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रांची जिले से जुड़े सवाल और उनके जवाब


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रांची का वर्ग किलोमीटर में क्षेत्रफल है?

 5,097 वर्ग किलोमीटर

रांची का उपनाम क्या है?

झारखंड का शिमला और शहीदों का नगर

रांची का प्रमण्डल कहां पर स्थापित है?

द. छोटा नागपुर

राँची का मंदिर कहां पर स्थित है?

रांची सदर, खूंटी।

राँची में कौन-कौन से प्रखंड है और कितने?

राँची में 18 प्रखंड है, काके, रातु, चान्हों, मांडर, लापुंग, बुर्मु, बेडों, नामकुम, ओरमांझी, आगरा, सिल्ली, खेलारी, नागरी, ईटकी, राहे, बुंडु, सोनाहातु, तमार।

राची की कुल जनसंख्या 2011 में कितनी थी?

29,14,253

रांची की कुल जनसंख्या 2011 के अनुसार पुरुष की जनसंख्या कितनी थी?

14,94,937

रांची की कुल जनसंख्या 2011 के अनुसार महिला की जनसंख्या कितनी थी?

14,19,316

रांची दशक वृद्धि दर 2001 से 2011 में कितने प्रतिशत थी?

23.98 प्रतिशत

रांची का लिंगानुपात 2011 में कितना था?

1000 : 949

रांची का जनसंख्या घनत्व 2011 में कितने प्रति वर्ग किलोमीटर था?

572 प्रति वर्ग किलोमीटर

रांची की कुल साक्षरता दर 2011 में कितने प्रतिशत?

76.06 प्रतिशत

रांची की कुल साक्षरता दर 2011 के अनुसार पुरुष की साक्षरता दर कितनी थी?

84.26%

रांची की कुल साक्षरता दर 2011 के अनुसार महिला की साक्षरता दर कितनी प्रतिशत है?

67.44 प्रतिशत

रांची  की कुल अनुसूचित जाति की जनसंख्या 2011 में कितनी थी?

1,52,943

रांची की कुल अनुसूचित जाति की जनसंख्या 2011 के अनुसार पुरुष की संख्या कितनी थी?

78,613

रांची की कुल अनुसूचित जाति की जनसंख्या 2011 के अनुसार महिला की संख्या कितनी थी?

74,330

रांची की कुल अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 2011 में कितनी थी?

10,42,016

रांची की कुल अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 2011 के अनुसार पुरुष की जनसंख्या कितनी थी?

5,20,582

रांची की कुल अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 2011 के अनुसार महिला की जनसंख्या कितनी थी?

5,21,434

रांची के विधानसभा के सदस्य कितने थे और कहां-कहां के थे?

रांची के विधानसभा के सदस्य 9  थे, तमर, तोरपा, खूंटी, सिल्ली, खिजरी, रांची, हटिया, कांके, मंडार।

रांची की संक्षेप में व्याख्या कीजिए?

  • राज्य भारत का एक प्रमुख शहर है और यह झारखंड प्रदेश की राजधानी है। पहले जब यह बिहार राज्य का हिस्सा था। यह गर्मियों में अपने अपेक्षाकृत ठंडे मौसम के कारण इसे झारखंड का शिमला कहा जाता है।
  • रांची झारखंड का एक महत्वपूर्ण भारत छोड़ो आंदोलन का केंद्र था। ताना भगत के लोग रांची में काफी सक्रिय थे। उन्होंने अनेक स्थानों पर टेलीफोन एवं टेलीग्राफ लाइनो को काट दिया और विष्णुपुर रेलवे स्टेशन को आग के हवाले कर दिया।
  • 16 अगस्त, 1942 को गंगा महाराज और गोविंद भगत को ब्रिटिश शासन के विरुद्ध लोगों को भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया।
  • रांची एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र भी है। जहां मुख्य रूप से एच.ई. सी ( हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया मेंकन इत्यादि के कारखाने हैं।
  • रांची के चरणों में 5 गाघ झरना सबसे खूबसूरत है, क्योंकि यह 5 धाराओं में गिरता है, ये झरने और पर्यटक स्थल मिलकर रांची को पर्यटन का स्वर्ग बनाते हैं और पर्यटक शानदार छुट्टियां बिताने के लिए यहां हर वर्ष आते हैं।
  • बिहार की उपराजधानी पहले रांची थी इस कारण यहां मुख्यमंत्री का आवास पहले से बना हुआ है।  15 नवंबर 2000 को
  • झारखंड राज्य बनने के बाद रांची की राजधानी का दर्जा दिया गया।

