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विद्युत धारा से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब


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विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव का क्या अर्थ है?

धारावाही चालक एक चुंबक की तरह व्यवहार करता है इसे विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव कहते हैं।

विद्युत मोटर विद्युत धारा के किस प्रभाव पर आधारित है?

विद्युत मोटर विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव पर आधारित है।

किसने प्रदर्शित किया की विद्यूत तथा चुंबकत्व संबंधित प्रघटनाएं हैं?

हैंस क्रिश्चियन ऑस् र्टेड ने सन 1820 में।

विद्युत जनित्र में क्या सम्मिलित है?

विद्युत जनित्र गतिशील चुंबको के विद्युत प्रभाव पर आधारित है।

चुंबकीय सुई क्या है?

विद्युत चुंबकीय सुई एक छोटी छड़ होती है जो स्वतंत्र रूप से एक छोटी चुंबकीय धुरी पर टिकी होती है।

चुंबकीय सुई स्वतंत्र रूप से किस दिशा में ठहरती है?

चुंबकीय सुई सदैव उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरती है।

चुंबक के दो ध्रुवों के नाम बताइए?

उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी ध्रुव।

आप एक चुंबकीय सुई के उत्तर-दक्षिणी ध्रुव का पता किस प्रकार लगाएंगे?

चुंबकीय सुई सदैव उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरती है। उत्तर दिशा की ओर संकेत करता इसका ध्रुव उतरी ध्रुव कहलाता है। तथा दक्षिण दिशा की ओर संकेत करता है इसका ध्रुव दक्षिणी ध्रुव कहलाता है।

जब दो चुंबको को पास लाया जाता है तो चुंबको के ध्रुव किस प्रकार व्यवहार करते हैं?

जब दो चुंबकों को पास लाया जाता है तो असमान ध्रुव एक दूसरे को आकषित करते हैं तथा समान ध्रुव  एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं।

चुंबकीय क्षेत्र की अपेक्षित तीव्रता (प्रबलता) किस प्रकार निर्धारित होती है?

चुंबकीय क्षेत्र चुंबक के ध्रुवों व चुंबक के पास प्रबल/तीव्र होता है।

विद्युत चुंबक के केस में यह धारा के मान पर निर्भर करता है?

चुंबकीय क्षेत्र की प्रबलता/तीव्रता की इकाई क्या है?

ऑसर्टेड ।

चुंबकीय क्षेत्र से क्या अभिप्राय है?

चुंबक के चारों ओर का वह क्षेत्र जिसमें चुंबक के प्रभाव को अनुभव किया जा सकता है,चुंबकीय  क्षेत्र कहलाता है।

चुंबकीय  बल रेखाएं क्या होती है?

रेखाएं जो चुंबकीय क्षेत्र को प्रदर्शित करने के लिए बनाई जाती है,चुंबकीय बल रेखाएं कहलाती है।

क्या चुंबकीय सुई के विचलन में कुछ परिवर्तन होता है जब यह चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के अनुदिश गति करती है?

विचलन/विक्षेप बढ़ता है जब  चुंबकीय सुई ध्रुवों के निकट आती है।

चुंबकीय  क्षेत्र/बल रेखाएं बंद वक्र क्यों होती है?

क्योंकि चुंबकीय बल रेखाओं की दिशा उत्तर से दक्षिण की ओर होती है जबकि चुंबक के अंदर दक्षिण ध्रुव से उतरी ध्रुव की ओर।

चुंबक के अंदर क्षेत्र रेखाओं की दिशा क्या होती है?

चुंबक के अंदर क्षेत्र बल रेखाएं दक्षिण ध्रुव से उत्तरी ध्रुव की ओर होती है।

चुंबकीय क्षेत्र की दिशा क्या होती है?

चुंबकीय क्षेत्र की दिशा को उस दिशा के रूप में लिया जाता है जिसमें क्षेत्र के अंदर चुंबकीय सुई का उतरी ध्रुव गति करता है।

चुंबकीय सुई के विक्षेप की दिशा को क्या होता है यदि तांबे की तार में धारा की दिशा को उत्क्रमित किया जाता है?

