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पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी

पृथ्वी का वह भाग जहां पर जीवन पाया जाता है, जैव-मंडल कहलाता है. जैव-मंडल के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के परिस्थितिक तंत्र पाए जाते हैं. पर्यावरण व जीवो के बीच पारस्परिक क्रियाओं के अध्ययन को परिस्थितीकी कहा जाता है. परिस्थितिकी शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम अर्नेस्ट हेकेल ने 1869 ई. में किया था.

पारिस्थितिकी तंत्र शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग एजी ट्रांसले ने वर्ष 1935 में किया था. किसी क्षेत्र के भौतिक पर्यावरण तथा उसमें रहने वाले जीवो के बीच पारस्परिक जटिल व्यवस्था परिस्थिति की तंत्र कहलाती है. पारिस्थितिकी तंत्र के मुख्य त्या दो घटक होते हैं –  जैविक तथा अजैविक. जैविक घटक मुख्यता तीन प्रकार के होते हैं – उत्पादक, उपभोक्ता तथा अपघटक.

किसी भी सुनिश्चित क्षेत्र में पाए जाने वाले जीव, जंतुओं तथा वनस्पतियों की संख्या को जैव-विविधता कहा जाता है. जैव-विविधता शब्द का प्रयोग वर्ष 1986 में ईओ विल्सन ने किया था. जैव- विविधता तीन प्रकार की होती है- अनुवांशिक, प्रजाति तथा परिस्थितिक जैव- विविधता. एल्फा, बीटा तथा गामा विविधता, जैव -विविधता के मानचित्रकरण की विधियां है.

IUNC द्वारा रेड डाटा बुक जारी की जाती है, जिसमें संकटग्रस्त प्रजातियों को शामिल किया जाता है. जिसमें संकटग्रस्त भारत में पूर्व हिमालय एवं पश्चिम घाट दो जैव-विविधता क्षेत्र है. भारत में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 में और पर्यावरण संरक्षण. अधिनिय में पारित 1986 मे पारित किया गया.

विश्व की प्रमुख वनस्पति

वनस्पति 1  प्राप्य क्षेत्र/विशेषता
मैसोफाइट शीतोष्ण कटिबंधीय वनस्पति
क्रायोफाइट टुंड्रा एवं शीत प्रधान क्षेत्रों की वनस्पति
हाइड्रो फाइट जलप्लावित वनस्पति
हेलोफाइट नमकीन क्षेत्रों में पाई जाने वाली वनस्पति
ट्रोपोफाइट उष्णकटिबंधीय जलवायु एवं वनस्पति
लिथोफाइट कड़ी चट्टानों पर उगने वाली वनस्पति
जेरोफाइट उष्णकटिबंधीय मरुस्थलीय वनस्पति
हाइड्रो फाइट दलदली एवं भूमध्यरेखीय उष्णार्द्र वनस्पति

