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मौर्य साम्राज्य

आज इस आर्टिकल में हम आपको मौर्य साम्राज्य के बारे में  बताने जा रहें है जो हमारे एग्जाम में मदद करेंगे जो बहुत ही महत्वपूर्ण है

मौर्य साम्राज्य
मौर्य साम्राज्य

मौर्य साम्राज्य

चंद्रगुप्त मौर्य ( 322 ई.पु.-  228 ई.पु.)

इन्होने नक्शे की सहायता से नंद वंश के शासक धनानंद को अपदस्थ कर मौर्य साम्राज्य की स्थापना की. सेल्यूकस ने मेगस्थनीज को अपने राजदूत के रूप में चंद्रगुप्त के दरबार में भेजा था. सैंड्रोकोट्स की पहचान चंद्रगुप्त के रूप में सर्वप्रथम विलियम जोंस ने की. चंद्रगुप्त मौर्य ने अपने अंतिम समय में जैन भिक्षु भद्रबाहु से दीक्षा लेकर श्रवणबेलगोला में काया क्लेश के द्वारा प्राण त्याग दिया.

बिंदुसार (298 ई. पु.- 272 ई.पु.)

बिंदुसार को अमित्रघात के नाम से भी जाना जाता है. वह आजीवक संप्रदाय का अनुयायी था. बिंदुसार ने सीरिया के साथ सके एण्टियोकस अंजीर मंदिरा तथा एक दार्शनिक की मांग की थी.

गुप्त साम्राज्य

अशोक (273 ई.पु.- 232 ई. पु.)

अशोक अपनी प्रजा के नैतिक उत्थान के लिए प्रतिपादित धर्म के लिए विशेष विख्यात है.

अशोक ने अपने शासन के 8 वें वर्ष ( 261 ई.पु.) में कलिंग पर आक्रमण किया तथा उसे जीत लिया. कलिंग के साथ हुए युद्ध में भारी रक्त आपको देख अशोक ने युद्ध नीति को छोड़ धर्म नीति का पालन किया.

अशोक ने अपने बड़े भाई सुमन के पुत्र निग्रोध से प्रभावित होकर बौद्ध धर्म को अपनाया. बाद में उपगुप्त ने उसे बौद्ध धर्म में दीक्षित किया. अशोक के धर्म की परिभाषा राहुलोवादसुत्त से ली गई है.

अशोक के कलिंग युद्ध तथा हृदय परिवर्तन की जानकारी उसके 31वें शिलालेख से मिलती है.

अशोक ने अपने शासकीय एवं राजकीय आदेशों को शिलालेख पर खुदवाकर सम्राज्य के विभिन्न भागों में स्थापित किया. यह शिलालेख ब्राही, खरोस्ठी,अरामाईक तथा ग्रीक लिपि में है.

अशोक के शिलालेखों का पता सर्वप्रथम टी. फैनथेलर ने लगाया तथा इसे पढ़ने में सर्वप्रथम सफलता जेम्स प्रिंसेप को मिली.

मौर्य साम्राज्य में उच्च स्तर के अधिकारियों को तीर्थ कहा जाता था, जिनकी संख्या 18 बताई गई है. कौटिल्य ( चाणक्य) के अर्थशास्त्र तथा मेगस्थनीज की इंडिका से मौर्य साम्राज्य के बारे में विशेष जानकारी मिलती है.

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