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महासमुंद जिले से जुडी जानकारी


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महासमुंद की स्थापना कब हुई थी?

6 जुलाई 1998

महासमुंद का उपनाम क्या है?

बौद्ध विहार\स्वास्तिक विहार

महासमुंद का सभाँग कहां पर स्थित है?

रायपुर

महासमुंद का क्षेत्रफल कितने वर्ग किलोमीटर में है?

4963.01 वर्ग किलोमीटर

महासमुंद की तहसील कहां पर स्थित है?

5 (महासमुंद, सराय पाली, बसना, बागबाहरा, पिथौरा)

महासमुंद के कुल गांव की संख्या कितनी है?

1145

महासमुंद  में कुल जनपद पंचायत की संख्या कितनी है?

05

महासमुंद में ग्राम पंचायत की संख्या कितनी है?

491

महासमुंद नगर की संख्या कितनी है?

0

महासमुंद नगर पालिका की संख्या कितनी है?

03

महासमुंद नगर पंचायत की संख्या कितनी है?

03

महासमुंद  जनसंख्या में रैंक 2011 में कितने हैं थे?

11

महासमुंद कुल जनसंख्या 2011 में कितनी थी?

10,32,754

महासमुंद कुल जनसंख्या में पुरुषों की जनसंख्या कितनी थी?

5,11,967

महासमुंद के कुल जनसंख्या में महिलाओं की जनसंख्या कितनी थी?

5,20,787  

महासमुंद में 2011 में 0-6  आयु वर्ग के कुल जनसंख्या कितनी थी?

1,34,448

महासमुंद में 0-6 वर्ग के कुल पुरुषों की जनसंख्या कितनी थी?

68207

महासमुंद में 0-6 की आयु की महिला की जनसंख्या कितनी थी?

66241

महासमुंद साक्षरता दर कितनी प्रतिशत है?

71.02

महासमुंद में 2011 में पुरुष साक्षरता दर कितने प्रतिशत है?

882.05 प्रतिशत

महासमुंद में 2011 में महिला साक्षरता दर कितनी प्रतिशत है?

60.25  प्रतिशत है

महासमुंद में जनसंख्या घनत्व 2011 में कितना था?

208 प्रति वर्ग किलोमीटर

महासमुंद 2011 में लिंगानुपात कितना था?

1000 :  1017

महासमुंद में लिंगानुपात में रैंक 2011 में कितना था?

05

महासमुंद में जनसंख्या घनत्व में रैंक 2011 में कितना था?

5

महासमुंद साक्षरता में रेक 2011 में कितना था?

11

महासमुंद की कुल अनुसूचित  जनजाति की जनसंख्या 2011 में कितनी थी?

2,79,896

महासमुंद की कुल अनुसूचित जनजाति 2011 के अनुसार पुरुष की जनसंख्या कितनी थी?

 1,37,339

महासमुंद की कुल अनुसूचित जनजाति 2011 के अनुसार महिला की जनसंख्या कितनी थी?

1,42,557

महासमुंद कुल अनुसूचित जाति की जनसंख्या 2011 में कितनी थी?

1,39,581

महासमुंद की कुल अनुसूचित जाति की जनसंख्या 2011 के अनुसार पुरुष की जनसंख्या कितनी थी?

68,968

महासमुंद की कुल अनुसूचित जाति की जनसंख्या 2011 के अनुसार महिला की जनसंख्या कितनी थी?

17,613

महासमुंद की कुल ग्रामीण जनसंख्या 2011 में कितनी थी?

9,12,602

महासमुंद की कुल ग्रामीण जनसंख्या  2011 में पुरुषों जनसंख्या कितनी थी?

4,51,691

महासमुंद की कुल ग्रामीण जनसंख्या 2011 में महिलाओं की जनसंख्या कितनी थी?

4,60,911

महासमुंद में कुल शहरी जनसंख्या 2011 में कितनी थी?

1,20,152

महासमुंद की कुल शहरी जनसंख्या 2011 में पुरुष जनसंख्या कितनी थी?

60,276

महासमुंद की कुल शहरी जनसंख्या 2011 में महिला की जनसंख्या कितनी थी?

