History

स्वतंत्रता पूर्व बिहार में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन

आज इस आर्टिकल में हम आपको स्वतंत्रता पूर्व बिहार में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन के बारे में बताने जा रहे है.

More Important Article

स्वतंत्रता पूर्व बिहार में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन

वर्ष स्थान अध्यक्ष
1912 (27 वां अधिवेशन) बांकीपुर, पटना रंगनाथ सिंह मधोलकर
1922 (38 वां अधिवेशन) गया देशबंधु चितरंजन दास
1940 (53 वां अधिवेशन) रामगढ़ (वर्तमान झारखंड) मौलाना अबुल कलाम आजाद

स्वतंत्रता आंदोलन में बिहार के क्रांतिकारियों का योगदान

बिहार में क्रांतिकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में श्री सियाराम सिंह के नेतृत्व सियाराम दल ने उल्लेखनीय योगदान दिया है. स्थल के कार्यक्रम में चार बातें मुख्य थी- धन संचय, शस्त्र संचय, शस्त्र चलाने का प्रशिक्षण तथा सरकार का प्रतिरोध करने के लिए जन संगठन. बिहार के प्रारंभिक क्रांतिकारियों में डॉ ज्ञानेंद्र नाथ, केदार नाथ बनर्जी तथा बाल ठाकुरदास प्रमुख थे. इन्होंने 1906-1907 में रामाकृष्ण सोसायटी की स्थापना की.

1908 में खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चंद्र चाकी ने मुजफ्फरपुर के जिला जज बीएच किंग्स फोर्ड की हत्या का प्रयास किया, किंतु धोखे से वकील प्रीगले केनेडी की पत्नी और बेटी की हत्या हो गई. पुलिस से बचने के लिए प्रफुल्ल चाकी ने आत्महत्या कर ली, जबकि खुदीराम बोस को गिरफ्तार कर 11 अगस्त, 1908 को फांसी पर लटका दिया गया.

1913 ई. में सचिंद्र नाथ सान्याल ने पटना में अनुशीलन समिति की स्थापना की. इसके संचालन का भार अप्रत्यक्ष से बी एन कॉलेज के एक छात्र बकिंमचंद्र मित्र के ऊपर था. बंकिमचंद्र ने हिंदू बॉयज एसोसिएशन नामक एक संस्था भी गठित की.

ढाका अनुशीलन समाज के बिहार में प्रमुख नेता थे- सचिंद्र नाथ सान्याल, रासबिहारी बोस, हिरणयमय बनर्जी, वासुदेव भट्टाचार्य, बंकिमचंद्र मित्र आदि थे. 1915 में बंकिमचंद्र मित्र को सचिंद्र नाथ सान्याल के साथ बनारस षड्यंत्र कांड में गिरफ्तार कर लिया गया और इन्हें 3 साल के सश्रम कारावास की सजा हुई.

इसी प्रकार से भागलपुर से ढाका अनुशीलन समिति के सदस्य रेवती नाग, फनी भूषण भट्टाचार्य, नलिनी बागची आदि ने क्रांतिकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की. क्रांतिकारी गतिविधियों को गति देने के क्रम में 1927 में पटना युवक संघ की स्थापना हुई. इस संघ में शामिल लोगों में मनिंदर नारायण राय, फूलन प्रसाद वर्मा, कृष्ण बल्लभ सहाय, बृजनंदन प्रसाद इत्यादि प्रमुख थे.

1929 ई. में रामवृक्ष बेनीपुरी एवं अंबिका कांत सिंह के नेतृत्व में पटना में महेंद्र प्रताप के घर पाटलिपुत्र युवक संघ तथा 1918 में मोतिहारी में बिहारी युवक संघ की स्थापना की गई. पटना से अंबिका कांत सिंह तथा जगदीश नारायण के सहयोग से युवक नामक एक मासिक पत्रिका का प्रकाशन शुरू हुआ.

बिहार की महिला क्रांतिकारियों में कुसुम कुमारी देवी एवं श्री गौरी दास का नाम महत्वपूर्ण है. 28 जून, 1931 को पटना में भिखना पहाड़ी के पास पुलिस ने सूरज नाथ चौबे एवं दिल्ली षड्यंत्र केस के अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया.  9 नवंबर, 1932 चंद्रमा सिंह ने लाहौर एवं पटना षड्यंत्र कांड के मुखबिर फनेंद्र नाथ की हत्या कर दी.

Recent Posts

CGPSC SSE 09 Feb 2020 Paper – 2 Solved Question Paper

निर्देश : (प्र. 1-3) नीचे दिए गये प्रश्नों में, दो कथन S1 व S2 तथा…

5 months ago

CGPSC SSE 09 Feb 2020 Solved Question Paper

1. रतनपुर के कलचुरिशासक पृथ्वी देव प्रथम के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन सा…

5 months ago

अपने डॉक्यूमेंट किससे Attest करवाए – List of Gazetted Officer

आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएँगे की अपने डॉक्यूमेंट किससे Attest करवाए - List…

6 months ago

Haryana Group D Important Question Hindi

आज इस आर्टिकल में हम आपको Haryana Group D Important Question Hindi के बारे में…

6 months ago

HSSC Group D Allocation List – HSSC Group D Result Posting List

अगर आपका selection HSSC group D में हुआ है और आपको कौन सा पद और…

6 months ago

HSSC Group D Syllabus & Exam Pattern – Haryana Group D

आज इस आर्टिकल में हम आपको HSSC Group D Syllabus & Exam Pattern - Haryana…

6 months ago