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कंप्यूटर की पीढ़ी

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प्रथम पीढ़ी (1945 से 1956)

सन 1946 में पेंनिसलवेनिया  विश्वविद्यालय के दो इंजीनियर जिसका नाम प्रोफेसर इक्रर्ट और जॉन था। उन्होंने प्रथम डिजिटल कंप्यूटर का निर्माण किया। जिसमें उन्होंने वैक्यूम ट्यूब का उपयोग किया था। उन्होंने अपने नए खोज का नाम इनिक (ENIAC) रखा था। यह कंप्यूटर एक बहुत भारी मशीन के समान था जिसे चलाने के लिए लगभग भारी विद्युत ऊर्जा की आवश्यकता होती थी।

द्वितीय पीढ़ी (1956 से 1963)

सन 1948 में ट्रांजिस्टर की खोज ने कंप्यूटर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। अब वैक्यूम ट्यूब का स्थान ट्रांजिस्टर ने ले लिया जिसका परिणाम यह हुआ कि मशीनों का आकार छोटा हो गया है। द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर में मशीन लैंग्वेज को असेंबली लैंग्वेज के द्वारा प्रतिस्थापित कर दिया गया। असेंबली लैंग्वेज में कठिन बाइनरी कोड की जगह संक्षिप्त प्रोग्रामिंग कोड लिखे जाते हैं।

तृतीय पीढ़ी (1964 से 1975)

सन 1958 में जैक किलबे ने IC  का निर्माण किया जिससे कि वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर के अधिक से अधिक घटकों को एक एकल चिप पर है समाहित किया गया, जिसे सेमीकंडक्टर कहा गया है।

चतुर्थ पीढी (1971 से…..)

अधिक मात्रा में सर्किट को एक-एकल चिप पर समाहित किया गया LSI तथा VLSI  और ULSI मैं बहुत अधिक मात्रा में सर्किट को एक कल चिप पर समाहित किया गया। सन 1975 में प्रथम माइक्रो कंप्यूटर ALTAIR 8000 प्रस्तुत किया गया चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर में लैपटॉप का निर्माण किया गया।

Computer के आविष्कार से जुड़े सवाल

वैक्यूम ट्यूब का उपयोग किया गया था-

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर (1945 से 1956) में

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर (1945 से 1956) की विशेषता है-

  • सन 1946 में  पेंसिलवेनिया विश्वविद्यालय के दो इंजीनियर जिनका नाम प्रोफेसर इक्रर्ट और जॉन था। उन्होंने प्रथम डिजिटल कंप्यूटर का निर्माण किया।
  • इसमें वैक्यूम ट्यूब का उपयोग किया गया था।
  • उन्होंने अपने नए कोच का नाम इनिक  रखा था।

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर (1945 से 1956) की विशेषता है-

  • कंप्यूटर में लगभग 18,000 वैक्यूम ट्यूब थे।
  • 70000 रजिस्टर थे।  
  • यह कंप्यूटर एक बहुत भारी मशीन के समान था जिसे चलाने के लिए भारी विद्युत ऊर्जा की आवश्यकता होती थी।

द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर (1956 से 1963)

  • वैक्यूम ट्यूब का स्थान ट्रांजिस्टर ने ले लिया
  • कंप्यूटर के निर्माण में ट्रांजिस्टर के उपयोग से कंप्यूटर अधिक उर्जा दक्ष, तीव्र एवं अधिक विश्वासनिय हो गया।
  • कंप्यूटर में मशीन लैंग्वेज को एसेंबली लैंग्वेज के द्वारा प्रतिस्थापित  कर दिया गया।

कंप्यूटर में मशीन लैंग्वेज को असेंबली लैंग्वेज के द्वारा प्रतिस्थापित कर दिया गया-

द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर (1956 से 1963) में।

तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर (1964 से 1975)

  • सन 1958 में जैक किलबे ने IC का निर्माण किया।
  • कंप्यूटर के अधिक से अधिक घटक 1 एकल चिप पर  समाहित हो गए, जिसे सेमीकंडक्टर कहा गया है।
  • पहले से कंप्यूटर अधिक तेज एवं छोटा हो गया।

चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर के लिए है यह-

  • सन 1971 में बहुत अधिक मात्रा में सर्किट को एक एकल चिप समाहित किया गया।
  • सन 1975 में प्रथम माइक्रो कंप्यूटर 8000 प्रस्तुत किया गया।
  • सन 1981 में IBM ने पर्सनल कंप्यूटर प्रस्तुत किया जिसका उपयोग घर, कार्यालय एवं विद्यालय में होता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम है, का प्रयोग हुआ-

तृतीय पीढ़ी कंप्यूटर

की- बोर्ड का प्रयोग हुआ-

तृतीय पीढ़ी कंप्यूटर

सबसे पहले कंप्यूटर की स्मृति में संगृहीत निर्देश दिए गए-

द्वितीय पीढ़ी कंप्यूटर

इस पीढ़ी ट्रांजिस्टर ने निर्वात ट्यूबों का स्थान लेना शुरू किया-

द्वितीय पीढ़ी कंप्यूटर

माइक्रो संसाधन में शुरू की गई-

चतुर्थ पीढी कंप्यूटर

एकीकृत परिपथ (आईसी) की शुरुआत हुई-

तृतीय पीढ़ी कंप्यूटर

निर्वात ट्यूब संबंधित है-

प्रथम पीढ़ी कंप्यूटर

ENIAC

यह चाल Babbage द्वारा विकसित किया गया था।

ENIAC, EDVAC, EEDSAC का उदाहरण है-

प्रथम पीढ़ी कंप्यूटर

पहला वाणिज्यिक रूप से उपलब्ध कंप्यूटर है-

यूनीवेक

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