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मध्य प्रदेश में कला और पुरस्कार से जुडी जानकारी


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मध्य प्रदेश तानसेन की संगीत भक्ति का स्थान है और ध्रुपद एवं ख्याल का जन्म भी यही हुआ है। सबसे पुराना माधव संगीत स्कूल यहीं स्थित है जो सन् 1918 ईसवी में पंडित विष्णु नारायण भातखंडे के मार्गदर्शन में शुरू हुआ था।

कला के क्षेत्र में सृजनात्मक श्रेष्ठता को प्रोत्साहन देने की दृष्टि से कालिदास पुरस्कार की स्थापना 1980 में की गई. यह पुरस्कार शास्त्रीय संगीत, रूपंकर कला व रंगकर्म के क्षेत्र में पृथक-पृथक रूप से दिया जाता है।

वर्ष 1980 में स्थापित तानसेन सम्मान संगीतकारों को उनकी उत्कृष्टता, सर्जनात्मक और निष्ठा के लिए दिया जाता है।  इसके अंतर्गत ₹100000 की धनराशि प्रदान की जाती है।

लता मंगेशकर पुरस्कार की स्थापना नवंबर 1984 में की गई थी। यह पुरस्कार सुगम संगीत के क्षेत्र में उच्च स्तरीय उपलब्धि, दीर्घ साधना, रचनात्मकता और कलाकार की वर्तमान में सृजन सक्रियता के मानदंडों के आधार पर प्रदान किया जाता है।  इस प्रकार के अंतर्गत ₹1,00,000 और प्र्शिस्त पत्र प्रदान किया जाता है। प्रथम लता मंगेशकर पुरस्कार संगीतकार नौशाद को दिया गया था।

पुरस्कार एवं सम्मान

पुरस्कार एवं सम्मान क्षेत्र धन राशि (रुपए)
कालिदास सम्मान शास्त्रीय संगीत, रुपकर कला, रंगकर्म, शास्त्रीय नृत्य ₹2 लाख
शिखर समान साहित्य, प्रदर्शनकारी कलाए, के रूपकर  कलाएं 62 हजार
तानसेन सम्मान शास्त्रीय संगीत 2 लाख
तुलसी सम्मान लोक एवं प्र्म्पारिक कलाएं 2 लाख
लता मंगेशकर पुरस्कार सुगम संगीत 2 लाख
जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार 1982 में स्थापित है) आधारभूत विज्ञान तकनीकी ,विकास इंजीनियरिंग विज्ञान 1 लाख
मैथिलीशरण गुप्त सभा हिंदी कविता 2 लाख
कबीर समान भारतीय कविता 3 लाख
इकबाल सम्मान उर्दू साहित्य 2 लाख
महात्मा गांधी सब गांधी दर्शन के अनुरूप सामाजिक कार्य 10 लाख
शरद जोशी सम्मान हिंदी व्यंग्य लेखन 2 लाख
कुमार गंधर्व सम्मान युवा शास्त्रीय संगीत का 1.25 लाख
किशोर कुमार सम्मान संगीत 2 लाख
देवी अहिल्याबाई समान विशेष क्षेत्र 2 लाख
रामचंद्र शुक्ल पूर्व आलोचना 11,000
पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी पुरस्कार व्यंग्य ललित निबंध, संस्मरण,  रेखा चित्र ,यात्रा, आत्मकथा, डायरी,पत्र रिपोतार्ज 11,000

कबीर सम्मान मध्य प्रदेश साहित्य परिषद द्वारा कविता के क्षेत्र में प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार के अंतर्गत ₹1,50,000 की धनराशि प्रदान की जाती है।

मैथिलीशरण गुप्त सम्मान हिंदी कविता के क्षेत्र में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है। इस सम्मान के तहत ₹1,00,000 की धनराशि प्रदान की जाती है।