चुंबकीय सुई विपरीत दिशा में विकसित होती है। इसका अर्थ यह है कि विक्षेप की दिशा बदल जाती है।

दक्षिण-हस्त अंगूष्ठ नियम को परिभाषित करें।

कल्पना कीजिए कि आप अपने दाहिने हाथ में विद्युत धारावाही चालक को इस प्रकार पकड़े हुए हैं कि आपका अंगूठा विद्युत धारा की दिशा की ओर संकेत करता है, तो आपकी उंगलियां चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की क्षेत्र रेखाओं की दिशा मे लिपटी होगी। इसे दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम कहते हैं।

विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव क्या होगा?

एक धारावाही चालक के चारों ओर एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है, इसे धारा का चुंबकीय प्रभाव कहते हैं।

हम चुंबकीय सुई के विक्षेप की दिशा किस प्रकार ज्ञात कर सकते हैं? केवल नियम का नाम।

किसी तार में विद्युत धारा प्रवाहित होने पर चुंबकीय सुई के विक्षेप की दिशा ऐम्पियर के स्विमिंग नियम के सहायता से ज्ञात कर सकते हैं।

स्नो नियम क्या है?

इस नियम के अनुसार यदि चुंबकीय सुई के ऊपर रखे तार में विद्युत धारा दक्षिण से उत्तर दिशा की ओर बहती है, तो चुंबकीय सुई का उत्तरी ध्रुव पश्चिम की ओर विकसित होगा।

एक सरल रेखीय धारावाही चालक द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र किन-किन कारकों पर निर्भर करता है?

यह धारा की तीव्रता/प्रबलता/मान  पर निर्भर करता है।

किसी धारावाही चालक के चारों ओर हम चुंबकीय क्षेत्र की दिशा किस प्रकार ज्ञात कर सकते हैं?

चुंबकीय क्षेत्र की दिशा चुंबकीय दिक् सूचक की सहायता से ज्ञात की जा सकती है।

क्या दिक् सूचक का विक्षेप चालक तार में धारा की प्रबलता पर निर्भर करता है?

हां, दिक सूचक का विक्षेप धारा के मान पर निर्भर करता है, धारा अधिक होने पर मान विक्षेप अधिक होता है।

परिनालिका क्या होती है?

पास-पास लिपटे विद्युत रोधी तांबे के तार की बेलन की आकृति की अनेक फेरों वाली कुंडली को परिनालीका कहते हैं।

चुंबकीय क्षेत्र की प्रबलता क्यों बढ़ जाती है, जब लपेटों की संख्या बढ़ जाती है?

प्रत्येक फेरे में धारा की दिशा एक ही होती है, इसलिए यदि फेरों की संख्या बढ़ जाती है, तो चुंबकीय  क्षेत्र की प्रबलता भी बढ़ जाती है।

हम धारावाही चालक के चुंबकीय क्षेत्र की प्रबलता किस प्रकार बना सकते हैं?

धारा का मान बढ़ा कर।

किसी परिनालिका के सिरे किस प्रकार का व्यवहार करते हैं?

परिनलिका के सिरे चुंबक के उत्तरी तथा दक्षिणी ध्रुव के समान कार्य करते।

कुंडली के अंदर क्षेत्र रेखाओं की प्रकृति क्या होती है?

परिनलिका के अंदर रेखाएं एक-दूसरे के समांतर होती है।

क्या परिनलिका के अंदर चुंबकीय क्षेत्र समान होता है?

हां, परिनालिका के अंदर चुंबकीय क्षेत्र समान होता है।

विद्युत चुंबक क्या होता है?

अस्थायी चुंबक की जो धारा के प्रभाव से बनाया जाता है, विद्युत चुंबक कहलाता है।

हम स्थायी चुंबक किस प्रकार बना सकते हैं?

यदि हम परिनलिका के अंदर एक कठोर लोहे की छड़ रख दें तथा परिनलिका से प्रवाहित धारा तथा चुंबकीय क्षेत्र प्रबल हो, तो स्थायी चुंबक प्राप्त किया जा सकता है।

उन पदार्थ का नाम बताएं, जिनसे स्थायी चुंबक बनाए जाते हैं?

निपरमैग, एल्निको, कार्बन स्टील, कोबाल्ट, क्रोमियम आदि।

निपरमैग क्या होता है?

निपरमैग लोहे, एलुमिनियम, निकेल, टाइटेनियम की एक मिश्र धातु है।

कौन-सी धातुएँ एल्निको बनाती है?