प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान

गिर राष्ट्रीय उद्यान ( एशियाई शेर हेतु प्रसिद्ध) जूनागढ़ गुजरात)
दचिग्राम  अभयारण्य श्रीनगर (जम्मू कश्मीर)
जलदापारा  वन्य जीव अभयारण्य जलपाईगुड़ी (प. बंग.)
भीमबाँध  अभयारण्य मुंगेर (बिहार)
गौतम बुद्ध वन्य जीव अभ्यारण गया (बिहार)
राजगीर अभयारण्य राजगीर (बिहार)
तोपचांची अभयारण्य धनबाद (झारखंड)
लावालौंग अभयारण्य हजारीबाग (झारखंड)
डालमा वन्य जीव अभयारण्य सिहभूम ( झारखंड)
बेतला वन्यजीव अभयारण्य डाल्टनगंज (झारखंड)
पंचमढ़ी वन्यजीव अभयारण्य (माधव राष्ट्रीय उद्यान) होशंगाबाद (मध्य प्रदेश)
बोरी अभयारण्य होशंगाबाद (मध्य प्रदेश)
गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य मंदसौर (मध्य प्रदेश)
कान्हा -किसली राष्ट्रीय उद्यान बालघाट (मध्य प्रदेश)
बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान शहडोल (मध्य प्रदेश)
फासिल राष्ट्रीय उद्यान मंडला (मध्य प्रदेश)
पन्ना राष्ट्रीय उद्यान पन्ना (मध्य प्रदेश)
सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान होशंगाबाद (मध्य प्रदेश)
इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान बस्तर (छत्तीसगढ़)
बादलखोल  वन्य जीवअभयारण्य रायगढ़ (छत्तीसगढ़)
उदंयती वन्य जीव अभयारण्य रायपुर (छत्तीसगढ़)
सितानाती वन्य जीव अभयारण्य रायपुर (छत्तीसगढ़)
तमोई पिंगला  वन्य जीवअभयारण्य सरगुजा (छत्तीसगढ़)
संजय राष्ट्रीय उद्यान सरगुजा (छत्तीसगढ़)
बोरीवली राष्ट्रीय उद्यान मुंबई (महाराष्ट्र)
पेंच राष्ट्रीय उद्यान नागपुर (महाराष्ट्र)
रणथंभौर वन्य जीवअभयारण्य  टाइगर प्रोजेक्टर सवाई माधोपुर (राजस्थान)
सरिस्का वन्य जीव अभ्यारण्य अलवर (राजस्थान)
केवलादेव घना पक्षी विहार भरतपुर (राजस्थान)
रोहिला राष्ट्रीय उद्यान कुल्लू (हिमाचल प्रदेश)
जिम कार्बेट रामनगर (उत्तराखंड) (सबसे पुराना)
प्रोजेक्ट शुरुआत
टाइगर प्रोजेक्ट वर्ष 1973
हाथी प्रोजेक्ट वर्ष 1992
घड़ियाल प्रोजेक्ट वर्ष 1975

वन्य जीव संरक्षण परियोजनाएं (भारत)

प्रोजेक्ट वर्ष/स्थान
हंगुल परियोजना 1970, कश्मीर
कस्तूरी मृग परियोजना 1972 उत्तराखंड
बाघ परियोजना 1973 झारखंड
गिर सिंह परियोजना 1973 गुजरात
घड़ियाल प्रजनन परियोजना 1975
गैंडा परियोजना 1987
हाथी परियोजना 1992 झारखंड
लाल पांडा परियोजना 1996 अरुणाचल प्रदेश
गिद्ध संरक्षण परियोजना 2006
कछुआ  संरक्षण योजना 2008

जैव-विविधता संबंधी सम्मेलन

समझौता/प्रोटोकॉल वर्ष
विश्व विरासत संधि 1972
 रामसर समझौता 1975
जैव- विविधता संधि 1992
कार्टाजेना प्रोटोकॉल   2000
नागोया प्रोटोकॉल 2010
कोप-11 2012 हैदराबाद
कॉप-12 2014 प्योंग्याग (उ. कोरिया)
कॉप-13 2016 प्रस्तावित (कानकुन, मेक्सिको )

प्रमुख परयावरणीय/मानव अधिकार संगठन

संगठन मुख्यालय वर्ष
एमनेस्टी इंटरनेशनल लंदन 1961
वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर  ग्लैंड (स्विट्ज़रलैंड) 1961
रेड क्रॉस जेनेवा 1864
ग्रीनपीस एम्स्टर्डम 1971
हार्मोन राइट वॉच न्यूयॉर्क 1978
वर्ल्ड कंजर्वेशन मॉनिटरिंग सेंटर कैंब्रिज 1983

यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त 9 जैवमंडल क्षेत्र

नाम राज्य वर्ष
नीलगिरी तमिलनाडु केरल, कर्नाटक 2000
मन्नार की खाड़ी तमिलनाडु 2001
सुंदरवन पश्चिम बंग 2001
नंदा देवी उत्तराखंड  2004
नोकरेक मेघालय 2009
पंचमंडी मध्य प्रदेश 2009
सिमलीपाल उड़ीसा 2009
अचानकमार अमरकंटक छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश 2012
निकोबार द्वीप अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह 2013

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