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महाजनपद काल में बिहार – Bihar GK Hindi

आज इस आर्टिकल में हम आपको महाजनपद काल में बिहार – Bihar GK Hindi के बारे में बताने जा रहे है.

महाजनपद काल में बिहार – Bihar GK Hindi

  • छठी शताब्दी ईसापूर्व में भारत के महाजनपदों में से तीन वज्जी मगध अंग बिहार में क्षेत्र थे.
  • आधुनिक उत्तर बिहार को प्राचीन काल में वज्जीनाम से भी जाना जाता था. वज्जी महाजनपद 8 राज्यों का एक संघ था, जिसमें वज्जी के अतिरिक्त वैशाली के लक्ष्मी मिथिला के विद्रोह तथा कुंडग्राम के ग्यात्रीग्य विशेष रूप से विख्यात है.
  • वैशाली उतरी बिहार के वर्तमान वैशाली जिले में स्थित आधुनिक बसाढ है.
  • मिथिला की पहचान नेपाल की सीमा में स्थित है. जनकपुरधाम नामक नगर से की जाती है यहां पहले राजतंत्र था परंतु बाद में गणतंत्र स्थापित हो गया.
  • अन्य चार राज्यों में समभवत उग्र, भोग, तथा कौरव थे. जैन साहित्य में ज्ञातु को के साथ  इनका उल्लेख हुआ है. साथ ही इन्हें एक ही संस्थागार का सदस्य कहा गया है. बुद्ध के काल में यह 8 जनों को एक शक्तिशाली संस्था.
  • वज्जी  संघ में 8 जातियां थी जिनमें विदेह, लिच्छवी और वज्जी प्रसिद्ध. इनमें उग्र, भोग, कौरव, भी थे.
  • लिच्छवी क्षत्रिय थे. संभवत वे आर्यों से अलग किसी अन्य जाति से संबंध रखते थे.
  • मिथिला के विदेह वज्जी  संघ में सदस्य थे. किसी समय विदेह में विशाली भी शामिल था.
  • वैशाली के कुडग्राम की ज्ञात्रिक जाति के लोग भी संघ के सदस्य थे. 24 वितरित कर महावीर जैन ज्ञात्रिक थे.
  • भोगनगर की जाति भोग अयोध्या या विदेह हस्तिनापुर से आयी कौरव जाति के लोग संघ के सदस्य बने थे.
  • वज्जी संघ के प्रधान एवं लिच्छवी सरदार चेतक या चेटक की बेटी का विवाह ज्ञात्रिक कुल में हुआ था जहां महावीर पैदा हुए.
  • चेटक की पुत्री चेल्ह्ना का विवाह मगध नरेश बिबिसार के साथ हुआ था.
  • वैशाली में प्रसिद्ध नर्तकी आम्रपाली थी, जो वैशाली की नगरवधू के पद पर आसीन हुई थी. अमरपाली का कथित संबंध तत्कालीन मगध नरेश अजातशत्रु के साथ था.
  • अपने प्रवास के दौरान भगवान बुद्ध ने अमरपाली के निवास पर भोजन किया था. अमरपाली ने बौद्ध संघ को एक उधान समर्पित किया था.
  • मगध सम्राट अजातशत्रु ने वज्जी संघ में फूट डलवा और उस पर आक्रमण करके वज्जी सन को पराजित कर दिया तथा मगध साम्राज्य की सीमा का विस्तार किया.
  • वैशाली नगर के संस्थापक विशाल के वैशाल वैशालिक राजवंश का प्रारंभ मनु के पुत्र नमनेदृष्टि से होता है. राजू उसका उल्लेख मूलतः विष्णु पुराण, गरुड़ पुराण, वायु पुराण एवं भागवत पुराण के अलावा कुछ अन्य स्रोतों से भी मिलता है. इस राज्य में कुल 33 शासक हुए जिनमें मनु पुत्र नमनेदृष्टि प्रथम राजा थे.
