History

भारत में हुए राष्ट्रीय आन्दोलन

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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ( 1885 ई,)

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना एक अवकाश प्राप्त अंग्रेज अधिकारी ए ओ हार्मु  द्वारा 1885 ई. में की गई. गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय,, मुंबई में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन हुआ था. इसके प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चंद्र  थे, इसमें 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था.

बंगाल विभाजन ( 1905 ई.)

राष्ट्रीय चेतना का दमन करने के लिए लॉर्ड कर्जन ने 16 अगस्त, 1950 को बंगाल विभाजन की घोषणा की. इस अवसर पर रविंद्र नाथ टैगोर ने आमार सोनार बांग्ला नामक गीत लिखा, जो बाद में बांग्लादेश का राष्ट्रगान बना. स्वदेशी एवं बहिष्कार आंदोलन के फलस्वरूप वर्ष 1911 में बंगाल विभाजन को रद्द कर दिया गया.

मुस्लिम लिंग की स्थापना ( 1906 ई.)

ढाका के नवाब सलीम उल्ला के नेतृत्व में 30 दिसंबर, 1996 कोटा का में मुस्लिम लिंग की स्थापना हुई. सलीममुल्ला, लिंग के संस्थापक अध्यक्ष थे, जब की प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता मुश्ताक हुसैन ने की. मुस्लिम लिंग में अमृतसर अधिवेशन ( वर्ष 1908)  मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल की मांग की, जिसे वर्ष 1990 मार्ले मिंटो सुधारों में मान लिया गया.

राष्ट्रीय आंदोलन की महत्वपूर्ण तिथियां

चंपारण सत्याग्रह 1917 पुणे पैकेट 1932
रौलेट अधिनियम 1919 सुभाष चंद्र बोस का भारत छोड़ो 19
जलियांवाला बाग हत्याकांड 1919 भारत छोड़ो आंदोलन 9 अगस्त 1942
मांटेग्यू चेम्सफोर्ड सुधार 1919 क्रिपस मिशन का आगमन 1942
 खिलाफत आंदोलन 1920 आजाद हिंद फौज की स्थापना 1983
असहयोग आंदोलन 1920 – 22 कैबिनेट मिशन का आगमन 1946
चौरी चौरा कांड 1922 भारत संविधान सभा का निर्वाचन 1946
साइमन कमीशन की नियुक्ति 1927 मुस्लिम लीग द्वारा सीधी कार्रवाई की घोषणा 16 अगस्त, 1946
साइमन कमीशन का भारत आगमन 1928 अंतरिम सरकार की स्थापना 2 सितंबर, 1940
भगत सिंह द्वारा केंद्रीय असेंबली में बम फेंका  1929 भारत के विभाजन की माउंटबेटन योजना 3 जून 1947
कांग्रेस द्वारा पूर्ण स्वराज की मांग 1929 भारतीय स्वतंत्रता प्राप्ति 15 अगस्त 1948
सविनय अवज्ञा आंदोलन 1930 महात्मा गांधी की हत्या 30 जनवरी 1948
प्रथम गोलमेज सम्मेलन 1930 कश्मीर का भारत में विलय 1948
द्वितीय गोलमेज सम्मेलन 1931 देशी रियासतों का भारत में विलय 1950- 50
तृतीय गोलमेज सम्मेलन 1932 भारतीय गणतंत्र का गठन 26 जनवरी, 1950
संप्रदायक अधिनिर्णय 1932

दिल्ली दरबार (1911 ई.)

ब्रिटिश सम्राट जार्ज पंचम  महारानी मेरी के भारत आगमन पर दिल्ली में आयोजित किया गया. इसमें बंगाल का विभाजन रद्द करने तथा भारत की राजधानी कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा हुई.

होमरूल आंदोलन (1916 ई.)

एनी बेसेंट ने सितंबर 1916 में अडयार में इसकी स्थापना की,  इस के प्रथम सचिव जार्ज अरुणडेल थे. बाल गंगाधर तिलक ने होमरूल लीग गठित किया.

