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पारिस्थितिकी और पर्यावरण ( Ecology and Environment )

आज इस आर्टिकल में हम आपको पारिस्थितिकी और पर्यावरण से जुडी कोई जानकारी देने जा रहे है जिससे आपको पारिस्थितिकी, पारिस्थितिक पिरामिड, बायोगैस, अम्ल वर्षा जैसे शब्दों की परिभाषा का पता लगेगा.

पारिस्थितिकी और पर्यावरण ( Ecology and Environment )

पारिस्थितिकी और पर्यावरण ( Ecology and Environment )

पारिस्थितिकी

पर्यावरण के सजीव तथा निर्जीव अवयवो  के पारस्परिक के लिए से उत्पन्न होने वाला तंत्र पारिस्थितिकी तंत्र कहलाता है.

खाद्य श्रंखला उत्पादकों से उपभोक्ताओं तक जीव धारियों की श्रेणी के द्वारा ऊर्जा के स्थानांतरण की प्रक्रिया है.

पारिस्थितिक पिरामिड

पारिस्थितिक पिरामिड तीन प्रकार के होते हैं –  

  1. संख्या का पिरामिड
  2. जीवन का पिरामिड
  3. ऊर्जा का पिरामिड.

बायोगैस

बायोगैस का आविष्कार वोल्टा (1776)  ने किया था. इसे गोबर गैस भी कहते हैं.

यह अपशिष्ट पदार्थों के सेवन से प्राप्त होने वाली गैस है.

इसमें 50 – 70% मीथेन 30 – 40% कार्बन डाइऑक्साइड, हाइड्रोजन हाइड्रोजन सल्फाइड होती है.

गैस खाना पकाने, प्रकाश, विद्युत कार्य हेतु जाती की जाती है.

पौधों में परिवहन (Transportation in plants)

अम्ल वर्षा

अधिक वायु की प्रकृति में नाइट्रोजन ऑक्साइड एवं सल्फर डाइऑक्साइड की मात्रा वायुमंडल में बढ़ जाती है.

यह गैस नाइट्रिक अम्ल एवं सल्फ्यूरिक अम्ल बनती है.

जब यह अम्ल वर्षा के साथ भूमि पर पहुंचते हैं, तो इसे अम्लीय वर्षा कहते हैं.

अम्लीय वर्षा का ph 4 से 4.5 होता है.

पर्यावरण

पर्यावरण शब्द दो शब्दों, प्री+आवरण से मिलकर बना है.

प्री से तात्पर्य चारों ओर से है तथा आवरण से तात्पर्य उन तत्वों से हैं जो हमसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संबंधित है तथा एक आवरण जैसा रूप रखते हैं अर्थात: पर्यावरण का अर्थ हमारे चारों ओर उपस्थित स्वयं से हैं जो हमसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संबंधित हैं.

पर्यावरण को हम निम्न प्रकार से परिभाषित कर सकते हैं.

हमारे चारों ओर के वातावरण, में, सजीव निर्जीव, जैविक एवं अजैविक घटकों तथा उनके मध्य के अंतर्संबंध सम्मिलित है पर्यावरण कहलाता है.

आज इस आर्टिकल में हमने आपको पारिस्थितिकी और पर्यावरण, पारिस्थितिकी पिरामिड, पारिस्थितिकी के जनक, पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन, सामाजिक पारिस्थितिकी, पारिस्थितिकी अनुक्रमण के बारे में बताया है.

अगर आपको इससे जुडी कोई अन्य जानकारी चाहिए तो आप कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते है.

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