हिमाचल प्रदेश में पर्यटन एवं होटल व्यवसाय

हिमाचल प्रदेश में पर्यटन व्यवसाय राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है क्योंकि इसका सम्बन्ध राज्य के भविष्य एवं विकास से है. पर्यटन में सहायक अनेकानेक आधार स्रोत पर्याप्त मात्रा में यहां उपलब्ध भी है- जैसे शांत सौंदर्यमय वातावरण, वन, पर्वत, नदियाँ, झीले, झरने एवं धार्मिक देव स्थल सहज ही मानव मन को प्रदेश की इन सुरम्य घाटियों तथा पर्वत शिखरों की ओर खींच लेते हैं। हिमाचल प्रदेश अपनी भौगोलिक एवं सांस्कृतिक भिन्नता, स्वच्छता, एवं ऐतिहासिक स्मारक और यहां के लोगों को प्रेमपूर्ण व्यवहार के लिए जाना जाता है।

राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पर्यटन विकास के लिए समुचित सरचना का विकास किया है। जिसके लिए जन उपयोगी सेवाएं, जैसे- सर के संचार व्यवस्था, हवाई अड्डे, परिवहन की सुविधाएं, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था एवं नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में पर्यटन विकास में सहायक समुचित सरचना के विकास एवं निर्माण के लिए प्रदेश सरकार बड़ी मात्रा में धन लगा रही है।

होटल व्यवसाय

हिमाचल प्रदेश पर्यटन की दृष्टि से काफी संपन्न राज्य है। वर्ष 2014-15 के लिए पर्यटन के अंतर्गत प्रदेश में 61,236 हज़ार बिस्तर क्षमता के 2,370 होटल पर्यटन विभाग में पंजीकृत थे। पर्यटन के कारण ही राज्य में होटल व्यवसाय काफी फल-फूल रहा है। प्रदेश में इस समय A, B, C एवं D ग्रेड के होटलों की अग्र प्रकार है।

होटल A ग्रेड

होटल का नाम स्थान/जिला
सपन रेस्टोरेंट कुल्लू
ओबराय क्लार्क्स शिमला
लोग हट्स कुल्लू मनाली

होटल B ग्रेड

होटल का नाम स्थान/जिला
चैल पैलेस चैल
अरोमान क्लेययर डलहोली
औराय सेंसिल शिमला
अशोक ट्रेवलर्स लाज मनाली
कुफरी होली डे रेस्टोरेंट्स शिमला
होली डे होम शिमला

होटल C ग्रेड

होटल का नाम स्थान
सिंगर शिमला
हिमग्लैंड शिमला
सम्राट शिमला
अखंड चंडी चंबा
रोहतांग कुल्लू
हर्षा शिमला
देवी दयार मनाली
एशिया द डाल शिमला
पाइन वीव शिमला

होटल D ग्रेड

होटल का नाम स्थान
गीतांजलि डलहौजी
क्रागस डलहौजी
फेयर विव डलहौजी
चंपक चंबा
दोलत कुल्लू
एंपायर कुल्लू
ट्रेकर्स हॉस्टल शिमला
सरवारी कुल्लू
डालजील शिमला
विजलेश्वर विवगेस्ट हाउस कुल्लू
हिमवीव शिमला

राज्य में आने वाले पर्यटक (लाख में)

कुल भारतीय विदेशी कुल
2007 84.823.39 88.21
2008 93.733.77 97.50
2009 110.374.01 114.38
2010 128.124.54 132.66
2011 146.054.84 150.89
2012 156.465.00 161.46
2013 147.164.14 151.30
2014 159.253.90 163.15

हिमाचल प्रदेश में पर्यटन एवं होटल व्यवसाय से जुड़े तथ्य

  • वर्ष 2014-15 के लिए पर्यटन के अंतर्गत 3,481.04 लाख रुपए तथा नागरिक उड्डयन के अंतर्गत थे 89.24 लाख रुपए की व्यवस्था की गई है।
  • प्रदेश में पर्यटन विकास निगम द्वारा फागू, चैल, नगर, रेसल, कुल्लू एवं नूरपुर में पर्यटक परिसर स्थापित किए जा रहे हैं।
  • हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा केलांग, काजा, सांगला, कसौली ,कल्पा और खड़ा पत्थर में अपने परिसर स्थापित करने का काम जारी है।
  • प्रदेश में मनाली में क्लब हाउस के समीप खेल सुविधाएं, कैफे चंद्रताल के पास पार्किंग व्यवस्था का प्रावधान है।
  • डलहौजी में पार्किंग व्यवस्था, जंजैहली (मंडी) में टेकराज होस्टल, बिलासपुर में पर्यटक परिसर स्थापित किया गया है।
  • शिमला बाईपास पर एक पर्यटक सूचना केंद्र भी खोला गया है जोकि पर्यटकों को आवश्यक सूचना एवं मार्गदर्शन देता है।
  • पर्यटन विभाग ने 14 स्थानों को रज्जू मार्ग ओं की स्थापना के लिए चुना है। इनमें से रज्जू मार्ग, श्री नैना देवी जी एवं जावली से कसौली ने वाणिज्यक कार्य शुरू कर दिया है। जबकि चंबा घाट से करौली टिब्बा रज्जू मार्ग का कार्य प्रगति पर है।
  • न्यूगल रज्जू मार्ग परियोजना, पालमपुर के लिए सहमति ज्ञापन हस्ताक्षरित किया जा चुका है। सोलंग नालन रजू का मार्ग कार्य ILएवं FS विभाग द्वारा किया जा रहा है।
  • बिलासपुर में गोविंद सागर झील के समीप लूहनू मैदान में एक करोड रुपए की लागत से जलक्रीडा केंद्र स्थापित किया गया है।
  • वर्तमान में प्रदेश में शिमला, कांगड़ा में कुल्लू-मनाली 3 हवाई अड्डे है।
  • प्रदेश में 57 हेलीपैड है तथा 12 नए हेलीपैंदों के निर्माण का मामला विचाराधीन है।

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