उर्दू में श्रेष्ठ रचनात्मक लेखन हेतु इकबाल समान उर्दू के सुप्रसिद्ध कवि इकबाल के नाम से दिया जाता है इसके तहत पुरस्कार राशि ₹50,000 है।

मध्यप्रदेश के इंदौर शहर से प्रकाशित होने वाले प्रख्यात दैनिक नई दुनिया के प्रबंध संपादक स्वर्गीय नरेंद्र तिवारी की स्मृति में राज्य सरकार ने श्रेष्ठ पत्रकारिता के लिए नरेंद्र तिवारी समृद्धि साज-सज्जा पुरस्कार से प्रारंभ किया है। इसके तहत ₹51,000 की नकद राशि व प्रशासित पत्र प्रदान किया जाता है। वर्ष 1989 में दैनिक आचरण ग्वालियर तथा 1990 में दैनिक भास्कर इंदौर को पुरस्कृत किया गया था।

खजुराहो नृत्य समारोह अंतरराष्ट्रीय महत्व का सात दिवसीय समारोह भारतीय शास्त्रीय नृत्यों का सबसे बड़ा सामारोह है। इसमें नृत्य की सभी विधाओं जैसे कथक, कुचिपुड़ी, ओडिशा, भारतनाट्यम, मणिपुरी, मोहिनीअट्टम आदि के कलाकार भाग लेते हैं। इसमें विदेशी सैलानियों और नृत्य विशेषज्ञों के अलावा क्षेत्रीय नागरिक भी अत्यधिक संख्या में भाग लेते हैं।

तानसेन समारोह का आयोजन मध्यप्रदेश शासन की संस्कृति विभाग द्वारा गवालियर में प्रतिवर्ष किया जाता है। इसमें संगीत के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

मालवा उत्सव की शुरुआत मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने 1991 में की आयोजन प्रति वर्ष गणेश चतुर्थी से इंदौर उज्जैन और माडू में संयुक्त रूप से होता है।

स्वर्गीय प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने 13 फरवरी 1982 को भोपाल में भारत रत्न का उद्घाटन किया था। सर्जनात्मक कलाओं के प्रशिक्षण, अन्वेषण, नवप्रवर्तन, उन्नयन,और प्रसार के लिए भारत भवन उत्कृष्टता के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित किया गया है। भारत भवन मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक नीति को व्यापक क्रियान्वयन है। यह ललित और प्रदर्शनकारी कला हो तथा साहित्य का समागम स्थल है। भारत भवन एक न्यास के अधीन है। भारत भवन साहित्य और कलाओं की आलोचना पर हिंदी में पूर्वा गृह (द्विमासिक) पत्रिका और साहित्य और ललित कलाओं पर केंद्रित अंग्रेजी पत्रिका बहुवचन प्रकाशित करता है।

मध्य प्रदेश कला परिषद की स्थापना वर्ष 1952 में हुई इसका उद्देश्य राज्य में संगीत, नृत्य, रंगमंच, ललित कला और लोक कलाओं का समस्त संभव द्वारा समान, विस्तार, प्रोत्साहन और संरक्षण करना है।  परिषद राज्य की संगीत, नृत्य, नाटक, और ललित कलाओं की राज्य अकादमी के रूप में 1952 से कार्यरत हैं।

मध्यप्रदेश शासन द्वारा फैलोशिप

  • साहित्य- अमृता शेरगिल फेलोशिप
  • ललित कला- अमृता शेरगिल फेलोशिप
  • संगीत- उस्ताद अलाउद्दीन खां फैलोशिप
  • लोक कला- चक्रधर फेलोशिप
  • गैर हिंदी भारतीय भाषा में हिंदी कविता के अनुवाद के लिए- श्रीकांत वर्मा फैलोशिप इन सभी क्षेत्रों में ₹1000 मासिक राशि प्रदान की जाती है।