  • वैशाली नगर की स्थापना करने वाले विशाल इस राजुवास के 24 वें राजा थे. जबकि सुमित या प्रमत्ति किस राजवंश के आखिरी राजा हुए.
  • महात्मा गौतम बुद्ध के समय में उत्तर भारत की राजनीति में 4 शक्तिशाली राजतंत्र का वर्चस्व था, जिनमें एक मगध था.
  • मगध का सर्वप्रथम उल्लेख अर्थ वेद में मिलता है. मगध महाजनपद में वर्तमान पटना और गया जिले में शामिल थे.
  • मगध महाजनपद की सीमा उत्तर में गंगा से दक्षिण में विंध्य पर्वत तक तथा पूर्व में चंपा से पश्चिम में सोन नदी तक विस्तृत है.
  • मगध की प्राचीन राजधानी राजगिरा या गिरिव्रज थी. यह पांच पहाड़ियों के बीच स्थित थी. नगर के चारों और पत्थर की  सुदृढ़ प्राचीर बनाई गई थी.
  • कालांतर में मगध की राजधानी पाटलिपुत्र में स्थापित हुई.
  • मगध राज्य ने समकालीन शक्तिशाली राष्ट्रों ने कौशल, अवती को अपने राज्य मैं मिला लिया और मगध का शासन क्षेत्र पूरे देश में विस्तृत हो गया.
  • मगध साम्राज्य के गौरव का वास्तविक संस्थापक बिंबिसार था. वह महात्मा बुद्ध का मित्र एवं संरक्षक था. बिंबिसार एक महान विजेता था. उसने अपने पड़ोसी राज्य अंग पर आक्रमण करो से जीता था  और अपने राज्य में मिला लिया.
  • बिंबिसार व्यवस्था में अपने पुत्र अजातशत्रु द्वारा मारा गया.
  •  अजातशत्रु घोर साम्राज्यवादी था. उसने वज्जी संघ को प्रास्त कर उस का राज्य मगध में मिला लिया. इसके पश्चात उसने मुल्लों के संघ को भी विजित किया.
  • मगध तथा अन्य एक-दूसरे के पड़ोसी महाजनपद थे तथा दोनों को पृथक करती हुई चंपा नदी बहती थी. अंक का प्रथम उल्लेख अर्थ वेद में मिलता है.
  • अंग महाजनपद उत्तरी बिहार के भागलपुर तथा मुंगेर जिले वाले क्षेत्र में स्थित था. इस राज्य की स्थापना अंग नामक राजकुमार ने की थी. इसकी राजधानी चंपा वर्तमान भागलपुर के निकट स्थित है.
  • महाभारत तथा पुराणों में चंपा के प्राचीन नाम मालिनी का उल्लेख मिलता है. दीघनिकाय के अनुसार इस नगर के निर्माण की योजना विख्यात वास्तुकार महागोविंद ने प्रस्तुत की. प्राचीन काल में चंपा नगरी अपने वैभव और अपार के लिए विख्यात थी.
  • तितुक्षी उनका पहला आर्य राजा था, यहां कुल 25 राजा हुए. अंकित इन अंतिम राज्यों में प्रथम दधिवाहन थे जिन की पुत्री वंदना महावीर के जैन धर्म को अविष्कार करने वाली प्रथम महिला थी. वत्स राजाने चंपा पर आक्रमण किया.
  • उनके दूसरे राजा द्रधव्रमन ने अपनी पुत्री का विवाह उद्ययन के साथ किया.
  • अंग के प्रमुख शहर चंपा, आसन एवं भछिय थे. महापरिनिर्वाण सुपर में चंपा के अलावा अन्य 5 महानगरों के नाम- राजगीर,  सरस्वती, साकेत, कोसांबी और बनारसी दिए गए हैं.
  • बुद्ध काल में गंगा घाटी में लगभग 10 गणराज्य थे. इनमें कप के बुल्ली, वैशाली के लिच्छवी और मिथिला के विदेह बिहार के अंतर्गत आते हैं,

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