एलुमिनियम, निकेल, कोबाल्ट तथा लोहा।

स्थायी चुंबकों के दो उपयोग बताएं?

लाउडस्पीकर में, युक्ति जैसे ऐमीटर, वोल्टमीटर आदि में।

साधारण पदार्थों के चुंबक एल्निकों, निपरमैग से बने स्थायी चुंबकों से किस प्रकार भिन्न होते हैं?

एल्निकों तथा निपरमैग से बने स्थायी चुंबक अन्य चुम्बकों की अपेक्षा अधिक शक्तिशाली होते हैं।

किस वैज्ञानिक ने यह प्रस्तावित किया कि धारावाही चालक चुंबकीय क्षेत्र में कुछ बल का अनुभव करता है?

आर्द्रे मेरी एम्पियर

चुंबकीय क्षेत्र की दिशा को क्या कहते हैं जब धारा की दिशा को उत्क्रमित किया जाता है?

चुंबकीय क्षेत्र की दिशा भी उत्क्रमित हो जाती है।

फ्लेमिंग का वामहस्त नियम क्या है?

अपने दाहिने हाथ की तर्जनी, मध्यमा तथा अंगूठे को इस प्रकार फैलाइए कि यह तीनों एक दूसरे के परस्पर लंबवत हो। यदि तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा की ओर संकेत करती है तथा मध्यमा चालक में प्रेरित विद्युत धारा को दर्शाती है तो अंगूठा चालक की गति की दिशा की ओर संकेत करता है।

दो यूक्तियों के नाम लिखे जो धारावाही चालक तथा चुंबकीय क्षेत्र का प्रयोग करती है?

विद्युत मोटर तथा विद्युत जनित्र।

शरीर के 2 अंगो के नाम बताएं जो उल्लेखनीय चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करते हैं?

मस्तिष्क तथा हृदय।

MRI का पूर्ण रूप लिखें?

चुंबकीय अनुनाद प्रतिबंबन।

MRI क्यों की जाती है?

शरीर के आंतरिक अंगों की स्थिति तथा कार्यप्रणाली का अध्ययन करने के लिए MRI आती है।

धारावाही चालक (जो गति करने के लिए स्वतंत्र हो) को क्या होता है जब इसे चुंबकीय क्षेत्र मे रखा जाता है?

धारावाही चालाक (तथा चुंबक) अपने ऊपर बल का अनुभव करता।

किस वैज्ञानिक ने प्रस्तावित किया कि चुंबक धारावाही चालक पर सामान्य विपरीत बल डालता है?

आर्द्रे मेरी एम्पियर

किसी धारावाही चालक पर लगने वाला बल किन दो कारकों पर निर्भर करता है?

विद्युत धारा की प्रबलता, चुंबकीय क्षेत्र की प्रबलता।

गतिशील आवेश पर चुंबकीय क्षेत्र के प्रभाव की अनुक्रीया बताएं?

मशीन, जिसे साइक्लोट्रॉन, जिन्हें पदार्थ की संरचना के अध्ययन के लिए प्रयोग किया जाता है, इसी प्रभाव पर ही आधारित है।

एक स्थिर आवेशीत कण पर लगने वाले चुंबकीय क्षेत्र के बल का परिणाम क्या होगा?

यह शून्य होगा ।

चुंबकीय क्षेत्र की दिशा के अनुदिश गतिशील एक आवेशित कण पर लगने वाले बल का परिमाण क्या होगा?

शून्य

क्या हमारे शरीर में दुर्बल आयन द्वारा चुंबकीय  क्षेत्र उत्पन्न होता है?

हां।

हमारे शरीर में चुंबकीय क्षेत्र उत्पादन का एक उदाहरण दें।

तंत्रिका आवेग अस्थायी चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है।

यदि एक धनात्मक आवेश ऊपर की और ऊर्ध्वाधर दिशा में गतिशील है और उत्तर की ओर दिशिक चुंबकीय क्षेत्र में प्रवेश करता है तो आवेश पर लगने वाले बल की दिशा क्या होगी?

आवेश पर लगने वाले बल की दिशा पश्चिम की ओर होगी (फ्लेमिंग का वाम हस्त नियम LHR)

विद्युत मोटर क्या है?

विद्युत मोटर एक घूर्णन युक्ति है,जो विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित कर देती है।

विद्युत मोटर में विभक्त वलय का क्या कार्य है?