अन्य पुरस्कार

पुरस्कार क्षेत्र
वीर सिंह देव पुरस्कार उपन्यास
गजानन माधव मुक्तिबोध पुरस्कार कहानी
भवानी प्रसाद मिश्र पुरस्कार कविता
सेठ गोविंद दास पुरस्कार नाटक एवं एकांकी
माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार कविता
 सुभद्रा कुमारी चौहान पुरस्कार कहानी
बालकृष्ण शर्मा नवीन पुरस्कार गीत प्रबंध
विश्वनाथ सिंह पुरस्कार उपन्यास
हरि कृष्ण प्रेमी पुरस्कार नाटक एवं एकांकी
माधव राव सपरे पुरस्कार प्रदेश की विभूति, स्थान एवं इतिहास,गधअथवा पद में लिखित कृति
रामविलास शर्मा पुरस्कार लेखक की प्रथम कृति
शरद जोशी पुरस्कार व्यंग्य
राजेंद्र माथुर पुरस्कार रेखा चित्र, स्संमरण, यात्रा, आत्मकथा, पत्र, रिपोतार्ज।
रवि रविशंकर शुक्ल पुरस्कार बाल साहित्य (12 वर्ष तक के बच्चों हेतु)
दुष्यंत कुमार पुरस्कार 35 वर्ष से कम आयु के लेखक एवं लेखिका की प्रथम कृति
अनिल कुमार पुरस्कार प्रदेश की लघु पत्रिका
  • मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी का गठन 1954 में किया गया। यह साहित्य और साहित्यकारों के संरक्षण के लिए गठित राज्य की साहित्य अकादमी है। प्रसिद्ध द्वारा स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े देश के प्रख्यात साहित्यकारों की समृद्धि में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले साहित्य का आयोजन के अंतर्गत रचनाकारों के जन्माषतमी व्रत को ध्यान में रखते हुए समारोह आयोजित किए गए।
  • मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी का गठन सन 1976 में किया गया। इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश में उर्दू साहित्य के संरक्षण के लिए प्रयास करना है। यह अकादमी अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए मुशायरे, नाट्य समारोह है और शबे गजल के आयोजन करती है।
  • मध्य प्रदेश संस्कृत अकादमी का गठन सन 1985 में किया गया। मध्यप्रदेश में संस्कृत साहित्य के प्रोत्साहन एवं संरक्षण के लिए खादिम संस्कृत विद्वानों का सम्मान, संस्कृत साहित्य पर सम्मेलन, गोष्ठियाँ, दुर्लभ पांडुलिपि ओं का संग्रह, संरक्षण, संपादन और प्रकाशन, संस्कृत, हिंदी और उसकी बोलियों के बीच अंतर संबंधों का अन्वेषण, संस्कृत कीपरम पारीक शिक्षा, अनुसंधान आदि के 15 विस्तार और संवर्धन आदि के लिए राज्य शासन को परामर्श देती है।