बिरसा आंदोलन का मुख्यालय कहां पर स्थित था?

खूंटी (रांची)।

रांची में कौन-से प्रकार की मिट्टी पाई जाती है?

लेटराइट मिट्टी

रांची में मुख्य रूप से कौन-कौन सी फसलें उगाई जाती है?

मक्का, बाजरा, मेस्ता, आलू।

रांची में मुख्य रूप से कौन-कौन सी नदियां निकलती है?

दक्षिणी कोयल नदी, स्वर्ण रेखा, उत्तरी कोयल नदी, रारू, शंख नदी, जुमार नदी।

रांची में स्वर्णरेखा नदी पर कौन-सा बांध है?

गेतल सूद

रांची में कौन-कौन से वन्यजीव अभयारण्य स्थित है?

बिरसा मृग विहार, कालामाटी ( रांची), विरस भगवान बायोलॉजिकल उद्यान,

रांची में कौन-कौन से मुख्य उद्योग पाए जाते हैं?

बॉक्साइट, चूनापत्थर, रॉक फास्फेट, सीसा, चांदी, टिन, सोना, एस्बेस्टस, चीनी मिट्टी।

रांची में कौन-कौन सी योजना लागू है?

केस जलाशय योजना, बासुकी सिंह सह जलापूर्ति योजना।

रांची में कौन-कौन से राष्ट्रीय राजमार्ग है?

23, 33

रांची में कौन सा संग्रहालय स्थित है?

रांची संग्रहालय

राज्य संग्रहालय की स्थापना कब हुई?

1972

राज्य संग्रहालय में कौन-सा पुस्तकालय स्थित है?

राज्य पुस्तकालय रांची।

राज्य पुस्तकालय रांची की स्थापना कब हुई?

1953

रांची में कौन-कौन सी जनजातियाँ मुख्य रूप से पाई जाती है?

मुंडा, भूमिज, महली, चिक बड़ाइक, उराव, हो,  खेरवर, परहैया, साबर, लोहारा, करमाली, गोंड, बैगा।

रांची में कौन-से मंदिर और चर्च गुरुद्वारा स्थित है?

जगन्नाथ मंदिर, पहाड़ी मंदिर, मेन रोड गुरुद्वारा/ सी. एन. आई. चर्च, छिन्नमस्तिका मंदिर।

रांची में कौन सा मेला/महोत्सव लगता है?

एकैसी महादेव मेला, सरहूल मेला।

रांची में कौन सा हवाई अड्डा स्थित है?

बिरसा मुंडा हवाई अड्डा।

रांची में कौन कौन से मुख्य उद्योग है?

कंपनी का नाम मालिकाना उद्योग स्थान
सीसीएल केंद्र सरकार कोयला रांची
उषा मार्टिन उषा मार्टिन समूह स्टील रांची
एचइसी केंद्र सरकार भारी मशीन रांची
उषा बेल्ट्रॉन उषा मार्टिन समय केबुल रांची

रांची में स्थित माइनिंग एंड एलाइड इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड की व्याख्या कीजिए?

