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धातु और अधातु के गुण, अंतर और उपयोग


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धातुओं के भौतिक गुण

  • धात्विक चमक- शुद्ध अवस्था में धातुओं में एक चमक होती है जिसे धात्विक चमक कहते हैं, जैसे सोना, चांदी।
  • कठोरता- पारे और सोडियम को छोड़कर साधारण  धातुएँ में कठोर होती है। कठोरता विभिन्न धातुओं में भिन्न भिन्न होता है, जैसे लोहा, तांबा।
  • आघातवर्धनीय – धातुएँ आघातवर्धनीय  होती है। धातुओं को पीटकर चादर है बनाई जा सकती है।
  • तन्यता- धातुएँ तन्य होती है। धातुओं के तार खींचे जा सकते हैं।
  • चालकलता- धातुएं विद्युत  और ऊष्मा के सुचालक होती है।
  • भौतिक अवस्था- साधारण ताप पर सभी धातुएं ठोस होती है, परंतु पारा तरल अवस्था में होता है।
  • गलनांक –धातुओं का गलनांक प्राय बहुत अधिक होता है।

अधातुओं के प्रमुख उपयोग

  1. ऑक्सीजन का उपयोग पौधे और  प्राणी श्वसन क्रिया के लिए करते हैं।
  2. कारखानों, घरों, हवाई जहाजों और प्रक्षेपास्त्रों में ऑक्सीजन दहन अभिक्रिया में सहायक होती है।
  3. नाइट्रोजन पोषक रूप में पौधों को पोषण प्रदान करती है।
  4. क्लोरीन को कीटाणुओं को नष्ट करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  5. सल्फर का उपयोग सल्फ्यूरिक अम्ल बनाने में किया जाता है, जो एक महत्वपूर्ण औद्योगिक रसायन है।
  6. आयोडीन का एल्कोहल में घोल, जोकि टिंक्चर आयोडीन कहलाता है, का प्रतिरोधि के रूप में किया जाता है।
  7. नाइट्रिक अम्ल का उपयोग नाइट्रेट अम्ल बनाने में किया जाता है।
  8. सिल्वर नाइट्रेट का उपयोग फोटोग्राफी में किया जाता है।

अधातुओं के भौतिक गुण

  1. चमक- अधातुओं  में हल्की चमक होती है। सामान्यतया यह प्रकाश का भली-भांति परावर्तन नहीं करती।
  2. कठोरता- अधातुएँ प्राय कठोर नहीं होती, परंतु हीरा एक आधातु है जो सभी पदार्थों में कठोरतम माना जाता है।
  3. आघातवर्धनीय –अधातुएँ आघातवर्धनीय नहीं होती अर्थात अधातुओं  को पीटकर चादरें नहीं बनाई जा सकती। ठोस अधातुएँ भंगुर होती है।
  4. तन्यता- अधातुएँ तन्य नहीं होती अर्थात अधातुओं  के तार नहीं खींचे जा सकते।
  5. चालकता- अधातुएँ  प्राय विद्युत तथा ऊष्मा की कुचालक होती है, परंतु ग्रेफाइट धातु विद्युत व  ऊष्मा की सुचालक है।
  6. भौतिक अवस्था- अधातुएँ तीनों अवस्थाओं (ठोस, द्रव्य ,गैस) में पाई जाती है।
  7. घनत्व-अधातुओं  का घनत्व प्राय: कम होता है।
  8. गलनांक- अधातुओं  का गलनांक  प्राय: कम होता है परंतु ग्रेफाइट इसका अपवाद है,
  9. क्वथनांक-अधातुओं का क्वथनांक प्राय: कम होता है।

धातुओं तथा अधातुओं के गुणों में अंतर

धातु अधातु
पारे को छोड़कर सभी धातुएं साधारण ताप पर ठोस होती है।  पारा साधारण ताप पर द्रव होता है। अधातुएँ तीनों अवस्थाओ में पाई जाती है।  
इनमें धात्वीय चमक होती है। इनमें धात्वीय चमक नहीं होती, परंतु ग्रेफाइट व आयोडीन में हल्की चमक पाई जाती है।
यह प्राय कठोर होती है, परंतु सोडियम और पोटैशियम को चाकू से काटा जा सकता है। यह कठोर नहीं होती परंतु हीरा एक अधातु है जो सभी पदार्थों में कठोरतम माना जाता है।
इनमे गलनांक प्राय: अधिक होते हैं। इनमे गलनांक प्राय : कम होते हैं परंतु ग्रेफाइट 3700० C  पर पिघलता है।
इनका क्व्थनांक काफी अधिक होता है। इनका क्वथनांक काफी कम होता है।
इनमें आघातवर्धनीयत्ता का गुण पाया जाता है। इनमें आघातवर्धनीयत्ता का गुण नहीं पाया जाता।
इनमें प्राय तन्यता  का गुण पाया जाता है। यह तन्य नहीं होती बल्कि भंगुर होती है।
इन का आपेक्षिक घनत्व प्राय: अधिक होता है परंतु सोडियम पोटैशियम का  घनत्व कम होता है। इनका आपेक्षिक घनत्व प्राय: कम होता है।
यह अधिकतर ऊष्मा और विद्युत की सुचालक होती है। यह प्राय: ऊष्मा और विद्युत की कुचालक होती है, परंतु ग्रेफाइट सुचालक है।
यह ऑक्सीजन के साथ मिलकर प्राय: क्षारीय ऑक्साइड बनाती है। यह ऑक्सीजन के साथ मिलकर प्राय अम्लीय आक्साइड बनाती है।

धातुओं के प्रमुख उपयोग

  1. तांबा तथा एल्युमीनियम जैसी धातुएं विद्युत धारा को संचालित करने के लिए प्रयुक्त की जाती है।
  2. लोहे ,एलुमिनियम तथा तांबे जैसी धातुओं को घरेलू बर्तन तथा कारखानों की मशीनें बनाने के लिए प्रयुक्त किया जाता है।
  3. सोने या चांदी का उपयोग आभूषण बनाने में होता है।
  4. एलुमिनियम के वर्क खाद्य पदार्थों को पैक करने में प्रयुक्त होते हैं।
  5. तरल धातु पारे का उपयोग तापमापी में किया जाता है।
  6. टाइटेनियम तथा जिर्कोंनियम जैसी धातुओं का उपयोग नाभिकीय ऊर्जा तथा अंतरिक्ष विज्ञान के प्रोजेक्ट में होता है।
  7. कंप्यूटरों और सोलर सेलों में सूक्ष्म विद्युत संपर्क के लिए सोने और चांदी का उपयोग किया जाता है।
  8. चांदी का उपयोग परावर्तन शक्ति वाले दर्पण बनाने में किया जाता है।
  9. कुछ धातुएँ यौगीक रूप में  दैनिक जीवन में उपयोग होती है जैसे साधारण नमक व सीमेंट।

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