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प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन के महत्वपूर्ण प्रश्न

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समतल दर्पण की फोकस दूरी है-

अनंत

समतल दर्पण के द्वारा उत्पन्न आवर्धन है-

+1

समतल दर्पण के द्वारा बना प्रतिबिंब होता है ?

सीधा आभासी तथा समान आकार का

एक अवतल दर्पण की फोकस दूरी होती है-

सदैव ऋणात्मक

किसी दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन 1\3, दर्पण की प्रकृति है –

उत्तल

दृश्य क्षेत्र अधिकतम होता है –

उत्तल दर्पण का

यदि प्रकाश की कोई किरण कांच की स्लैब के लंबवत पड़ती है तो कांच की स्लैब में उसका अपवर्तन कोण होगा-

0०

तारों के टिमटिमाने का कारण है-

वायुमंडल में अपवर्तनांक में उतार चढ़ाव (परिवर्तन)

ऑप्टिकल फाइबर किस सिद्धांत का प्रयोग होता है?

पूर्ण आंतरिक परावर्तन

किस दर्पण द्वारा किसी बिंब का आभासी आकार में बड़ा प्रतिबिंब बन सकता है?

अवतल दर्पण द्वारा

गर्म रेगिस्तान में मरीचिका के बनने के कारण है-

पूर्ण आंतरिक परावर्तन

यदि किसी बिंब को उत्तल लेंस के सामने 2F पर रखा जाता है तो प्रतिबिंब बनेगा-

2F पर

उत्तल लेंस से कोई वस्तु F\2 की दूरी पर रखी गई है, तो प्रतिबिंब ले से कितनी दूरी पर बनेगा?

F

एक अवतल लेंस की फोकस दूरी 50 सेंटीमीटर है तो लेंस की क्षमता है-

2.0D

दो लेस्बियन की क्षमता +6.0 तथा – 4.0 है, को एक दूसरे के संपर्क में रखा जाता है। संयोग की क्षमता है-

2.0D

लेंस की क्षमता की इकाई है-

डाई आफ्टर

कौन सा दर्पण केवल आभासी प्रतिबिंब बनाता है?

उत्तल दर्पण, समतल दर्पण

दुरुस्थ वस्तु के प्रतिबिंब बनते हैं –

F पर

गोलीय दर्पण के परावर्तक तल का द्वारक होता है –

परावर्तक पृष्ठ का व्यास है

वक्रता त्रिज्या तथा फोकस दूरी के बीच संबंध है-

R = 2 F

उत्तल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव होता है-

आभासी

किसी वाहन चालक द्वारा पश्च-दृश्य देखने के लिए किस दर्पण का प्रयोग किया जाता है?

उत्तर

दर्पनों के लिए नई कार्तीय चिहन परिपाटी में सभी दूरियां किससे मापी जाती है?

दर्पण के ध्रुव से

आवर्धन के मान में ऋणात्मक चिहन प्रदर्शित करता है कि प्रतिबिंब है-

वास्तविक

आवर्धन के मान में धनात्मक चिहन प्रदर्शित करता है कि प्रतिबिंब है-

आभासी

किसी कांच के बर्तन में पानी में रखा हुआ कोई नींबू पाशर्व से देखने पर बड़ा दिखाई देता है, इसका कारण है-

प्रकाश का अपवर्तन

जब प्रकाश किसी पारदर्शक माध्यम से दूसरे पारदर्शक माध्यम से अपेक्षा प्रवेश करता है, तो दूसरे माध्यम में इसका पथ है परिवर्तित हो जाता है, इस हम कहते हैं-

प्रकाश अपवर्तन

पदार्थ जिसका अपवर्तनांक अधिकतम है-

हीरा

कांच का अपवर्तनांक लगभग होता है-

1.52

अवतल लेंस का प्रतिबिंब बनाता है वह सदैव होता है-

आभासी, छोटा

किसी लेंस के विषय में m तथा h के साथ ऋणत्मक चिह्न (-) करता है कि प्रतिबिंब है-

वास्तविक, उल्टा

किसी उत्तल लेंस की क्षमता है-

धनात्मक है

किसी लेंस की क्षमता – 4.0. है। लेंस की प्रकृति है-

अवतल, अपसारी

एक समतल दर्पण द्वारा बने प्रतिबिंब होते हैं-

आभासी

अभीलंबीय आपतन के लिए, परावर्तन कोण होता है-

90०

शेविंग दर्पण होता है-

अवतल

उस दर्पण की फोकस दूरी क्या होगी जिसकी वक्रता त्रिज्या 20 सेंटीमीटर है?