कालिदास सम्मान से अलंकृत व्यक्ति

व्यक्ति (योगदान) वर्ष
सिमल गुड़ी श्रीनिवास अय्यर और पंडित मलिकार्जुन (सभी शास्त्रीय संगीत) 1980
के जी सुब्रमण्यम (रुपककर कला) 1981
शंभू मित्रा (रंग कार्य) 1982
रुकमणी देवी अरुंडेल (शास्त्रीय नृत्य)  1983
कुमार गंधर्व (संगीत) 1984
राम कुमार गंधर्व (चित्रकला) 1985
एनएस बेंद्रे (चित्रकला) इब्राहिम अलकाजी (रंगकर्म) उस्ताद मोहिनी डागर (संगीत) बिरजू महाराज (शास्त्रीय नृत्य) 1986
मकबूल फिदा हुसैन (चित्रकला) पुरुषोत्तम लक्ष्मण देशपांडे (रंगकर्म) 1987
वीएस गायतोड (रूपकर कला) उस्ताद विलायत खान (शास्त्रीय संगीत) हबीब तनवीर (रंगकर्म), गुरु विपिन सिंह (शास्त्रीय नृत्य) 1989  
डॉक्टर पइसा सुब्रमण्यम (नृत्य) गुरु विपिन सिंह (शास्त्रीय नृतय) उस्ताद अली (शास्त्रीय संगीत) विजय तेंदुलकर (साहित्य) 1990
उस्ताद अली अकबर खान (सरोद वादन शास्त्रीय संगीत)  बेंपति चीना,सत्यम (नृत्य) 1991
वेद प्रकाश यादव (मूर्तिकला) 1992
पंडित रामनारायण (शास्त्रीय संगीत) अमानुष माधव चाकयार (नृत्य) 1993
सी वी रमणकुट्टी (कथकली कलाकार शास्त्रीय संगीत) बी वी कारथ (थिएटर कलाकार) श्रीमती पद्मावती शालिग्राम गोखले (शास्त्रीय संगीत) 1993-94
कवलम नारायण पेनीकर (थिएटर कलाकार) 1995
पंडित जसराज (शास्त्रीय गायक) 1997-98
गिरीश कर्नाड (रंगमंच) शुश्री डी के पटमल (शास्त्रीय संगीत) काली नाथ नारायण (शास्त्रीय नृत्य) अर्पिता सिंह (रुपककर) 1998-99
पंडित हरिप्रसाद चौरसिया (शास्त्रीय संगीत है) के पी किटप्पा (शास्त्रीय नृत्य) पंडित सत्यदेव दुबे (रंगकर्म) फ्रांसिस न्यूटन सूजा (रुपनगढ़ कला) 2000
खालिद चौधरी (रंगकर्म) उस्ताद फहीमुद्दीन फहीमुद्दीन डागर (शास्त्रीय संगीत) कुमुदिनी लखिया (शास्त्रीय नृत्य) गुलाम मोहम्मद शेख (शुभंकर कलाएं) 2002-03

तुलसी सम्मान प्राप्तकर्ता संक्षिप्त विवरण

व्यक्ति वर्ष
गिर्राज प्रसाद (ब्रज क्षेत्र) और हिरजी केशव जी (गुजरात लोग और ट्रंप आर्य कर्म कर्म के लिए संयुक्त रूप से) 1983-84
भगवान साहू 1984-85
श्रीमती गंगा देवी, श्रीमती सोनाबाई और श्रीमती नीलम मणि देवी (संयुक्त रूप से)  1985-86
मणि माधव चौकयार 1986-87
आदिवासी लोक कला के विकास और उन्नति के लिए संयुक्त रूप से- बालप्पा ,,बि हूकेरी, बाल कृष्ण दास झाबु राम देवगन 1987-88
कोमा देवनाकामंत (कर्नाटक के कठपुतली कलाकार) तथा अर्जुन सिंह (नृतक) 1993-94
स्वामी हरगोविंद (राजसमंच) 1997-98
पुराण चंद वडाली एवं प्यारेलाल वडाली (पंजाबी लोक गायक) 1999- 2000
गुरुप्पा चेट्टी (कलमकारी चित्रण)   2001-02
राम कैलाश यादव (उत्तर प्रदेश के लोक गायक) 2002-03
गुलाम मोहम्मद शाज नवाज (सूफी गायक एवं कव्वाल) 2003
 प्रकाश चंद्र (लोक शिल्पी) 2004-05
स्वामी रामस्वरूप शर्मा 2005-06
लल्लू बाजपेई (लोक कलाकार) 2006-07
पंडित सत्यनारायण शर्मा 2007-08
रंगास्वामी वेदर 2008-09