राष्ट्रीय आंदोलन (गांधी यूग) -महात्मा गांधी

2 अक्टूबर, 1869 को गुजरात के पोरबंदर में मोहनदास करमचंद गांधी जी का जन्म हुआ. 1893 ई. में अफ्रीका गए तथा रंगभेद नीति के खिलाफ आवाज उठाई. गांधीजी जनवरी 1915 में भारत लौटे. वर्ष 1916 में गांधी जी ने अहमदाबाद के साबरमती आश्रम की स्थापना की.

अप्रैल 1917 में बिहार के चंपारण में किसानों पर नील की खेती के लिए तिनकठिया पद्धति के द्वारा किए जा रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई. चंपारण के पश्चात गांधी जी ने अहमदाबाद मिल हड़ताल ( 1918) के मुद्दे पर हस्तक्षेप किया, वर्ष 1918 में गुजरात के खेड़ा में लगान अदायगी के विरुद्ध आंदोलन चलाया. गांधी जी को दार्शनिक अराजकतावादि  भी कहा जाता है. क्योंकि इस विचारधारा के दार्शनिक बुराई के मूल के लिए किसी प्रकार की इच्छा को स्वीकार्य नहीं करते हैं.

जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919 ई)

13 अप्रैल 1919 को वैशाखी के दिन अमृतसर के जलियांवाला बाग में डॉक्टर सत्यपाल एवं सैफुद्दीन किचलू की गिरफ्तारी के विरोध में एक सार्वजनिक सभा का आयोजन किया गया था. जनरल माइकल ओ डायर ने बिना किसी पूर्व सूचना के हजारों की संख्या में मौजूद लोगों पर गोलियां चलवा दी. लगभग 1000 लोग मारे गए. इस हत्याकांड में हंसराज नामक भारतीय ने टायर का सहयोग किया था. इस कांड के विरोध स्वरूप रविंद्र नाथ टैगोर ने नाइटहुड, महात्मा गांधी ने केसर- ए- हिंद तथा जमुना लाल बजाज ने रायबहादुर की उपाधि त्याग दी.  

खिलाफत आंदोलन (1920 ई.)

अंग्रेजों द्वारा तुर्की के खिलाफ को सत्ता से हटाने के खिलाफ आंदोलन भारत में प्रारंभ हुआ. 31 अगस्त, 1920 को खिलाफत दिवस मनाया गया. इस आंदोलन का नेतृत्व मोहम्मद अली और शौकत अली ने किया. सितंबर 1919 में अखिल भारतीय खिलाफत कमेटी का प्रथम सम्मेलन दिल्ली में आयोजित किया गया. इसके प्रथम अध्यक्ष गांधी जी बने.

असहयोग आंदोलन (1920 ई.)

लाला लाजपत राय की अध्यक्षता में कोलकाता अधिवेशन में असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव पारित हुआ. इस आंदोलन के दौरान शिक्षण संस्थाओं तथा न्यायालयों का बहिष्कार किया गया. मोहम्मद अली को सर्वप्रथम इस आंदोलन में गिरफ्तार किया गया. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में चोरी चोरा में 5 फरवरी, 1922 को प्रदर्शनकारी जी द्वारा पुलिस के 22 जवानों को थाने के अंदर जिंदा जला दिया गया. इस घटना से आहत होकर गांधी जी ने 12 फरवरी, 1922 को असहयोग आंदोलन वापस ले लिया.

साइमन कमीशन (1927 ई.)