इस कॉरपोरेशन की स्थापना 1 अप्रैल, 1965 को की गई थी। इसका प्रमुख उद्देश्य कोयला व अन्य खनिजो में प्रयुक्त की जाने वाली मशीनरी का निर्माण करना है। इसको कॉरपोरेशन को तकनीकी सहयोग प्राप्त हो रहा है। पूर्व में यह हैवी इंजीनियरिंग कारपोरेशन का ही भाग था।

रांची में स्थिति हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड की व्याख्या कीजिए?

इस ऑपरेशन की स्थापना 31 दिसंबर, 1958 को रांची में की गई थी। इनकी तीन उपशाखाएं हैं- भारी मशीन उपकरण संयंत्र, भारी मशीन निर्माण संयंत्र और फाउंड्री फॉर संयंत्र। इस कॉरपोरेशन की कुल जमा पूंजी 100 करोड रुपए है। भारी मशीन निर्माण संयंत्र में 1,00,000 टन की भारी मशीनें और 25000 टन की फैब्रिकेटेड स्त्र्कचर का निर्माण किया जाता है।

रांची में कौन-कौन से उद्योग स्थित है?

  • सूती वस्त्र उद्योग
  • प्लाईवुड उद्योग
  • एल्युमिनियम उद्योग
  • रेशमी वस्त्र उद्योग
  • लाख उद्योग
  • घड़ी कारखाना

रांची में सार्वजनिक प्रमुख राज्य शासन के अधीन कौन-कौन से उद्योग है?

  • बिहार हिल एरिया लिफ्ट इरिगेशन कॉर्पोरेशन रांची।
  • बिहार स्टेट बेकन फैक्ट्री, रांची।
  • बिहार स्टेट इलेक्ट्रिक इक्यूपेमेंट फैक्ट्री, रांची।
  • बिहार स्टेट हाईटेंशन इंसुलेटर फैक्ट्री, रांची।

रांची को गुलाब पैदा करने में विश्व में इंग्लैंड के बाद कौन सा स्थान है प्राप्त है?

दूसरा स्थान प्राप्त है।

रांची में प्रतिवर्ष गुलाब प्रदर्शनी किस माह में लगाई जाती है?

जनवरी में।

रांची में सर्वाधिक कौन सा श्रमिक कार्यरत रहे?

बाल श्रमिक।

झारखंड की राजधानी रांची में कौन-सी सिटी की स्थापना की गई है?

साइंस सिटी की।

रांची के चाईबासा में कौन -से कॉलेज की स्थापना की गई है?

चाईबासा में एक क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज।

रांची के गोविंदपुर में कौन-से पार्क की स्थापना की योजना है?

ररूल टेक्नोलॉजी पार्क।

रांची में पहली स्थाई लोक अदालत की स्थापना कब की गई थी?

अक्टूबर 2002, में

रांची में कौन-से अकादमी स्थित है?

जनजातीय भाषा अकादमी।

रांची में कौन-सा सर्वाधिक ऊंचा जलप्रपात स्थित है?

हुंडरु (74  मी, रांची स्वर्णरेखा नदी)

झारखंड में सर्वाधिक जलप्रपात वाला जिला कौन-सा है?

रांची

राज्य का प्रथम विश्वविद्यालय कौन-सा है और कहां स्थित है?

रांची विश्वविद्यालय रांची में स्थित है।

राज्य का प्रथम कृषि विश्वविद्यालय कौन-सा है और कहां स्थित है?

बिरसा कृषि विश्वविद्यालय रांची में।

प्रथम चिकित्सा महाविद्यालय कौन-सा है?

राजेंद्र चिकित्सा महाविद्यालय।

झारखंड में रांची के समीप कौन-सा लाख अनुसंधान संस्थान की स्थापना की गई थी?