तानसेन सम्मान प्राप्तकर्ता

व्यक्ति वर्ष
कृष्णराव पंडित, बिस्मिल्लाह खान, श्रीमती हीराबाई, 1980 -81
पंडित राजचद्र मलिक 1981-82
नारायण राव व्यास, निसार हुसैन खाँ, दिलीप चंद्र बेदी 1982-83
ठाकुर जयदेव सिंह, बि आर देवघर 1983-84
गजानंन राव जोशी व श्रीमती असगरी बाई 1984-85
पंडित सर नायक 1985-86
श्रीमती मोगुबाई कुंदीकर (जयपुर घराना) 1988
प्रों देबू चौधरी 1989
उस्ताद नजीर अमीनुद्दीन डागर (ध्रुपद गायक) 1990
पंडित भीमसेन जोशी (किराना घराना) 1991
उस्ताद असद अली खान (रूद्र वीणा वादक) 1994
राजा छत्रपति सिंह (पखावज वादक) डॉक्टर ज्ञान प्रकाश घोष ( तबला वादक) 1995
गायिका गिरिजा देवी 1996
सारंगी वादक हनुमान प्रसाद विधायक बाला साहब पूछवाले 1997
पंडित सियाराम तिवारी 1998
पंडित चिंतामणि रघुनाथ व्यास 1999
सितार वादक उस्ताद अब्दुल हलीम जाफर खान 2000
उस्ताद अमजद अली खान (सरोद विशेषज्ञ) 2001-02
उस्ताद नियाज अहमद खान (किराना घराना) 2002-03
दिनकर कायाकिणी (गायक) 2003
मालिनी राजूरकर 2005
सुलोचना बृहस्पति 2006
पंडित गोस्वामी गोकुलत्सव जी महाराज 2007-08
गुलाम मुस्तफा खान 2008-09
पंडित अजय पहनकर 2009-10
सुश्री सविता देवी 2010-11
राजन साजन मिश्र 2011-12
विश्वमोहन झट्ट 2012-13
पंडित प्रभाकर कारेकर (शास्त्रीय संगीत) 2013-14
अजय चक्रवर्ती 2014-15
पंडित एल के पंडित
2015-16
पंडित डालचंद शर्मा 2016-17

राज्य स्तरीय शिखर सामान के प्राप्तकर्ता

श्रीकांत वर्मा (साहित्य) कार्तिक राम (शास्त्रीय नृत्य) डीजे जोशी (रुंपकर कला) 1980-81
गुलशेर खान शानी (साहित्य) सत्यदेव दुबे (रंगमंच) जयदेव बघेल (रुंपकर कला) 1981-82
भवानी प्रसाद मिश्र (साहित्य) रमेश पटेरिया (रुंपकर  कला) पंडित कुमार गर्धव (संगीत कला) 1982-83
हरिशंकर परसाई (साहित्य), विष्णु चिंचालकर (चित्रकार) बाबूराम देवागन और राम सहाय पांडे (दोनों लोकरंगकर्मी) 1983-84
नरेश मेहता  (साहित्य) हबीब तनवीर (रंगमंच) जन गण सिंह व गोविंद झारा (दोनों रुंपकर कला) 1984-85
वीरेंद्र कुमार जैन (साहित्य) श्रीमती असगरी बाई ( संगीत) स्वर्गीय एल एस राजपूत (मरणोपरांत, चित्रकार) 1985-86
कल्याण दास महंत (शास्त्रीय संगीत) 1986-87
प्रभात गांगुली (प्रदर्शनकारी कलाए) श्रीमती मीठा भाई तथा श्रीमती सुंदरी बाई (दोनों रुंपकर कल) 1987-88
डॉ शिवमंगल सिंह सुमन 1992-93
कवि हरी नारायण व्यास 1996-97
इकबाल मजीद (साहित्य), प्रभाकर चीचोर (प्रदर्शनकारी कलाए) इब्राहिम खत्री (रुंपकर कलाएं) 1999
मंजूर एहतेशाम (साहित्य) विवेक (रुंपकर कलाएं) ओपी शर्मा (प्रदर्शनकारी कला है) 2000-01
विष्णु नागर (साहित्य) 2001-02
राजेश जोशी (साहित्य) पंडित रामलाल (प्रदर्शनकारी कलाएं) श्रीमती कृष्णा वर्मा (रुंपकर कलाएं) 2002-03
विनय दुबे (साहित्य) 2003-04
निदा फ़ाज़ली (साहित्य) प्रहलाद टिपानिया (प्रदर्शनकारी कलाए) रोबिन डेविड (रुंपकर कलाएं) 2004-05
मालती जोशी (साहित्य) नर्मदा प्रसाद के काम (रुंपकर कलाएं) अलखलंदन (प्रदर्शनकारी कलाएं) 2005-06
डॉक्टर देवेंद्र दीपक (साहित्य) 2006-07
डॉक्टर ए के पायर्शी (साहित्य) डा लक्ष्मी नारायण भावसार (पेंटर) 2007-08

