G.K

गवर्नर जनरल एवं वायसराय

बंगाल के गवर्नर

रॉबर्ट क्लाइव (1750-60 ई. एव पुनः 1765-67 ई.)

ने बंगाल में द्वैध शासन स्थापित किया. इसने बंगाल के समस्त क्षेत्र के लिए दो उप दीवान, बंगाल के लिए मोहम्मद रजा का और बिहार के लिए राजा शिताब राय को नियुक्त किया.

वारेन हेस्टिंग्स (1772- 85 ई.)

दीवानी द्वारा 1774 ईसवी में बंगाल का पहला गवर्नर जनरल बनाया गया. 1773 रेगुलेटिंग अधिनियम पारित किया गया. 1784 का पिट्स इंडिया अधिनियम ने कंपनी के कामकाज को ब्रिटिश संसद के नियंत्रण में कर दिया. इस पर इंग्लैंड के हाउस ऑफ कॉमंस में महाभियोग चलाया गया था.

लाड कार्नवालिस (1786- 93 ई.)

1793 ईसवी में बंगाल में स्थाई बंदोबस्त के रूप में एक नई राजस्व पद्धति की शुरुआत की गई. यह प्रथा बंगाल और बिहार में लागू थी. इसी के समय 1792 ईसवी में जोनाथन डंकन ने बनारस में संस्कृत विद्यालय की स्थापना की. लाड कार्नवालिस ने भारत में सिविल सेवाओं को आरंभ किया.

लार्ड वेलेजली (1798 – 1805 ई.)

कोलकाता में नागरिक सेवा में भर्ती किए गए युवकों को प्रशिक्षित करने के लिए फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना की, इसने सहायक संधि की नीति प्रतिपादित की.

लॉर्ड विलियम बैंटिक (1828 – 35 ई.)

चार्टर एक्ट  18 से 30 ईसवी के तहत चीन के साथ कंपनी का व्यापारिक एकाधिकार समाप्त किया गया. वह सामाजिक सुधारों के लिए प्रसिद्ध है, उसने सती प्रथा 1829 ईस्वी, कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं पर  पर रोक लगाई. इसके काल में अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाया गया.

लॉर्ड डलहौजी (1848 – 56 ई.)

ईसने डॉक्ट्रिन ऑफ़ लैप्स की नीति प्रतिपादित की.  शिमला को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया. जिस के कार्यकाल में लोक निर्माण विभाग की स्थापना की गई तथा 18 से 53 ईसवी में पहली रेलगाड़ी चलाई गई.

इंडियन सिविल सर्विस में भारतीयों का प्रवेश सुनिश्चित हुआ. 18 से 56 ईसवी में विधवा पुनर्विवाह अधिनियम पारित हुआ. पहली बार डाक टिकटों  को इस समय जारी किया गया तथा कोलकाता और आगरा के मध्य तार सेवा प्रारंभ हुई.

भारत के वायसराय

लॉर्ड कैनिंग (1856-62 ई.)

यह भारत का अंतिम गवर्नर जनरल तथा प्रथम वायसराय था. 18 सो 57 की क्रांति के कार्यकाल में हुई थी, इसने बंगाल काश्तकारी अधिनियम लागू किया. भारतीय दंड संहिता अस्तित्व में आई. तथा उच्च न्यायालय की स्थापना की गई. 18 सो 57 ईसवी में कोलकाता, मद्रास और बंबई में विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई.

लॉर्ड लिटन (1876-80 ई.)

लॉर्ड लिटन ने दिल्ली में एक भव्य दरबार ( 1878 ई.)  का आयोजन किया, जिसमें विक्टोरिया को भारत की महारानी घोषित किया गया. इसलिए सिविल सेवा में प्रवेश की अधिकतम आयु सीमा 21 वर्ष से घटाकर 19 वर्ष की. 18 सो 78 ई. में भारतीय समाचार- पत्थरों पर प्रतिबंध लगा दिया.  

लार्ड रिपन (1880-84 ई.)

18 से 81 ईसवी में नियमित जनगणना आरंभ हुई. 18 से 82 ईसवी में वर्नाक्यूलर अधिनियम को रद्द कर दिया गया. 18 से 83 ईसवी में इल्बर्ट बिल पारित किया गया, जिसने जातीय भेदभाव के आधार पर किए जा रहे न्यायिक अयोग्यता को दूर किया. फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने अपन को भारत के उद्धारक की संज्ञा दी. इसे स्थानीय स्वशासन का जनक कहा जाता है.

लार्ड डफरिन (1848 – 88 ई.)

किसके शासनकाल में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना ( 28 दिसंबर, 1885)  में हुई तथा तृतीय आंग्ल -बर्मा युद्ध ( 1885 – 88 ई.) में हुआ.

लार्ड कर्जन (1899-1905 ई.)

वर्ष 1950 में बंगाल का विभाजन किया गया.

लॉर्ड मिंटो द्वितीय (1905-10 ई.)

वरिष्ठ 1909 के एक में मुस्लिमों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल की व्यवस्था की गई. मार्ले- मिंटो सुधार वर्ष 1990 केंद्रीय और प्रांतीय विधान परिषदों में निर्वाचित सदस्यों की संख्या बढ़ाई गई.

राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन संबंधी प्रमुख वचन\नारे

स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है बाल गंगाधर तिलक
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है राम प्रसाद बिस्मिल
सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा  इकबाल
वंदे मातरम वकील चंद्र चटर्जी
हमने घुटने टेककर रोटी मांगी, किंतु पत्थर मिले महात्मा गांधी
जन-  जन- गण- मन अधिनायक जय हो रविंद्र नाथ टैगोर
हु लिव्स इफ इंडिया डाइज जवाहरलाल नेहरू
इंकलाब जिंदाबाद भगत  सिंह
दिल्ली चलो  सुभाष चंद्र बोस
करो या मरो महात्मा गांधी
जय हिंद सुभाष चंद्र बोस
यह एक ऐसा चेक है, जिसका बैंक पहले ही नष्ट हो जाने वाला था. महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू क्रिप्स प्रस्ताव के संदर्भ में
समूचा भारत एक विशाल बंदीगृह है सी आर दास
मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश साम्राज्य के कफन में कील सिद्ध होगी लाला लाजपत राय
पूर्ण स्वराज जवाहरलाल नेहरू
हिंदी, हिंदू हिंदुस्तान भारतेंदु हरिश्चंद्र
तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा सुभाष चंद्र बोस
वेद की ओर लौटो स्वामी दयानंद सरस्वती
आराम हराम है जवाहरलाल नेहरू
भारत छोड़ो महात्मा गांधी

बीसवीं शताब्दी के प्रमुख किसान आंदोलन\संगठन

आन्दोलन\संगठन संस्थापक\अध्यक्ष\नेतृत्व वर्ष
चंपारण सत्याग्रह महात्मा गांधी 1917 ई.
खेड़ा सत्याग्रह महात्मा गांधी 1918 ईसवी
उत्तर प्रदेश किसान सभा( संयुक्त प्रांत किसान सभा) गोरी शंकर मिश्र, इंद्र नारायण द्विवेदी एवं मदन मोहन मालवीय 1918 ईसवी
अवध किसान सभा बाबा रामचंद्र 1920 ईसवी
एका आंदोलन  मद्रासी पासी एवं सहदेव 1921 ईसवी
बारदौली सत्याग्रह वल्लभ भाई पटेल 1928 ईसवी
बिहार किसान सभा  स्वामी सहजानंद सरस्वती 1929 ई.
अखिल भारतीय किसान सभा स्वामी सहजानंद सरस्वती 1936 ई.
तेभागा आंदोलन कंपाराम, पवन सिंह 1946  ई.

राष्ट्रीय स्वंतन्त्रता आन्दोलन से सम्बन्धित महत्वपूर्ण संस्थाएँ

संस्थाएं स्थापना वर्ष प्रमुख सूत्रधार
बंबई प्रेसीडेंसी एसोसिएशन 1885 फिरोजशाह मेहता तेलंग
इंडियन सोशल कांफ्रेंस 1887 महादेव गोविंद रानाडे
यूनाइटेड इंडियन पेट्रियोटिक एसोसिएशन 1888 सर सैयद अहमद खान
गदर पार्टी 1913 हरदयाल, काशी राम सा मोहन सिंह
होम रूल लिंग 1916 बाल गंगाधर तिलक
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया 1920 एम एन राय
सेंटर ऑफ पीपुल सोसाइटी 1920 लाला लाजपत राय
स्वराज पार्टी 1923 मोतीलाल नेहरू, चितरंजन दास एवं एनसी केलर
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ 1925 केबी हेडगेवार
हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन 1928 चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह
अखिल भारतीय किसान सभा 1936 मीनू मसानी, अशोक मेहता
फॉरवर्ड ब्लॉक 1939 सुभाष चंद्र बोस
रेडिकल डेमोक्रेटिक 1940 एमें राय

संविधान का संग्राम से संबंधित पत्र\पत्रिकाएं एवं पुस्तकें

पुस्तकें\पत्र लेखक\संपादक पुस्तकें\पत्र लेखक\संपादक
अल हिलाल (पत्र) मौलाना आजाद  राफ्त गुप्फ्तार (पत्र) दादाभाई नौरोजी
अनहैप्पी इंडिया लाला लाजपत राय लीडर (पत्र) मदन मोहन मालवीय
अभ्युदय (पत्र) मदन मोहन मालवीय सोम प्रकाश ईश्वर चंद्र विद्यासागर
 इंडियन मिरर ( पत्र) रविंद्र नाथ टैगोर संवाद कौमोदी राजा राममोहन राय
इंडिया डिवाइडेड डॉ राजेंद्र प्रसाद हिंद स्वराज महात्मा गांधी
इंडिपेंडेंनट (पत्र) मोतीलाल नेहरू हिंदुस्तान (पत्र) मदन मोहन मालवीय
इंडिया विंस फ्रीडम मौलाना आजाद हमदर्द (पत्र) मोहम्मद अली
हरिजन  (पत्र) महात्मा गांधी इंडियन स्ट्रगल सुभाष चंद्र बोस
न्यू इंडिया एनी बेसेंट इंडिया फॉर इंडियंस शारदा
नेशनल  (पत्र) गोपाल कृष्ण गोखले इंडियन अनरेस्ट वेलेंटाइन शिरोल

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