नामकुम

रांची में शिक्षा संस्थान

विश्वविद्यालय  स्थापना स्थापना वर्ष
रांची विश्वविद्यालय रांची 1960
बिरसा कृषि विद्यालय रांची 1981
बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी मिसरा (रांची) 1955
चिकित्सा महाविद्यालय
राजेंद्र मेडिकल कॉलेज रांची 1960
हॉस्पिटल फॉर मेंटल डिजीजेस कांके (रांची) 1918
योगदा सत्संग होम्योपैथिक महाविद्यालय रांची 1967
विधि महाविद्यालय
छोटानागपुर लॉ कॉलेज रांची 1954
पशुचिकित्सा महाविद्यालय
रांची वेटरिनरी कॉलेज रांची 1964
रांची कॉलेज ऑफ वेटरनरी  रांची
साइंस एंड एनीमल हसबैडरी
इंजीनियरिंग महाविद्यालय
फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग रांची
बिड़ला इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी ( डीम्ड विश्वविद्यालय) मेसरा रांची 1955
कृषि महाविद्यालय व वानिकी महाविद्यालय
रांची एग्रीकल्चरल कॉलेज रांची 1955
फैकल्टी ऑफ फॉरेस्ट्री रांची
प्रबंधन संस्थान
जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस रांची 1955
प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान रांची 1962
बिडला प्रौद्योगिकी संस्थान रांची 1955
प्रयोगशाला एवं अनुसंधान केंद्र
कुष्ठ रोग अनुसंधान केंद्र रांची
इंडियन लाख रिसर्च इंस्टीट्यूट नाम कॉम (रांची) 1925
रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर रांची 1925
आयरन एंड स्टील
केंद्रीय प्रसार अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान रांची
पॉलिटेक्निक खनन  संस्थान
राजकीय पॉलिटेक्निक रांची
राजकीय महिला पॉलिटेक्निक रांची
राजकीय पॉलिटेक्निक,खूंटी रांची
अन्य शिक्षा केंद्र
ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट रांची 1953
भारतीय विधि माप विज्ञान संस्थान रांची 1960
श्रीकृष्ण लोक प्रशासन प्रशिक्षण  संस्थान रांची 1962
तकनीकी प्रशिक्षण केंद्र रांची 1963  

रांची में कौन-से समाचार पत्र पत्रिकाएं हैं?

  • प्रभात खबर (हिंदी दैनिक)
  • रोजगार प्रभात खबर (हिंदी)
  • फारूकी तजीम (उर्दू दैनिक)
  • आज (हिंदी दैनिक)
  • रांची एक्सप्रेस (हिंदी)
  • हिंदुस्तान (हिंदी दैनिक)
  • हिंदुस्तान टाइम्स (अंग्रेजी दैनिक)

रांची में कौन-कौन से जल प्रपात है?

  • हुंडरू जलप्रपात- रांची से 28 किलोमीटर
  • दसम जलप्रपात- रांची से 34 किलोमीटर
  • जोन्हा जलप्रपात है- रांची से 40 किलोमीटर
  • हिरणी जलप्रपात- रांची से 70 किलोमीटर
  • सीता जलप्रपात- रांची से 44 किलोमीटर
  • सुनवा बड़ा जलप्रपात है- रांची से 44 किलोमीटर
  • पंचधारा जलप्रपात- खूंटी से 5 किलोमीटर
  • पेरवाघाघ जलप्रपात- तोरपा से 25 किलोमीटर

रांची में प्रसिद्ध स्थल


गोंडा हिल

यहाँ पर पिकनिक मनाने के अलावा पर्यटक रांची में मछलीघर और मूटा मगरमच्छ प्रजनन केंद्र पर देखा जा सकता है। मछलियों की अनेक प्र्जातियों को देख खरीद सकते हैं।

टैगोर हिल

टैगोर हिल की गिनती रांची के प्रमुख पर्यटक स्थलों में की जा सकती है। इस पहाड़ी हिल से पूरी रांची के मनोहारी दृश्य देखे जा सकते है। इस स्थित शांति धाम की स्थापना गुरु रविंद्रनाथ टैगोर के बड़े भाई जितेंद्र नाथ टैगोर ने करवाई थी। टैगोर हिल से सूर्योदय देखना अपने आप में अनोखा अनुभव है।

