. यह उग्रपंथी विचारधारा के समर्थक थे.
  • दादा भाई नौरोजी ने कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन (1906 ई.) में सर्वप्रथम स्वराज की मांग प्रस्तुत की. उन्हें ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया कहा जाता है.
  • स्वदेशी के मुद्दे पर 1907 ई. के कांग्रेस के सूरत अधिवेशन कांग्रेस का विभाजन दो भागों में हो गया. 1980 ई. में नवाब सलीमुल्ला के नेतृत्व में मुस्लिम लीग का गठन हुआ.
  • सरकार ने 1909 ई. में भारतीय परिषद अधिनियम पारित किया, जिसने पहली बार मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन क्षेत्र एवं मताधिकार की व्यवस्था दी गई थी.
  • 1911 ई. में दिल्ली में इंग्लैंड के सम्राट जॉर्ज पंचम एवं महारानी मेरी के स्वागत में भव्य दरबार का आयोजन किया गया. इस समारोह  मैं बंगाल विभाजन को रद्द करने तथा भारत की राजधानी कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा की गई.
  • 1916 ई. में लखनऊ में आयोजित आयोजित कांग्रेस के अधिवेशन में कांग्रेस के विभाजित धड़ों में समझौता हो गया. इसी अधिवेशन में पहली बार कांग्रेस एवं मुस्लिम लीग एक मंच पर आए.
  • स्वशासन की मांग तेज करने के लिए बाल गंगाधर तिलक ने अप्रैल, 1960 ई. मेंथा एनी बेसेंट सितंबर, 1916 ई. होमरूल लीग का गठन किया.
  • कांग्रेस के 1917 ई. के कोलकाता अधिवेशन की अध्यक्षता श्रीमती एनी बेसेंट ने की. किस पद पर चुने जाने वाली पहली महिला थी. 20 अगस्त, 1917 को ब्रिटेन की संसद में मांटेग्यू ने एक प्रस्ताव पेश किया जो अगस्त घोषणा के नाम से जाना जाता है, के अनुसार भारत में प्रशासन की हर शाखा में भाग प्रतिनिधित्व प्रदान करने की बात कही गई थी.
  • 1919 ई. के भारत सरकार अधिनियम द्वारा प्रांतों में द्वैध शासन की व्यवस्था की गई. पंजाब के दो महत्वपूर्ण नेता सैफुद्दीन किचलू तथा डॉक्टर सत्यपाल की गिरफ्तारी के विरोध में अमृतसर के जलियांवाला बाग में 13 अप्रैल, 1919 ई. विशाल जनसभा आयोजित की गई थी.
  • जनरल डायर के आर्डर पर गोलियां चलाई गई, जिसमें सैकड़ों  निहथे लोग मारे गए. इसे जलियांवाला बाग हत्याकांड के नाम से जाना जाता है. जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में रविंद्र नाथ टैगोर ने अपनी सर की उपाधि लौटा दी.
  • 1920 ई. में तुर्की के खिलाफा के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार के विरोध में भारत में खिलाफत आंदोलन चलाया गया.
  • कांग्रेस ने गांधी जी के नेतृत्व में 1920 ई. में ऐसे आंदोलन प्रारंभ किया. 5 फरवरी, 1922 ई. उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के चोरी-पुराना मकान पर उत्तेजित भाइयों को थाने में जिंदा जला दिया. सुबोध होकर गांधीजी ने आंदोलन को तत्काल वापस ले लिया.
  • जनवरी, 1923 ई. चितरंजन दास मोतीलाल नेहरू ने कांग्रेस पार्टी की स्थापना की.
  • 1923 ई. के चुनाव में स्वराज पार्टी केंद्रीय विधायिका में विट्ठल भाई पटेल को अध्यक्ष के पद पर निर्वाचित करवाने में सफल रही.
  • 8 नवंबर, 1927 को 1919 ई. के भारत सरकार अधिनियम की समीक्षा करने के लिए साइमन कमीशन का गठन किया गया.
  • 3 फरवरी, 1928 ई . साइमन कमीशन भारत आया, लेकिन इसमें एक भी भारतीय ना होने के कारण देश भर में इसका विरोध किया गया. इस दौरान लाहौर में लाला लाजपत राय को गंभीर चोट लगी, जिसके कारण बाद में उनकी मृत्यु हो गई.
  • 1929 ई. के कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन की अध्यक्षता करते हुए, जवाहर लाल नेहरू ने पूर्ण स्वराज का लक्ष्य घोषित किया.
  • 31 दिसंबर, 1929 ई. को लाहौर में रावी नदी के तट पर जवाहरलाल नेहरू ने तिरंगे झंडे को फहराया.
  • 12 मार्च,  1930 ई. को महात्मा गांधी ने 78 स्वयंसेवकों के साथ साबरमती आश्रम से दांडी के लिए प्रस्थान किया.
  • 6 अप्रैल 1930 ई. कोटडी पहुंचकर गांधी जी ने नमक कानून तोड़कर सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की.
  • 5 मार्च, 1931 को गांधी जी एवं तत्कालीन वायसराय इरविन के बीच हुए समझौते के बाद सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित कर दिया गया.
  • लंदन में आयोजित तीन गोलमेज सम्मेलनों में कांग्रेस ने सिर्फ द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया. इसमें कांग्रेस को प्रतिनिधित्व महात्मा गांधी ने किया था.
  • ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्जे मैकडोनाल्ड आवारा द्वारा 1932 ई. दलितों के लिए पृथक निर्वाचन संबंधी संप्रदायिक पंचाट (कम्युनल अवार्ड) की घोषणा की गई.