59,876 ‘

महासमुंद का इतिहास

  • महासमुंद जिले में स्थित सिरपुर ग्राम जो कभी शिरपुर तथा चित्रगंदपूर नाम से जाना जाता था । यह छोटा सा गांव का भी सर्वे पूरी है वस्त्र पश्चात पांडव वंश के राजाओं की राजधानी रहा है।
  • सिरपुर ग्राम का यशवंशी राजनीतिक इतिहास रहा है।  बौद्ध ग्रंथ अवदान शतक के अनुसार महात्मा बुध यहां आए थे।
  • हैंनसोंग ने 635 और 640 ईसवी के मध्य यहां यात्रा की थी।  कुछ विद्वान ऐसा मानते हैं कि शिरपुर महाभारत कालीन अर्जुन के पुत्र भब्रुवाहन  की राजधानी थी और उसका तत्कालीन भाग मणिपुर अथवा चित्रांगदा पूर था।
  • शिरपुर में लक्ष्मण मंदिर विष्णु को समर्पित सोमवंशी राजा हर्ष गुप्त की विधवा रानी वास्ता द्वारा बनाया गया।
  • शिरपुर में सेव ,वैष्णव, जैन, बौद्ध धर्म की प्रतिमाएं एक साथ प्राप्त हुई है।
  • महासमुंद के पश्चिम दिशा में 10 किलोमीटर की दूरी पर सफेद गंगा सहित है दिशा में महासमुंद10 किलोमीटर की दूरी पर सफेद गंगा स्थित  है.। गंगा के पास ही मनोरंम झरना और मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।

मिट्टी

लाल व पीली मिट्टी।

फसलें

गेहूं, मक्का, ज्वार, बाजरा, धान, मूंगफली, तिलहन।

अभयारण्य

बर्नवापुरा।

मेला महोत्सव

सिरपुर का मेला, बम हनी का मेला, चंडी का मेला।

प्रमुख उद्योग

लकड़ी चीरने का उद्योग, चावल का दाल मिल।

धार्मिक स्थल

बिरकोनी ( चंडी माता का मंदिर) खल्लारी माता का  मंदिर, नारायण मंदिर, ब्रह्मांमानेश्वरी, वाल्मीकि आश्रम, काली मंदिर, सिंह घोड़ा देवी मंदिर।

राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-

6

जलप्रपात

देव घर जलप्रपात (पिथौरागढ़ महासमुंद)

वन

952 वर्ग किलोमीटर

सबसे कम जनसंख्या वृद्धि वाला जिला

महासमुंद

  • छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक बंदर, सोन कुत्ता व चितल, बनवापरा।
  • महासमुंदजिले का कुल भौगोलिक क्षेत्र का 22.21% बाल घने जंगलों में वनाच्छादित है।

पर्यटन स्थल

पर्यटन स्थल पर्यटन स्थल की श्रेणी मुख्य दर्शनीय सथल
सिरपुर ऐतिहासिक धार्मिक पुरातात्विक ए लक्ष्मण मंदिर बौद्ध एवं स्वास्तिक विहार
तुरतुरिया धार्मिक प्राकृतिक पुरातात्विक लव-कुश की जन्म स्थली बौद्ध विहार
खल्लारी धार्मिक ऐतिहासिक प्राचीन देवालय खल्लारी माता मंदिर भीमपाव

प्रसिद्ध स्थल

बौद्ध विहार व स्वास्तिक विहार

सन 1955-56 में हुए उत्खनन के फल स्वरूप बौद्ध विहार और स्वास्तिक विहार प्रकाश में आए थे. बौद्ध विहार में 14 कक्षाओं से युक्त मुख्य गर्भग्रह में 6.5 फूट ऊँची भगवान बुद्ध की विशाल प्रतिमा स्थापित है. बुद्ध मंदिर के सामने पानी का कुंड तथा चारों और बौद्ध भिक्षुओं की कुटिया बनी हुई है. इनका निर्माण लम्बी इंटों तथा लंबे-लंबे प्रस्तर खंडों से किया गया है. निर्माण की स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि यह दो मंजिला रहा होगा. स्वास्तिक विहार भी बौद्ध विहार का लघु रूप दिखाई पड़ता है. बौद्ध विहार का निर्माण छठवीं शताब्दी में महाशिव गुप्त के शासनकाल (595- 655 ईसवी) में आनंद प्रभु द्वारा कराए जाने की जानकारी मिलती है.