रांची पहाड़ी

300 फीट ऊंची रांची रेलवे स्टेशन से 5 किलोमीटर दूर पश्चिम में शहर के बीचोबीच स्थित है। रांची पहाड़ी, बाबा भोलेनाथ के अत्यंत पवित्र एवं जाग्रत मंदिर के रूप में सुविख्यात है। सावन के हर सोमवार को और शिवरात्रि के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आकर पूजा-अर्चना करते हैं। रांची पहाड़ी मंदिर देश का शायद एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां धार्मिक ध्वज के साथ साल में 2 दिन 15 अगस्त और 26 जनवरी को राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है। ब्रिटिश काल में रांची पहाड़ी के नीचे ही फांसी घर था। इसलिए रांची पहाड़ी को पहले फांसी टोगरी नाम दिया गया था।

जगन्नाथपुर मंदिर

रांची शहर से 10 किलोमीटर दूर स्थित है इसका निर्माण 1691 में ठाकुर एनीनाथ शाहदेव के द्वारा करवाया गया था। उड़ीसा के पुरी मंदिर पर आधारित मंदिर का निर्माण 250 फीट ऊंची पहाड़ी पर किया गया था जिसे भगवान जगन्नाथ तथा बलराम एवं सुभद्रा की मूर्तियां स्थापित की गई।  मुख्य मंदिर से आधा किलो मीटर दूरी मौसी बाडी मंदिर स्थित है, जहां प्रतिवर्ष द्वितीय के दिन रथ यात्रा की संध्या में भगवान के सारे विग्रह ले जाए जाते हैं। 8 दिन के विश्राम के पश्चात नौवें दिन अर्थात और आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को मुख्य मंदिर के लिए प्रस्थान करते हैं।

सूर्य मंदिर

रांची से 39 किलोमीटर दूर रांची जमशेदपुर मार्ग पर तैमारा घाटी के पास पहाड़ियों और हरे-भरे जंगलों के बीच सफेद संगमरमर से निर्मित एक पहाड़ी पर प्रधान नगर में स्थित है। ऐसी मान्यता है कि स्वयं भगवान श्रीराम ने लंका विजय के क्रम में अपने अनुज श्री लक्ष्मण के साथ अपने कुल देवता सूर्य भगवान की पूजा, प्रधान नगर में की थी। अंत इस स्थान पर सूर्य भगवान का विशाल मंदिर बनाया गया है। 11 एकड़ भूभाग में फैले इस मंदिर के वास्तुकार एस.आर.एन कालिया है। मंदिर में भगवान भास्कर की प्रतिमा स्थापित है। पूरे झारखंड में यह अपनी तरह का अकेला मंदिर है। यहां 25 जनवरी को टुसू मेले में चौड़ल एवं नृत्य प्रतियोगिताएं होती है।

आदिवासी म्यूजियम

रांची का आदिवासी म्यूजियम शहर से 3 किलोमीटर दूर पूर्व में स्थित है रविवार को छोड़कर 10 बजे से 5 बजे तक इसे निशुल्क देखा जा सकता है। संग्रहालय के मुख्य द्वार पर अमर शहीद बिरसा मुंडा की प्रतिमा है। दो भागों में विभाजित संग्रहाल्य के बाई और बिहार जनजातीय कल्याण शोध संस्थान और दूसरी और कई ऐतिहासिक धरोहरों को समेटे हुए पुरातत्व विभाग है। सन 1954 में देश के इस पहले जनजातीय शोध संस्थान की स्थापना रांची में की गई थी। देश विदेश से आए पर्यटकों को इस आदिवासी संग्रहालय में अच्छी खासी दिलचस्पी लेते देखा जा सकता है। शोध के विद्यार्थी भी यहां के ज्ञान अर्जित कर पी.एच.डी. की उपाधि ग्रहण करते हैं। आदिवासी विद्यार्थियों को प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए कोचिंग की व्यवस्था यहां है।