भाषा और साहित्य – भारतीय इतिहास

  • जयप्रकाश नारायण, आचार्य नरेंद्र देव मुनि मसानी के प्रयासों से 1934 ई. कांग्रेस समाजवादी दल का गठन किया गया.
  • भारत सरकार अधिनियम 1935 के अंतर्गत प्रांतीय स्वायत्तता की व्यवस्था की गई तथा एक संघीय न्यायालय के गठन का प्रावधान किया गया. 1960 ई. के प्रांतीय विधानसभाओं के चुनाव के बाद कांग्रेस ने 8 प्रांतों में अपनी सरकार बनाई.
  • मोहम्मद अली जिन्ना ने 1940 ई. मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन में पाकिस्तान की मांग की.
  • 8 अगस्त, 1942 ई. मुंबई के मैदान में भारत छोड़ो आंदोलन प्रारंभ करते हुए, महात्मा गांधी ने करो या मरो का नारा दिया. महात्मा गांधी में सफेद होने के कारण सुभाष चंद्र बोस ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर 1939 ई. में फॉरवर्ड ब्लॉक का गठन किया.
  • आजाद हिंद फौज के गठन का विचार सर्वप्रथम मोहन सिंह के मन में आया था.
  • 21 अक्टूबर, 1943 ई.कोटवा चंद्र बोस ने सिंगापुर में ऐसे कई भारत सरकार आजाद हिंद सरकार की स्थापना की.
  • दिल्ली चलो तथा तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा का नारा सुभाष चंद्र बोस ने दिया था. महात्मा गांधी को सर्वप्रथम राष्ट्रपति सुभाष चंद्र बोस ने कहा था.
  • 1946 ई. में कैबिनेट मिशन भारत आया. इसके सदस्य थे – स्टेफर्ड क्रिप्स, पैथिक लारेंस एवं ए. वि. अलेकजेंडर .कैबिनेट मिशन की चतुर्थी पर ही संविधान सभा का गठन किया गया था.
  • 3 जून, 1947 ई. को तत्कालीन वायसराय माउंटबेटन ने माउंटबेटन योजना प्रस्तुत की, जो बाद में भारत विभाजन का आधार बनी.
  • 15 अगस्त, 1947 ई. को भारत एवं पाकिस्तान नाम के दो नए राष्ट्र असितत्व में आए.
  • भारत की स्वतंत्रता के समय ब्रिटेन के प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली थे.
  • भारत की स्वतंत्रता के समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष जे. बी. कृपलानी थे.
  • स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल लॉर्ड माउंटबेटन थे बाद में चक्रवर्ती राजगोपालचारी प्रथम एवं अंतिम भारतीय गवर्नर जनरल बने.

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