ब्रिटिश सरकार ने सर जॉन साइमन के नेतृत्व में 7 सदस्यों वाले आयोग की स्थापना की, जिसमें सभी सदस्य अंग्रेज थे. 3 फरवरी, 1928 को यह कमीशन मुंबई पहुंचा. इस आयोग का कार्य इस बात की सिफारिश करना था कि भारत के संवैधानिक विस्तार का स्वरूप कैसा हो. इस आयोग में किसी भी भारतीय को शामिल नहीं करने के कारण भारत में इसका तीव्र विरोध हुआ. आयोग के विरोध के दौरान लाहौर में लाठी की गहरी चोट के कारण वर्ष 1928 में लाला लाजपत राय की मृत्यु हो गई.

सविनय अवज्ञा आंदोलन  (1930 ई.)

महात्मा गांधी ने इरविन के समक्ष 13 फरवरी 1930 को 11 सूत्रीय प्रस्ताव रखा. गांधी जी द्वारा प्रस्तुत मांगों पर विचार नहीं करने के कारण सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरु किया गया. 12 मार्च 1930 को गांधी जी ने स्वयं सेवकों के साथ साबरमती आश्रम में 322 किमी दांडी मार्च किया था 6 अप्रैल को नमक कानून तोड़ा गया. सुभाष चंद्र बोस ने गांधीजी के दांडी मार्च की तुलना नेपोलियन के पेरिस यात्रा से की.

प्रथम गोलमेज सम्मेलन (1930 – 1931 ई.)

यह सम्मेलन 12 नवंबर 1930 से 13 फरवरी 1931 तक लंदन में आयोजित किया गया. यह सम्मेलन कांग्रेस के बहिष्कार के फलस्वरूप 19 फरवरी 1931 को समाप्त हो गया.

गांधी- इरविन समझौता ( 1931 ई.)

महात्मा गांधी और इरविन के 5 मार्च 1931 को समझौता हुआ, जिसे गांधी इरविन समझौता कहा जाता है.

द्वितीय गोलमेज सम्मेलन  (1931 ई.)

यह सम्मेलन 7 सितंबर, 1931 1 दिसंबर, 1931 लंदन में हुआ, जिस में कांग्रेस ने भाग लिया. एक समस्या पर विवाद के कारण असफल रहा. लंदन से वापस आकर गांधी जी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन प्रारंभ किया.

तृतीय गोलमेज सम्मेलन (19३2 ई.)

17 नवंबर, 1932 से आरंभ तृतीय गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस ने भाग नहीं लिया. तीनों गोलमेज सम्मेलनों के दौरान इंग्लैंड के प्रधानमंत्री रैम्जे मैकडोनाल्ड थे. डॉक्टर भीमराव अंबेडकर तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लेने वाले एकमात्र प्रतिनिधि थे.

सांप्रदायिक निर्णय  ( 1932 ई.)

ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्जे मैकडोनाल्ड ने 16 अगस्त, 1932 को कम्युनल अवार्ड की घोषणा की. इसमें दलित वर्गों के लिए पृथक निर्वाचन का प्रताप था. इसके विरोध में गांधी जी ने पुणे की यरवदा जेल में आमरण अनशन शुरु कर दिया. अंत मदन मोहन मालवीय, राजेंद्र प्रसाद और राजगोपालचारी के परिजनों से 25  सितंबर, 1932 को गांधी जी और अंबेडकर के बीच पूना समझौता हुआ.

अगस्त प्रस्ताव ( 1940 ई.)

अगस्त प्रस्ताव में भारत के लिए डोमिनियन स्टेट को मुख्य लक्ष्य माना गया. युद्ध के पश्चात संविधान सभा के गठन का लक्ष्य रखा गया. कांग्रेस ने अगस्त प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया.

क्रिप्स मिशन (1942 ई.)

डोमिनियन स्टेट के साथ भारतीय संघ की स्थापना क्रिप्स मिशन में प्रस्तावित थी. युद्ध के पश्चात प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव करने की बात की गई. गांधी जी ने क्रिप्स योजना के बारे में कहा था यह एक आगे की तारीख को चेक है.

भारत छोड़ो आंदोलन (1942 ई.)

