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फूल क्या होता है? और इसके विभिन्न भाग


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फूल क्या होता है? और इसके विभिन्न भाग, पुंकेसर क्या है, सरसों के पुष्प के भाग, दलपुंज क्या है, जायांग की संरचना, गुड़हल के पुष्प की संरचना, पुष्प के भाग

फूल क्या होता है? और इसके विभिन्न भाग

पुष्प/फूल- यह विशिष्ट प्ररोह है जो लैंगिक जनन के लिए एंजियोस्पर्म में पाया जाता है और यह फल और बीज बनाता है।

फूल के भाग

फूल के निम्नलिखित भाग होते हैं-

  1. बाह्यदल
  2. दल (पंखुड़ी)
  3. पुंकेसर
  4. स्त्रीकेसर

बाह्यदल

फूल में यह पत्तों का बाह्यदल होता है। यह सामान्यत: हरे होते हैं तथा फूल के अंदर वाले भागों की रक्षा करते हैं। इन्हें हरी पत्तियां भी कहते हैं।

दल (पंखुड़ी)

यह फूल में पतियों का दूसरा चक्र होता है। यह समानयत: रंगीन होते हैं और इन्हें रंगदार पत्तियां कहते हैं। इनके कारण फूल विभिन्न रंगों के होते हैं। यह कीटों को आकर्षित करती है तथा प्रांगण में सहायता करती है।

पुंकेसर

यह फूल का नर जनन भाग होता है। इसकी प्रत्येक इकाई को स्टेमन कहते हैं। इसके दो मुख्य भाग हैं पराग कोष तथा तंतु। पराग कोष में परागकण उपस्थित होते हैं जो अंकुरित होकर नर युग्मक उत्पन्न करते हैं।

स्त्रीकेसर

यह फूल का मादा जनन अंग है। इसकी प्रत्येक इकाई को कार्पल कहते हैं। यह फूल का सबसे अंदर वाला भाग होता है। इसके निम्नलिखित तीन भाग होते हैं-

वर्तिकाग्र

यह कार्पल का सबसे ऊपर वाला फूला हुआ भाग होता है। इसके चिपचिपा होने के कारण परागकण इस पर चिपक जाते हैं।

वर्तिकानली

यह एक लंबी पतली नलिका होती है। बीजांड तक पहुंचने के लिए पराग नली इसमें से होकर गुजरती है।

अंडाशय

यह कार्पल का सबसे नीचे वाला फुला हुआ भाग होता है। इसमें बीजांड उपस्थित होते हैं। निषेचन के बाद यह फल में तथा बीजांड बीजों में विकसित होते हैं।


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