मध्य प्रदेश के कुछ प्रमुख समारोह

  • कला समारोह- विगत दो दशकों से नियमित रूप से प्रतिवर्ष यह समारोह आयोजित किया जाता है। इसमें सृजनात्मक कलाओं, संगीत, शास्त्रीय नृत्य, रंगमंच, चित्र कला काव्य पाठ आदि का आयोजन किया जाता है ।  इस समारोह में विशिष्ट कलाकारों का सम्मान भी किया जाता है। गत वर्ष कत्थक द्रुपद पर केंद्रित तीन दिवसीय समारोह मांडू में आयोजित किया गया।
  • तानसेन समारोह- यह समारोह है तानसेन की समाधि स्थल ग्वालियर में प्रति वर्ष नियमित रूप से आयोजित किया जाता है। इसमें देशभर के शास्त्रीय संगीत के और अन्य कलाकार उपस्थित होते हैं। इसी समारोह के मध्य प्रदेश शासन तानसेन सम्मान प्रदान करता।
  • खजुराहो नृत्य समारोह- यह समारोह देशी व विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से फरवरी मार्च माह में 1976 से आयोजित किया जा रहा। 100 दिन तक चलने वाले इस समारोह में कत्थक, कुचिपुड़ी, ओडिशा, भारतनाट्यम, मणिपुरी, मोहिनीअट्टम आदि के मूर्धन्य कलाकार शामिल।  शामिल होते
  • मध्य प्रदेश लोक कला समारोह- इस समारोह के अंतर्गत सभी चयनित लोक कलाकारों को एक मंच लाकर कार्यक्रम आयोजीत  किया जाता है । इस समारोह हेतु लोक कलाकारों का चयन क्षेत्रीय लोक कला समारोह के माध्यम से किया जाता है।
  • कालिदास समारोह (उज्जैन)- रंग प्रदर्शन, चित्र प्रदर्शनी।
  • मालवा उत्सव- आयोजन प्रति वर्ष गणेश चतुर्थी से  त्रयोदशी तक इंदौर, उज्जैन में मालूम में संयुक्त रूप से।
  • मध्य प्रदेश उत्सव- दिल्ली में आयोजित (प्रदेश की संस्कृतिक विकास तथा लोक परंपराओं की झांकी)
  • ध्रुपद समारोह (भोपाल) – सृजनात्मक कला प्रदर्शन
  • चक्रधर समृति समारोह – (इंदौर) सांस्कृतिक
  • पद्माकर समृति समारोह – (सागर) सांस्कृतिक

कबीर सम्मान प्राप्तकर्ता

व्यक्ति वर्ष
कन्नड कवि गोपाल कृष्ण 1986-87
सुभाष मुखोपाध्याय 1987-88
शमशेर बहादुर 1989
गोविंद विनायक कदीकर 1990
परशुराम पांडेय जैसी पालीवाल 1991
रमाकांत रथ 1992-93
जगदीश गुप्ता 1994
 नवकांत बरुआ 1995
नारायण सुर्वे (मराठी कवि) 1999
सीताकांत महापात्र 2000
कुंवर नारायण 2001-02
चंद्रशेखर कंबर 2002-03
एस रहमान रही (जम्मू कश्मीर के कवि) 2003-04
गोविंद चंद्र पांडे ( संस्कृत एवं हिंदी कवि)  2004-05
अशोक बाजपेई 2005-06
पद्मा सचदेव 2007-08
श्री मंगेश पांडवकर 2008-09
प्रो आलोक रंजन दास  गुप्ता – 2012-13
रीवा प्रसाद द्विवेदी 2013-14