रुक्का डैम

रांची से 17 किलोमीटर दूर रुक्का डैम पिकनिक के लिए महत्वपूर्ण स्थल बन गया है। यह विकास विद्यालय से 2 किलोमीटर दूर पूर्व में रांची रामगढ़ मार्ग पर स्थित है। इसके नजदीकी वृक्षों की भरमार है।

गेतलसूद डैम

रांची का सबसे बड़ा डैम 20 किलोमीटर में फैला हुआ है। यहाँ जल शक्तिगृह में भेजा जाता है जिसमें 120 मेगावाट जलविद्युत का उत्पादन प्रतिदिन होता है।

अलबर्ट एक्का की मूर्ति

रांची के वीर सैनिकों ने भारत-पाक युद्ध में 1971 में देश की खातिर लड़ते हुए अपना बलिदान दिया। फिरायालाल चौक पर स्थापित इस मूर्ति की स्थापना उनकी याद को अमर बनाने के लिए की गई है और इस चौक का नाम अल्बर्ट एक्का चौक रख दिया गया है। अलबर्ट एक्का झारखंड के एकमात्र सैनिक है जिन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया है।

अंगराबारी

यह रांची से 40 किलोमीटर दूरी पर खूंटी में स्थित है। इस मंदिर में भगवान गणपति, राम- सीता, हनुमान एवं शिव की मूर्तियां स्थापित है।  इस मंदिर को अब अमरेश्वरधाम के नाम से भी जाना जाता है।

हुंडरु जलप्रपात

कांगड़ा प्रखंड में रांची से 45 किलोमीटर दूर रांची पुरुलिया मार्ग पर है। स्वर्णरेखा नदी 320 फीट की ऊंचाई से गिरती है। भारत में प्रसिद्ध जलप्रपात पर अनेक कविताएं लिखी गई है तथा यहां पर फिल्मों की शूटिंग भी हुई है।

जोन्हा जलप्रपात

जोन्हा जलप्रपात को गौतमधारा जलप्रपात भी कहते हैं, रांची पुरुलिया रोड पर रांची से 40 किलोमीटर दूर पहाड़ों और जंगलों के बीच यह जलप्रपात स्थित है। इसमें राढू नदी का पानी का 140 फीट की ऊंचाई से गिरता है। 457 सीढ़ियों से नीचे उतरकर जलप्रपात तक पहुंचना होता है।

दशम अथवा दशमघाघ जलप्रपात

रांची जमशेदपुर मार्ग पर बुंडू थाना क्षेत्र में रांची से 34 किलोमीटर दूरी पर स्थित है जहां कांची नदी 144 फीट की ऊंचाई से गिरती है। एक मुख्य जलप्रपात के अलावा 9 अन्य छोटे जलप्रपात यहां है, इसलिए इसे दशम जलप्रपात कहते हैं।

पंचधारा जलप्रपात

खूंटी से 5 किलोमीटर दूर रास्ते में एक ही कतार में पांच जलप्रपात नयनाभिराम हरीतिमां के बीच स्थित है। जिन्हें पंचधारा जलप्रपात कहते हैं।

पंगुरा अथवा पंगुराघाघ जलप्रपात

रांची चाईबासा मुख्य पथ पर मुरहू थाना से पूरब की ओर 10 किलोमीटर की दूरी पर पंगुरा की 250 फिट ऊंची पहाड़ियों और वनों से आच्छादित इट्टी पंचायत के पंगुरा ग्राम के समीप स्थित है। यहां इट्टी नदी दो जलप्रपातों का निर्माण करती है।

हिरणी जलप्रपात

रांची चाईबासा मार्ग पर खूंटी से आगे रांची से 70 किलोमीटर दूरी पर स्थित है जहां 120 फीट की ऊंचाई से गिरता है।