विभक्त वलय धारा की दिशा को उत्क्रमित करते हैं अर्थात वे दिकप्रवर्तक का कार्य करते है।

आर्मेचर क्या है?

मोटर के अंदर नरम लोहे का क्रोड जिस पर कुंडली लिपटी होती है तथा कुंडली सहित दोनों आर्मेचर कहलाते हैं।

आर्मेचर का क्या कार्य है?

आर्मेचर मोटर की शक्ति को बढ़ा देता है।

दो साधित्रों के नाम बताइए जो मोटर का उपयोग करते हैं?

विद्युत पंखे, रेफ्रिजरेटर विद्युत मोटर का उपयोग करते हैं।

विद्युत मोटर किस सिद्धांत पर कार्य करती है?

विद्युत मोटर इस तथ्य पर आधारित है कि चुंबकीय क्षेत्र में रखा हुआ धारावाही चालक बल का अनुभव करता है।

क्या होता है जब एक धारावाही चालक को चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है?

धारावाही चालक एक बल का अनुभव करता है।

गैल्वेनोमीटर क्या है?

गैल्वेनोमीटर एक ऐसा उपकरण है जो किसी परिपथ में धारा की उपस्थिति का पता लगाता है।

किस वैज्ञानिक ने विद्युत चुंबकीय प्रेरण तथा वैद्युत अपघटन के नियमों की खोज की?

माइकेल फैराडे

हम प्रेरित धारा की दिशा किस प्रकार ज्ञात कर सकते हैं?

फ्लेमिंग का दक्षिण- हस्त नियम का प्रयोग करके हम प्रेरित धारा की दिशा को ज्ञात कर सकते हैं।

विद्युत चुंबकीय प्रेरण क्या है?

चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन करके किसी कुंडली में धारा प्रेरित (उत्पन्न) करना विद्युत चुंबकीय प्रेरण कहलाता है।

क्या होता है जब एक चुंबक कुंडली के सापेक्ष गति करता है ?

कुंडली में धारा प्रेरित होती है।

द्वितीय कुंडली में क्या होता है जब प्रथम कुंडली में धारा के मान में परिवर्तन होता है?

द्वितीय कुंडली में विभवांतर उत्पन्न प्रेरित होता है।

हम कुंडली में धारा किस प्रकार प्रेरित कर सकते हैं?

हम कुंडली में धारा कुंडली को चुंबकीय क्षेत्र में गतिमान करके उत्पन्न/प्रेरित कर सकते हैं या चुंबकीय क्षेत्र को परिवर्तित करके ऐसा कर सकते हैं।

प्रेरित धारा अधिकतम/उच्चत्तम कब होती है?

प्रेरित धारा अधिकतम तब होती है जब कुंडली की गति चुंबकीय क्षेत्र से लंबवत होती है?

विद्युत जनित्र (डायनेमो) क्या होता है”?

विद्युत जनित्र एक ऐसी युक्ति है जो यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित कर देती है।

प्रत्यावर्ती धारा से क्या अभिप्राय है?

वह धारा जिसकी दिशा समान समय अंतराल के पश्चात बदलती रहती है, प्रत्यावर्ती धारा कहलाती है।

AC जनित्र क्या होता है?

जनित्र जो AC धारा उत्पन्न करता है, AC जनित्र कहलाता है।

दिष्ट धारा (DC) क्या होती है?

वह द्वारा जिसकी दिशा परिवर्तित नहीं होती है दिष्ट धारा कराती है।

DC जनित्र क्या होता है?

जनित्र जो DC धारा उत्पन्न करता है DC जनित्र कहलाता है।

DC जनित्र तथा विद्युत मोटर के बीच एक अंतर बताएं?

DC जनित्र में हम कुंडली का घूर्णन करते हैं तथा दिष्ट धारा उत्पन्न करते हैं।  विद्यूत मोटर में हम कुंडली का घूर्णन करने के लिए दिष्ट धारा उपयोग में लाते हैं।

लघुपथन से क्या अभिप्राय है?

यदि तार में से धारा बिना किसी प्रतिरोध में गुजरती है जो विद्यून्मय  तथा उदासीन तार के एक दूसरे के संपर्क में आने से होती है। इस कारण से अधिक ऊष्मा तथा चिंगारी उत्पन्न होती है, इसे ही लघुपथन कहते हैं।


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