लक्ष्मण मंदिर

पांडु वंश (सोमवश) के राजा हर्ष गुप्त का विवाह मगध के मौखरी राजा सूर्य वर्मा की बेटी वास्ता देवी से हुआ था। वह वैष्णो धर्मावलंबी थी। पति के स्वर्गवास होने के उपरांत पति की स्मृति को चिरस्थाई बनाने हेतु राजमाता वास्ता ने शिरपुर में हरी (विष्णु) का मंदिर बनवाया जो आज लक्ष्मण मंदिर के नाम से विख्यात है। इस समय इनके पुत्र महाशिव गुप्त बाल अर्जुन का शासन (595- 655 ईसवी) था।

लाल ईंटों द्वारा निर्मित यह मंदिर सिरपुर का विशेष आकर्षण है तथा संपूर्ण देश में प्रसिद्ध है। ईंटों में ही विभिन्न देवी-देवताओं, पशुओं, का सुस्पष्ट आकृतियां मंदिर में ऊपर से नीचे तक उभरी हुई है। ईंटों पर किसी किस्म का प्लास्टर नहीं होने के बावजूद सैकड़ों वर्षो की वर्षा, धूप में अपने सौंदर्य को समेटे खड़ा यह मंदिर वास्तु विद्वान तथा पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर गर्भ गृह में शेषनाग युक्त लक्ष्मण जी की एक प्रतिमा रखी हुई है। संभवत है इसलिए इसे लक्ष्मण मंदिर कहा जाने लगा है।

गंधेश्वर महादेव

गंधेश्वर महादेव का स्थापना काल आठवीं शताब्दी में माना जाता है इसका जीर्णोद्धार चिमनजी भोसला राजा द्वारा कराया गया था। यहां काले पत्थर से बना शिवलिंग स्थापित है। इस मंदिर प्रांगण में भगवान बुध जैन प्रतिमा विष्णु महिषासुर मर्दिनी तथा नटराज की प्रतिमाएं दृष्टिगोचर होती है, जो तत्कालीन धर्मनिरपेक्षता की परिचायक है।

संग्रहालय

लक्ष्मण मंदिर के पार्श्व में भारतीय पुरातात्विक विभाग द्वारा स्थापित एक संग्रहालय है। इसमें सिरपुर में प्राप्त लगभग 100 प्रतिमाएं तथा कलाकृतियां सुरक्षित है। यह कृतियां सेव वैष्णव, बौद्ध, जैन आदि संप्रदायों से संबंधित है प्रतिवर्ष बौद्ध पूर्णिमा के अवसर पर या सिरपुर महोत्सव का आयोजन किया जाता है तथा प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा के अवसर पर मेला लगता है।

प्रसिद्धि चीनी यात्री हैंन\सॉग सन 1939 ई. में कलिंग होते हुए दक्षिण कोशल की राजधानी पहुंचा था जिसने अपने यात्रा वृतांत में यहां का रोचक वर्णन किया है किंतु उसने यहां के राजा एवं राजवंश की चर्चा नहीं की है। उसने यहां अशोक के द्वारा स्तूप बनाए जाने का भी उल्लेख किया है। यदि विस्तृत उत्खनन कार्य किया जाए तो यहां मौर्य एवं बुध काल के अवशेष भी प्राप्त होंगे।

वरनवापारा (वन्य प्राणी अभयारण्य)

यह रायपुर जिले की सीमा को छूता हुआ महासमुंद जिले में महानदी तट पर 80०22’30’ से 82०37’30’ पूर्वी देशांतर तथा 21०81’45’ से 21०30’0′ पूर्वी अक्षांश के मध्य स्थित अभयारण्य है। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रम संख्या 6 पर रायपुर के आगे स्थित पेटवा से इसकी दूरी 17 किलोमीटर है।अभयारण्य का संपूर्ण क्षेत्रफल 244.66 वर्ग किलोमीटर है। इस अभयारण्य में हिरणों की संख्या अधिक है। इसके अलावा, बाघ, तेंदुआ, चित्तल, गौर,आदि वन्य प्राणी यहां पाए जाते हैं, सागौन से अधिक वन और उसमें स्थिति यह अभयारण्य पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। इसकी स्थापना 1976 में हुई थी। नवंबर से जून के मध्य पर्यटकों के लिए खुला रहता है।

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