8 अगस्त, 1942  को मुंबई में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की बैठक में भारत छोड़ो प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया. गांधी जी ने लोगों को करो या मरो का नारा दिया. मुस्लिम लीग ने भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया. 23 मार्च, 1945 को पाकिस्तान दिवस मनाया गया.

वेवेल योजना (शिमला सम्मेलन, 1945 ई.)

इस योजना में कहा गया कि गवर्नर -जनरल एवं कमांडर -इन- चीफ को छोड़कर गवर्नर -जनरल के कार्यकारिणी के सभी सदस्य भारतीय होंगे. परिषद में हिंदू एवं मुसलमानों की संख्या बराबर के जाने के बाद की गई. मुझे परिषद के सभी मुस्लिमों का मनोनयन वह खुद करेगी.

कैबिनेट मिशन (1946 ई.)

23 मार्च, 1940 को कैबिनेट मिशन भारत आया. इसमें  3 सदस्य शामिल थे- सर स्टेफोर्ड क्रिप्स, ए बी तथा पैट्रिक लॉरेंस. इस मिशन को लेकर पार्टी के नेता तथा ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली ने भारत भेजा था. पाकिस्तान का प्रस्ताव अस्वकृत. प्रांतों को सभ्यता तथा अवशिष्ट शक्तियां. प्रांतीय विधानसभाओं में संविधान सभा के सदस्यों का चयन. रक्षा, विदेशी मामले एवं संचार के लिए एक सामान्य केंद्र की व्यवस्था. देसी रियासते, उत्तराधिकारी सरकार या ब्रिटिश सरकार से समझौता करने हेतु स्वतंत्र.

जून 1940 में लिंग तथा कांग्रेस दोनों ने कैबिनेट मिशन योजना को स्वीकार कर लिया. मुस्लिम लीग ने 16 अगस्त, 1940 को प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस मनाने की घोषणा की सितंबर, 1946 में जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ. अक्टूबर, 1940 में मुस्लिम लीग, अंतरिम सरकार में शामिल हुई. फरवरी, 1947 में कांग्रेस के सदस्यों ने मुस्लिम लीग के सदस्यों को अंतरिम सरकार से  निष्काषित करने की मांग की, लिंग ने संविधान सभा को भंग करने की मांग उठाई.

एटली की घोषणा

इस घोषणा में 30 जून, 1948 तक सत्ता हस्तांतरण करने की बात की गई. सत्ता हस्तांतरण या तो एक सामान्य केंद्र द्वारा या कुछ क्षेत्रों में प्रांतीय सरकारों को गठित करने की घोषणा द्वारा हुई.

माउंटबेटन योजना (3 जून, 1947)

22 मार्च, 1947 को भारत के अंतिम ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड  माउंटबेटन भारत आए. 3 जून, 1947 को लॉर्ड माउंटबेटन द्वारा एक योजना की घोषणा की गई, माउंटबेटन योजना के नाम से जाना जाता है. माउंटबेटन योजना के आधार पर ही भारतीय स्वतंत्रता विधेयक ब्रिटिश संसद में 4 जुलाई, 1947 को प्रस्तुत किया गया, 18 जुलाई को स्वीकृति मिली. 15 अगस्त, 1947 को भारत को स्वतंत्रता दी गई. ब्रिटिश संसद ने भारतीय 1960 तथा 15 अगस्त्  1947 से क्रियावनती किया गया.

ऐतिहासिक उपाधि, प्राप्तकर्ता एवं दाता

उपाधि प्राप्तकर्ता दाता
गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर  महात्मा गांधी
महात्मा महात्मा गांधी रविंद्र नाथ टैगोर
राष्ट्रपति महात्मा गांधी सुभाष चंद्र बोस
सरदार बल्बभभाई पटेल बारदोली की महिलाएं
देश रतन डॉ राजेंद्र प्रसाद महात्मा गांधी
नेताजी सुभाष चंद्र बोस एडोल्फ़ हिटलर
राजा राजा राममोहन राय अकबर द्वितीय

 

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