मध्यप्रदेश शासन ने 1979 में उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत अकादमी की स्थापना की थी। संगीत मनीषी उस्ताद अलाउद्दीन खां की समृद्धि के पवित्र साक्ष्य के प्रकाश में भारतीय शास्त्रीय संगीत के संरक्षण, संवर्धन और विस्तार के लिए यह अकादमी कार्य कर रही है। शास्त्रीय संगीत और अन्य कलाओं के अध्ययन और अनुशीलन के सक्रिय केंद्र के रूप में स्थापित इस अकादमी से संबंधित दो अन्य संस्थाएं द्रुपद केंद्र और चक्रधर नृत्य केंद्र भी कार्यरत है।

इकबाल अदबी मरकज का गठन 1984 में किया गया था। इसका उद्देश्य उर्दू साहित्य की शिक्षा, शोध और स्वतंत्र कार्यों के लिए प्रोत्साहन देने के लिए छात्रवृत्ति देना है, एक उर्दू लाइब्रेरी की स्थापना, आलमा इकबाल से संबंधित वस्तुओं को जमा करने एवं उर्दू जाने वालों के लिए एक शैक्षणिक केंद्र की स्थापना करना है। वर्ष 2008-09 का इकबाल सम्मान गोपीचंद नारंग को प्रदान किया।

मध्यप्रदेश में तुलसी अकादमी का गठन 1987 में किया गया था. इस अकादमी स्थापना का मुख्य उद्देश्य तुलसी साहित्य पर अन्वेषण प्रचार-प्रसार और संरक्षण प्रदान करना है.

मध्यप्रदेश में खजुराहो में प्रतिवर्ष नृत्य उत्सव आयोजित होता है।

प्रदेश के युवा वर्ग के आधार कार्ड बनाने के लिए राज्य सरकार ने पुरस्कार स्थापित किए हैं ₹1,00,000 के पुरस्कार, शंकराचार्य, गुरु नानक, गौतम बुद्ध तथा रहीम के नाम पर स्थापित किए गए हैं। पुरस्कार राशि के अतिरिक्त एक पुरस्कार विजेता को नौकरी उपलब्ध कराई जाएगी।

13वें एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय हॉकी टीम के सदस्य भोपाल के समीर दादा के राज्य भोपाल में आयोजित समारोह में ₹100000 की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की।

शासन द्वारा घोषित के लिए लता मंगेशकर सम्मान की स्थापना 1984 में की गई।

रचनात्मक कला में उत्कृष्टता और श्रेष्ठ उपलब्धि हेतु तुलसी समान (राशि ₹1,00,000) स्थापना 1983 में की गई।

मध्य प्रदेश साहित्य परिषद द्वारा वर्ष 1996 की कृतियों के लिए ₹11,000 का अखिल भारतीय वीर सिंह देव पुरस्कार मुखड़ा क्या देखे के लिए अब्दुल बिस्मिल्लाह को, गजानन माधव मुक्तिबोध कारण तथा अन्य कहानियां के लिए राजेंद्र दानी को तथा पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी पुरस्कार लगता नहीं दिल मेरा के लिए सुश्री कृष्णा अग्निहोत्री को दिया गया।

मध्यप्रदेश शासन का प्रसिद्ध वीरांगना सम्मान 2007 राज्यसभा के उपसभापति नजमा हेपतुल्ला को 19 जून 2007 को ग्वालियर से महारानी लक्ष्मी बाई की पुण्यतिथि पर आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया। प्रदेश का अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद समान जयपुर के अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम को दिया गया।

