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ध्वनि से जुडी प्रश्नोत्तरी

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शोर तथा संगीत में क्या अंतर है? क्या कभी संगीत शोर बन सकता है?

जो ध्वनि कानों को अच्छी लगे वह संगीत है और जो अच्छी ना लगे वह शोर है। अत्यधिक ऊंची व अवाछनियाँ ध्वनियाँ शोर बन जाती है जब ध्वनि हमारे कानों के लिए असाह्रा बन जाती है तो उसे शोर माना जाता है यही स्थिति संगीत की भी है।

अपने वातावरण में शोर प्रदूषण के स्रोतों की सूची बनाइए।

शोर  प्रदूषण के स्रोत-

  1. लाउडस्पीकरो की ऊंची आवाज-
  2. वाहनों के इंजनों में होरन की आवाज।
  3. टीवी की ऊंची आवाज।
  4. बैंड- ढोल की आवाज।
  5. वाद्य यंत्रों तथा डीजे की आवाज।
  6. घरेलू उपकरणों- मिक्सी ग्राइंडर, बिजली की मोटर, कूलर आदि की आवाज।
  7. उद्योग धंधों में लगी मशीनों की आवाज।
  8. द्रुत गति से चलने वाले वायुयान आदि की आवाज।

वर्णन कीजिए कि शोर प्रदूषण मानव के लिए किस प्रकार हानिकारक है?

  1. बहरापन होने का भय रहता है।
  2. हृदय संपदन दर बढ़ जाती है।
  3. मानसिक तनाव का कारण होता है।
  4. रुधिर वाहिकाऑ में संकटापन जाता है।
  5. अनिद्रा का कारण बन जाता है।
  6. मानव स्वभाव चिड़चिड़ा बन जाता है।

आपके माता-पिता एक मकान खरीदना चाहते हैं। उन्हें एक मकान सड़क के किनारे पर तथा दूसरा सड़क से तीन गली छोड़कर देने का प्रस्ताव किया गया है। आप अपने माता पिता को कौन सा मकान खरीदने का सुझाव देंगे? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।

सड़क के किनारे की  बजाय 3 गली छोड़कर स्थित मकान को खरीदना हितकर के लिए है क्योंकि सड़क के किनारे स्थित मकान वाहनों के ध्वनि प्रदूषण से प्रभावित रहेगा। दूर स्थित मकान ध्वनि प्रदूषण से सुरक्षित व स्वास्थ्य लाभ होने के कारण खरीदने में ही बुद्धिमता है।

आकाश में तड़ित तथा मेघगर्जन की घटना एक समय पर तथा हम से समान दूरी पर घटित होती है। हमें तड़ित पहले दिखाई देती है तथा मेंघर्जन बाद में सुनाई देता है। क्या आप इसकी व्याख्या कर सकते हैं?

आकाश से तड़ित तथा मेघ गर्जन दोनों घटनाएं एक ही समय में घटित होती है। तड़ित ( प्रकाश) की चाल मेंघगर्जन (ध्वनि) की चाल से अधिक होने के कारण तड़ित पृथ्वी पर पहले दिखाई देती है और मेघगर्जन इसके कुछ समय बाद सुनाई देता है। ध्वनि को पृथ्वी तक पहुंचने में प्रकाश से अधिक समय लगता है।


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