40 सेंटीमीटर

सौर कुकर में प्रयुक्त दर्पण होते हैं-

 अवतल है

अवतल लेंस की फोकस दूरी 2 मीटर है, कि क्षमता कितनी है?

0.5 D

उत्तल लेंस की क्षमता के साथ कौन सा चिहन होता है?

धनात्मक

एक मोटे लेंस की फोकस दूरी कम होती है। इसकी शक्ति होगी-

अधिक

एक कांच की स्लैब की क्षमता होती है-

शून्य

पानी का वायु के सापेक्ष अपवर्तनांक 4\3 है। वायु का पानी के सापेक्ष अपवर्तनांक होगा-

0.75

वायु के सापेक्ष पानी का अपवर्तनांक 4\3 है तथा वायु के सापेक्ष कांच का अपवर्तनांक 3\2 है। तब कांच का पानी के सापेक्ष अपवर्तनांक होगा-

9\8

यदि हीरे का अपवर्तनांक 2.4 है तो हीरे में प्रकाश की चाल होगी-

1.25 X 10 M

जब प्रकाश कांच की स्लैब में से गुजरता है तो पार्श्व विस्थापन निर्भर करता है-

स्लैब की मोटाई पर, आपतन कोण पर, प्रकाश के तरंगदेधर्य

एक गोलीय दर्पण और एक गोलीय लेंस दोनों की फोकस दूरी 15 सेंटीमीटर है, तब-

दोनों अवतल है।

एक अवतल दर्पण जिसकी फोकस दूरी 15 सेंटीमीटर है उसके द्वारा बने प्रतिबिंब की प्रकृति बताइए जो तभी बनेगा जब बिंब को दर्पण से 5 सेंटीमीटर की दूरी पर रखा जाए-

आभासी तथा आवर्धित

वस्तु तथा प्रतिबिंब के बीच की दूरी क्या होगी यदि वस्तु को समतल दर्पण से 10 सेंटीमीटर की दूरी पर रखा जाए?

20 cm

एक आभासी तथा आवर्धित प्रतिबिंब किसके द्वारा बनता है?

अवतल दर्पण द्वारा

एक बिंब को अवतल दर्पण के ध्रुव तथा फोकस के बीच रखा गया है, प्रतिबिंब  कहां बनेगा?

दर्पण के पीछे

जब किसी बिंदु को अवतल दर्पण के फोकस पर रखा जाता है, तो प्रतिबिंब बनेगा-

अनंत पर है

एक आभासी, छोटे आकार का प्रतिबिंब बनता है-

उत्तल दर्पण द्वारा

उत्तल लेंस के 2F पर एक प्रतिबिंब बनता है जब बिंब को रखा जाता है-

2F पर

किसी तरणताल का उभरा हुआ प्रतीत होता है-

अपवर्तन के कारण से

एक उत्तल लेंस सूर्य का प्रतिबिंब होता है-

F पर है

उत्तल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब हमेशा होता है-

आभासी, सीधा, आकार का छोटा

एक अवतल दर्पण द्वारा सूर्य का प्रतिबिंब कहां बनता है?

F पर

अवतल दर्पण के संदर्भ में आभासी, आवर्धित, सीधा प्रतिबिंब प्राप्त किया जा सकता है जब बिंब को रखा जाता है?

F  तथा P के बीच

बिंब तथा प्रतिबिंब का आकार सदैव समान होता है-

समतल दर्पण में

एक उत्तल लेंस किसी बिंब का सीधा,आवर्धित , प्रतिबिंब बनता है जब बिंब  को रखा जाता है कि प्रतिबिंब-

F  तथा O के बीच

आवर्धन m के साथ ऋणात्मक चिह्न प्रतिबिंब के विषय में प्रदर्शित करता है?

उल्टा है, वास्तविक है।


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