किशोर कुमार- चर्चित अभिनेता गायक किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्यप्रदेश के खंडवा में वहां के जाने-माने वकील कुंजी लाल के यहां हुआ था। उनका असली नाम आभास कुमार गांगुली था। भारतीय संगीत के इतिहास में अमर गायक व अभिनेता किशोर कुमार की मृत्यु 13 अक्टूबर 1987 को हुई थी। उन्हें 8 बार फिल्म फेयर पुरस्कार मिला।

मध्य प्रदेश में कला और शिल्प

नाम वर्ष स्थान
कला परिषद 1952 भोपाल
साहित्य परिषद 1954 भोपाल
भारत भवन 1982 भोपाल
कालिदास अकादमी 1977 उज्जैन
उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत अकादमी 1952 भोपाल

मध्य प्रदेश शासन के राष्ट्र स्तरीय पुरस्कार

  • जोर कुमार सम्मान  2000-17 – योगेश
  • किशोर कुमार सम्मान (2000-16) – रूमी जाफरी
  • देवी अहिल्या सम्मान (2016-17) –  बसंती बिष्ट
  • मैथिलीशरण गुप्त (2016-17) –  विश्वनाथ त्रिपाठी
  • कुमार के गर्न्ध्व समान (2016-17) –  मंजूषा कुलकर्णी
  • कवि प्रदीप सम्मान (2016-17) –  सुरेंद्र शर्मा
  • लता मंगेशकर सम्मान (2016-17) –  अनु मलिक
  • पाल समाज (2016-17) – शेयद मोहम्मद अशरफ

लता मंगेशकर- भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने 20 भाषाओँ में 30000 गाने गाए हैं।  उनकी आवाज सुनी थी आंखों की सीमा पर खड़े जवानों को सहारा मिला। कुमारी लता दीनानाथ मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1928 को मध्यप्रदेश के इंदौर में हुआ था। लता मंगेशकर को 1958, 1962, 1965, 1969, 1993 तथा 1994 में फिल्म फेयर मिला तथा 1972 और 1975 तथा 1990 में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला 1996, 1967 महाराष्ट्र दादा साहेब फाल्के पुरस्कार मिला। 1993 में फिल्म फेयर का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार 1996 में स्क्रीन का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार तथा 1998 में राजीव गांधी पुरस्कार तथा 1999 में पद्म विभूषण, आइफा का लाइव टाइम अचीवमेंट पुरस्कार 2001 में स्टार्ट का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार तथा 2001 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

पदम श्री समान

  • 2014 :प्रदेश के प्रो विनोद कुमार सिंह विज्ञान एवं इंजीनियरिंग  क्षेत्र में विशेष योगदान देने के लिए दिया गया था।
  • 2015 : प्रदेश के डॉक्टर पंडित गोकुलोत्स्वजी महाराज (कला) को पदम भूषण डॉ ज्ञान चतुर्वेदी (शिक्षा एवं साहित्य) एवं टाटा मेका गैलन (सामाजिक क्षेत्र) को पदम श्री से सम्मानित किया गया।
  • 2016 : प्रदेश केसरी भालचंद्र दत्तात्रेय मुंडे (कला फोटोग्राफी) एवं श्री सुनील जोशी (खेल कमेंट्री) को पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
  • 2017 : प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय सुंदर लाल पटवा हो लो कार्यों के लिए मृत्यु प्राप्त पद्मा विभूषण एवं श्रीमती भक्ति यादव को चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य करने के लिए पदम श्री से सम्मानित किया गया:।
  • 2018 : प्रदेश के बाबा योगानंद (कला) श्री भज्जु श्याम (चित्रकला) श्री केशव राव (साहित्य) सूक्षरी मालती जोशी (साहित्य एवं शिक्षा) पदम श्री से सम्मानित किया गया।

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