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मध्य प्रदेश के पुलिस प्रशासन से जुडी जानकारी

मध्यप्रदेश के उत्तरी तथा पूर्वी क्षेत्रों में डाकू समस्या पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए सन 1968 में मध्यप्रदेश विशेष सशस्त्र बल एक्ट के अंतर्गत विशेष बल का गठन किया गया था।

पुलिस प्रशासन

  • राज्य पुलिस का सर्वोच्च अधिकारी पुलिस महानिदेशक गृह सचिव के अधीन होता है।
  • पुलिस मुख्यालय भोपाल में स्थित है।
  • मध्यप्रदेश 1960 में CID मुख्यालय भोपाल में एक अनुसंधान इकाई स्थापित की गई है। जिसका कार्य विशिष्ट अपराधों के विषय में अनुसंधान करना है।
  • प्रदेश के नगरों में थाना प्रभारी वरिष्ठ इंस्पेक्टर होता है। जिसे टाउन इंस्पेक्टर (टी आई) कहते हैं।
  • प्रदेश के ग्रामीणों में सब इंस्पेक्टर थाना प्रभारी होता है।
  • न्यायालयों में प्रॉसीक्यूशन के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूटर तथा उसकी सहायता के लिए सहायक पब्लिक प्रॉसिक्यूटर होता है,
  • राज्यपाल का ए डी सी पुलिस या सेना का अधिकारी होता है।
  • मध्य प्रदेश (पूर्वकालिक मध्य भारत) के प्रथम पुलिस महानिरीक्षक एक रुस्तम जी है।
  • भारतीय पुलिस सेवा मध्य प्रदेश की प्रथम महिला अधिकारी कु. आशा गोयल है।
  • मध्य प्रदेश में 8 केंद्रीय जेल  तथा 22 जिला जेल है।

पुलिस वायरलेस प्रशिक्षण महाविद्यालय इंदौर में पुलिसकर्मियों वायरलेस की कार्यप्रणाली के विषय में प्रशिक्षित किया जाता है. भारतीय पुलिस सेवा के स्वराजपुरी को मध्य प्रदेश पुलिस का 1 अप्रैल 2005 से महानिदेशक बनाया गया है।

पुलिसकर्मियों को यातायात की विविध आयामों की जानकारी पुलिस यातायात प्रशिक्षण संस्थान भोपाल में दी जाती है। शस्त्र पुलिस प्रशिक्षण केंद्र इंदौर में स्थित है।

सागर पुलिस महाविद्यालय में अपराध अनुसंधान के प्रशिक्षण की व्यवस्था। सागर में ही फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री भी कार्यरत है। जो आधुनिक उपकरणों से युक्त है, जो अपराधों के विश्लेषण में एक निर्णायक भूमिका निभाती है।

भोपाल में चिकित्सा महाविद्यालय के पार्षद मेडिसिन विभाग की सहायता से जटिल अपराधों को सुलझाने में सहायता मिलती है। प्रदेश में  पुलिस जिलों की संख्या (3 रेलवे जिलो सहित) 53 है।

शासकीय रेलवे पुलिस के प्रमुख थाने

मध्यप्रदेश में रेलवे पुलिस के लिए पृथक पुलिस महानिरीक्षक का पद सृजित किया गया है। इसके अधीन भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर में पुलिस अधीक्षक रेलवे के कार्यालय स्थापित है, इन तीनों सेक्शनों में स्थापित रेलवे पुलिस थानों की संख्या 21 है।

  • भोपाल सेक्शन- 8 थाने भोपाल, ग्वालियर (बड़ी लाइन एवं छोटी लाइन) बीना, विदिशा, इटारसी, आमला, खंडवा।
  • इंदौर सेक्शन- 7 थाने इंदौर, उज्जैन, रतलाम, रायगढ़, नीमच, गुना।
  • जबलपुर सेक्शन- 6 थाने जबलपुर, कटनी, सागर, छिंदवाड़ा, गाडरवारा, नैनपुर।

मध्य प्रदेश पुलिस रेंज में संबद्ध जिले

रेंज मुख्यालय जिला
इंदौर इंदौर  इंदौर, खंडवा, धार, झाबुआ, बड़वानी, बुरहानपुर, अली राजपुर, खरगोन।
उज्जैन उज्जैन उज्जैन,  देवास, रतलाम, मंदसौर, नीमच, शाजापुर
भोपाल भोपाल भोपाल, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, सिंगरौली, विदिशा
नर्मदा पुरम होशंगाबाद होशंगाबाद, हरदा, बेतूल
ग्वालियर ग्वालियर  ग्वालियर, शिवपुरी,, गुना, अशोकनगर, दतिया
सागर सागर सागर, टीकमगढ़, दमोह, छतरपुर, पन्ना,
जबलपुर जबलपुर जबलपुर, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, कटनी
रीवा रीवा  रीवा, सिंधी, सतना
चंबल मुरैना भिंड, मुरैना,  श्योपुर
शहडोल शहडोल अनूपपुर, डिंडोरी, शहडोल, उमरिया।

पुलिस प्रशासन के आधुनिकरण व उसकी गतिशीलता बढ़ाने और अपराध तथा अपराधियों का रिकॉर्ड रखने के लिए राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में कंप्यूटर स्थापित करने का निर्णय लिया।  इस योजना को 15 अप्रैल 1982 को भोपाल में पुलिस कंप्यूटर विभाग की स्थापना की गई।

राज्य में पुलिस विभाग ने अपने मुख्यालय भोपाल में हरिजन एवं आदिवासी प्रकोष्ठ की स्थापना की। मध्य प्रदेश के प्रथम पुलिस महा निरीक्षक श्री वी जी घाटे थे। वर्तमान समय में प्रदेश का सर्वोच्च पुलिस अधिकारी पुलिस महानिदेशक होता है।  मध्य प्रदेश के प्रथम पुलिस महानिदेशक बी पी दुबे थे।


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