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भारतीय संविधान की अनुसूचियाँ

नवनिर्मित संविधान में 22 भाग, 395 अनुच्छेद और अनुसूचियां थी. वर्तमान में अनुसूचियों को बढ़ाकर 12 कर दिया गया.

  1. प्रथम अनुसूची –  इसमें भारतीय संघ के घटक राज्यों ( 29 राज्य) एवं संघशासित क्षेत्रों (7) का उल्लेख है.
  2. द्वितीय अनुसूची- इसमें भारतीय राज्य व्यवस्था के विभिन्न पदाधिकारियों को प्राप्त होने वाले वेतन, भत्ते और पेंशन आदि का उल्लेख किया गया है.
  3. तृतीय अनुसूची- इसमें विभिन्न पदाधिकारियों द्वारा पद- ग्रहण के समय ली जाने वाली शपथ का उल्लेख है.
  4. चौथी अनुसूची- इसमें विभिन्न राज्यों तथा संघीय क्षेत्रों का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व का विवरण दिया गया है.
  5. पांचवी अनुसूची- इसमें विभिन्न अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजाति के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में उल्लेख है.
  6. छठी अनुसूची- इसमें असोम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के बारे में प्रावधान है.
  7. सातवीं अनुसूची –  इसमें केंद्र एवं राज्यों के बीच शक्तियों के बंटवारे के बारे में दिया गया है, इसके अंतर्गत तीन सूचियां है – संघ सूची, राज्य सूची एवं समवर्ती सूची.
  8. आठवीं सूची – इस सूची में दिए गए विषय पर केंद्र सरकार कानून बनाती है. संविधान के लागू होने के समय इसमें 97 विषय थे ,वर्तमान समय इसमें इसमें 98 विषय है.
  9. राज्य सूची – की सूची में दिए गए विषय पर राज्य सरकार कानून बनाती है. राष्ट्रीय हित से संबंधित होने पर केंद्र सरकार भी कानून बना सकती है. संविधान के लागू होने के समय इसके अंतर्गत 166 विषय थे, वर्तमान समय में इस में 62 विषय है.
  10. समवर्ती सूची- सूची में दिए गए विषय पर केंद्र एवं राज्य दोनों सरकारें कानून बना सकती है. संविधान के लागू होने के समय समवर्ती सूची में  47 विषय थे, वर्तमान समय में इसमें 52 विषय है.

संघ सूची के प्रमुख विषय

रक्षा, विदेशी मामले, मुद्रा, रेलवे, नौसेना, वायु सेना, थल सेना, आयुध, परमाणु ऊर्जा, पासपोर्ट, राष्ट्रीय राजमार्ग, बंदरगाह, डाक-तार, टेलीफोन, डाकघर, बचत बैंक, स्टॉक एक्सचेंज, तेल क्षेत्र, अफीम की खेती, जनगणना, संघ लोक सेवा आयोग, निगम कर, समाचार-पत्रों के क्रय-विक्रय तथा उनके विज्ञापनों पर करें, संचार एवं सभी केंद्रीय विश्वविद्यालय.

राज्य सूची के प्रमुख विषय

कानून व्यवस्था, पुलिस ऊंच-न्यायालय के अधिकारी व सेवक , कारागार, स्थानीय शासन, लोक स्वास्थ्य व स्वच्छता, अस्पताल, शव अंतिम क्रिया व कब्रिस्तान, संवदाह एवं श्मशान, कृषि, पशुधन का परीक्षण, भूमि मछली पालन, बाजार, मेले, राज्य लोक सेवा आयोग, राज्य लोक ऋण, कृषि आय पर कर, भूमि व भवन कर.

समवर्ती सूची के प्रमुख विषय

दंड विधि, बंदी, विवाह  व विवाह विच्छेद, शिशु की वश्यस्क दतक ग्रहण, वन, शिक्षा , विधि  वृति, चिकित्सा वृत्ति, कीमत नियंत्रण, कारखाने, विद्युत, जनसंख्या नियंत्रण, परिवार नियोजन, संपत्ति का अर्जन एवं अधिग्रहण, जन्म व मृत्यु का पंजीकरण आदि विषय समवर्ती सूची में रखे गए हैं.

  1. आठवीं अनुसूची -इसमें भारत की 22 भाषाओं का उल्लेख किया गया है,
  2. नौवीं अनुसूची- संविधान में यह अनुसूचित प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम 1951 द्वारा जोड़ी गई, इसके अंतर्गत राज्य द्वारा संपत्ति के अधिग्रहण की विधियों का उल्लेख किया गया है.
  3. 10 वीं अनुसूची- यह संविधान में 52 वें संशोधन, वर्ष 1985 द्वारा जोड़ी गई इसमें दल – बदल से संबंधित प्रावधानों का उल्लेख है.
  4. ग्याहरवी अनुसूची- यह अनुसूची संविधान में 73वें संवैधानिक संशोधन ( 1993) द्वारा जोड़ी गई, इसमें पंचायती राज संस्थाओं को कार्य करने के लिए 29 विषय प्रदान किए गए हैं.
  5. बारहवीं अनुसूची- यह अनुसूची संविधान में 74 वें  संवैधानिक संशोधन ( 1993) द्वारा जोड़ी गई. इसमें शहरी क्षेत्र की स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को कार्य करने के लिए 18 बच्चे दिए गए हैं.

राज्यों का पुनर्गठन

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशी रियासतों और ब्रिटिश संसद भारतीय रियासतों का विलय कर दिया गया. भाषा के आधार पर वर्ष 1953 में आंध्र प्रदेश राज्य का गठन किया गया. बाद में फजल अली आयोग की सिफारिशों राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के निर्माण का मार्ग  प्रशस्त किया. इसके आधार पर 14 राज्यों और 6 संघ शासित प्रदेशों का निर्माण हुआ. 1 मई, 1960 को मराठी एवं गुजराती भाषीयों के बीच संघर्ष के कारण मुंबई राज्य का बंटवारा कर महाराष्ट्र एवं गुजरात- 2 राज्यों की स्थापना की गई.

भारत सरकार ने 18 दिसंबर, 1961 को गोवा, दमन व दीव को पुर्तगालियों से मुक्त करा कर उन पर पूर्ण अधिकार कर लिया. नागा आंदोलन के कारण असोम को विभाजित करके 1 दिसंबर, 1963 में नागालैंड को अलग राज्य बनाया गया. 1 नवंबर, 1966 में पंजाब को विभाजित करके पंजाब ( पंजाबी भाषा) एवं हरियाणा ( हिंदी भाषा) दो राज्य बना दिए गए.

जम्मू कश्मीर

भारतीय संविधान में जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 के अंतर्गत विशेष दर्जा प्रदान किया गया है. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 1, जम्मू और कश्मीर को भारतीय क्षेत्र के एक भाग के रूप में 15 वां राज्य निर्दृष्ट करता है.

केंद्र शासित प्रदेश

राज्य राजधानी भाषा
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह है पोर्ट ब्लेयर हिंदी, निकोबारी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, मलायम
चंडीगढ़ चंडीगढ़ हिंदी, पंजाबी
दादर एवं नगर हवेली सिलवासा गुजराती, हिंदी
दमन और दीव दमन गुजराती
दिल्ली दिल्ली हिंदी,  पंजाबी, उर्दू
लक्षद्वीप कव्वाली जेसेरी, महल
पुदुच्चेरी पुदुच्चेरी तमिल, तेलुगु, मलायम

 

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