Technical

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर से जुडी महत्वपूर्ण जानकारी

सॉफ्टवेयर

कंप्यूटर में प्रयोग होने वाले सभी यांत्रिक, इलेक्ट्रॉनिक तथा वैद्युत के विभाग जिन्हें हम आंखों से देख तो सकते हैं, परंतु छु नहीं सकते, सॉफ्टवेयर कहलाते हैं. कंप्यूटरों में सैकड़ों की संख्या में प्रोग्राम होते हैं, जो अलग-अलग कार्यो के लिए लिखे या बनाए जाते हैं. इन सभी प्रोग्रामों के समूह को सम्मिलित रूप से सॉफ्टवेयर कहा जाता है.

सिस्टम सॉफ्टवेयर

यह प्रोग्राम कंप्यूटर को चलाने, उसे नियंत्रित करने, इसके विभिन्न भागों की देखभाल करने तथा उसकी सभी क्षमताओं का अच्छे से अच्छा उपयोग करने के लिए लिखे जाते हैं, उनको सम्मिलित रूप से सिस्टम सॉफ्टवेयर कहते हैं. इनमें निम्नलिखित प्रोग्राम शामिल है- ऑपरेटिंग सिस्टम, भाषा अनुवादक

ऑपरेटिंग सिस्टम

ऑपरेटिंग सिस्टम एक ऐसा सॉफ्टवेयर है, जो कि यूज़र व कंप्यूटर हार्डवेयर के मध्य एक इंटरफ़ेस का कार्य करता है. यह एक साधन प्रबंधक है, जो यह सुनिश्चित करता है कि समस्त हार्डवेयर साधनों की क्षमता का पर्याप्त उपयोग हो. ऑपरेटिंग सिस्टम के कुछ मुख्य उदाहरण है- Android, माइक्रोसॉफ्ट, Windows, Windows फोन एवं IBM Z\OS आदि.

ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार

सिंगल यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम

CPM  

यह वर्ष 1970 में डिजिटल रिसर्च कंपनी द्वारा विकसित किया गया था. यह इंटेल कंपनी की INTEL-8080 या जिलोंग कंपनी की Z80 जीप पर आधारित माइक्रो कंप्यूटर के लिए विकसित किया गया था.

MacOS सिस्टम

यह ऑपरेटिंग सिस्टम Apple कंपनी ने कंप्यूटरों के लिए विकसित किया है.

MS-DOS

यह माइक्रोसॉफ्ट कंपनी द्वारा वर्ष 1981 में intel  8086\ 8088 पर आधारित माइक्रो कंप्यूटर के लिए विकसित किया गया था.

मल्टी टास्किग ऑपरेटिंग सिस्टम

यह ऑपरेटिंग सिस्टम माइक्रोसॉफ्ट कंपनी द्वारा विकसित किया गया है.

os\2

यह ऑपरेटिंग सिस्टम IBM कंपनी द्वारा विकसित किया गया है.

विण्डोज -8

यह माइक्रोसॉफ्ट कंपनी द्वारा बनाया, Windows ग्रुप का नवीनतम रूप जिसे वर्ष 2012 में जारी किया गया है. इसमें बहुत टाइम सर्च प्रणाली Windows टू गो जैसी सुविधाओं की ओर अधिक विकसित एवं संशोधित किया गया है.

मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम

यूनिवक्स

यह ऑपरेटिंग सिस्टम वर्ष 1969 में बेल लैब्स  में केन थामसन द्वारा विकसित किया गया था.

VAX-VMS

यह ऑपरेटिंग सिस्टम डिजिटल इक्विपमेंट ऑपरेशन द्वारा विकसित किया गया था.

ऑपरेटिंग सिस्टम

  • प्रोसेसिंग प्रबंधन
  • मेमोरी प्रबंधन
  • इनपुट-आउटपुट युक्ति प्रबंधन
  • फ़ाइल प्रबंधन

भाषा अनुवादक

यह प्रोग्राम है, जो विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाओं में लिखे गए प्रोग्राम हो का अनुवाद कंप्यूटर की मशीनी भाषा में करते हैं. भाषा अनुवाद को को मुख्यतः तीन श्रेणियों में बांटा गया है.

असेंबलर

यह एक ऐसा प्रोग्राम है, जो असेंबली भाषा में लिखे गए प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है.

कंपाइलर

यह एक ऐसा प्रोग्राम है, जो किसी प्रोग्रामर द्वारा प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है. प्रत्येक उच्च स्तरीय भाषा के लिए एक अलग कंपाइलर की आवश्यकता होती है.

इंटरप्रेटर

यह भी किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्च स्तरीय भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है, परंतु यह एक बार में सोर्स प्रोग्राम के केवल एक कथन को एक या अधिक मशीनी भाषा के कथनों में अनुवाद करता है. सिग्नल एक संकेत होता है, जो एक प्रक्रिया के लिए भेजा जाता है.

इंटरप्ट्स

ये वो सिग्नल होते हैं, जो ऑपरेटिंग सिस्टम को यह सूचना देते हैं कि कोई क्रियाकलाप किया गया है. इंटरप्ट्स अनेक वर्गों में वर्गीकृत किए गए हैं.

  1. मासकेबल इंटरप्ट्स
  2. नॉन मास केबल
  3. इंटेल प्रोसेसर इंटरप्ट्स
  4. सॉफ्टवेयर इंटरप्ट्स
  5. सपुरीयस इंटरप्ट्स

शेयरवेयर

एक ऐसा सॉफ्टवेयर है, जिसे खरीदने से पहले उपयोग करके देखा जा सकता है.

स्पाईवेयर

एक ऐसा सॉफ्टवेयर है, जिसे प्रयोक्ता के संज्ञान एवं अनुमति बिना उसके कंप्यूटर पर संस्थापित किया जा सकता है.

क्रिपलवेयर

एक ऐसा सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है, जिसका पूर्ण उपयोग उपयोकता द्वारा तब तक नहीं किया जा सकता है,  जब तक की कोई अपना पंजीकरण कराएं अथवा उस सॉफ्टवेयर को खरीद लें.

कॉमन लैंग्वेज इंफ्रास्ट्रक्चर

सामान्य रूप से प्रयोग में आने वाली किसी भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में लिखा गया, एप्लीकेशन प्रोग्राम उपलब्ध करता है. एडिप्टीव सॉफ्टवेयर एक तरह का विशेष प्रोग्राम होता है, जिसे एक खास तरह के हार्डवेयर में प्रयुक्त किया जाता है उसका उपयोग शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति करते हैं.

ग्राफिकल यूज़र इंटरफ़ेस

यह ऑपरेटिंग सिस्टम के मल्टीटास्किंग में सहायक होता है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
Close