सीता जलप्रपात

रांची से 44 किलोमीटर दूर यह अभी अविकसित जलप्रपात है, परंतु भविष्य में यह जोन्ह जलप्रपात से ज्यादा प्रसिद्ध होगा। इस जलप्रपात तक जाने के लिए जोन्हा जलप्रपात से ठीक 1 किलोमीटर पहले पक्की सड़क से पूर्व लगभग 4 किलोमीटर मोरथ से होकर जाना पड़ता है। इसकी ऊंचाई लगभग 280 फीट है।  इस जल अपवाद के ऊपर एक छोटे मंदिर में माता सीता का पत्थर का बना पद चिन्ह है। संभवत है इस मंदिर के नाम से इस जलप्रपात का नाम सीता जल प्रपात पड़ा।

डुम्बारी (शैल क्लब) पहाड़ी

रांची जिले के खूंटी अनुमंडल मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर स्थित है जोकि स्वतंत्रता आंदोलन में जलियांवाला बाग के न सिर्फ समांतर बल्कि उससे भी ज्यादा महत्व रखता है क्योंकि डुम्बारी पहाड़ी महान स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा का गुरिल्ला युद्ध प्रशिक्षण शिविर स्थल है। इसी शैल रकब पहाड़ी पर बिरसा मुंडा को पकड़ने के लिए अंग्रेजों ने भारी मार काट मचाई थी, परंतु बिरसा मुंडा पकड़ा नहीं जा सके थे। 9 जनवरी 1900 को इसी स्थान पर जाट रेजिमेंट के कमिश्नर फोर्बेस के नेतृत्व में 400 मुंडो औरत मर्दो को बिरसा मुंडा को पकड़ने के लिए जिस तरह मार गिराया था वह जलियांवाला बाग हत्याकांड को भी छोटा बना देता है।

मछलीघर

रांची का मछलीघर 1944 में बनकर तैयार हुआ। यह ₹20 लाख की लागत से बना है जिसका डिजाइन भोपाल का मछलीघर की अनुकृति है। रांची का मछली घर बच्चों और युवाओं के आकर्षण का केंद्र है।

मूटा मगर प्रजनन केंद्र

रांची से 35 किलोमीटर दूर उत्तर में ओरमांझी प्रखंड में सिकंदरी से 6 किलोमीटर जाने पर 3 किलोमीटर पैदल चलकर मूटा मगर प्रजनन केंद्र पहुंचा जा सकता है, मूटा के आसपास है भेड़ा नदी के 15 दह है जिसमें 6 दहों में मगर पाए जाते हैं। जाड़े के दिनों में बड़ा नदी के किनारे धूप में बैठे मगर आसानी से देखने को मिल जाते हैं। यहां दर्जनों छोटे बड़े मगरमच्छ है।

गुलाब प्रदर्शनी

रांची को गुलाब पैदा करने में विश्व में इंग्लैंड के बाद दूसरा स्थान प्राप्त है। रांची में प्रतिवर्ष गुलाब प्रदर्शनी जनवरी महीने में लगाई जाती है, जो अत्यंत दर्शनीय होती है।

एकैसी महादेव मेला

रांची जिले के भूर नदी के बीच जलधारा में 21 शिवलिंग है जिसे एकैसी महादेव के नाम से जाना जाता है। मकर सक्रांति के अवसर पर यहां भव्य मेले का आयोजन होता है।

रांची – धर्म आधारित जनगणना 2011

धर्म कुल जनसंख्या प्रतिशत
हिंदू 16,12,239 55.32
मुस्लिम 4,10,759 14.09
ईसाई 1,93,974 6.66
सिख 4,826 0.17
बौद्ध 932 0.03
जैन 2,733 0.09
अन्य 6,77,445 23.25
अवर्गीकृत 11,345 0.39

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