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कोंडागाँव से जुडी जानकारी

कोंडागाँव सर्वाधिक लिंगानुपात (1033) वाला जिला है। कोंडागाँव जिले के निर्माण की घोषणा 1 जनवरी 2012 को की गई तथा इसका विधिवत उद्घाटन 16 जनवरी, 2012 को हुआ। कोंडागाँव जिले मेंं 5 तहसीलें और पांच विकासखंड तथा दो अनुभाग होंगे। भारत सरकार द्वारा कोंडागांव मेंं नारियल विकास बोर्ड स्थापित किया गया है, जो छत्तीसगढ़ मेंं एकमात्र है। यहां नारियल उगाने से लेकर नारियल वृक्ष से विभिन्न वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण देने का भी प्रावधान है। कोंडागाँव में वन विभाग का जो काष्ठागार है,वह एशिया मेंं सबसे विशाल है, जिसका क्षेत्रफल 200 एकड़ से भी अधिक है। इससे अधिक बड़े लकड़ी डिपो अफ़्रीका तथा ब्राजील के घने जंगलों मेंं ही मिलेंगे।

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कोंडागाँव से जुडी जानकारी

कोंडागाँव संभाग कहाँ पर स्थित है?

बस्तर

कोंडागाँव का क्षेत्रफल कितना है?

6050.73 वर्ग किमी

कोंडागाँव तहसील कहाँ है और कितनी है?

5 (केशकल, बड़ेराजपुर, माकड़ी, कोण्डा-गाँव, फरसगांव)

कोंडागाँव में कुल गांवों की संख्या कितनी है?

548

कोंडागाँव में जनपद पंचायत की संख्या कितनी है?

05

कोंडागाँव में ग्राम पंचायत की संख्या कितनी है?

263

कोंडागाँव में नगर पालिका की संख्या कितनी है?

01

कोंडागाँव में नगर पंचायत की संख्या कितनी है?

03

कोंडागाँव में 2011 में कुल जनसंख्या कितनी है?

5,78,824

कोंडागाँव में कुल जनसंख्या में पुरुष की जनसंख्या कितनी थी?

2,84,781

कोंडागाँव में कुल जनसंख्या में महिला की जनसंख्या कितनी थी?

2,94,043

कोंडागाँव में 0-6 आयु वर्ग की कुल जनसंख्या 2011 में कितनी थी?

8,984

कोंडागाँव में 0-6 आयु वर्ग की कुल जनसंख्या में पुरुष की जनसंख्या 2011 में कितनी थी?

44,785

कोंडागाँव में 0-6 आयु वर्ग की कुल जनसंख्या में महिला की जनसंख्या 2011 में कितनी थी?

45,036

कोंडागाँव में 2011 का लिंगानुपात कितना था?

1000 : 1033

कोंडागाँव में 2011 का जनघनत्व कितना था?

157

कोंडागाँव मेंं 2011 का साक्षरता दर कितना था?

56.4 प्रतिशत

कोंडागाँव में पुरुष साक्षरता दर कितना था?

67.45

कोंडागाँव में महिला साक्षरता दर कितना था?

45.37

कोंडागाँव में साक्षरता में रैंक 2011 में कितना था?

22

प्रसिद्ध स्थल – कोंडागाँव (शिल्पग्राम)

जगदलपुर मेंं रायपुर की ओर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 से 76 किलोमीटर दूर कोंडागाँव  मेंं प्रख्यात बस्तर शिल्प पर आधारित शिल्पग्राम मेंं धड़वा, लोहा, काँसा, आदि के धातुशिल्प सहित कास्ठ, पाषाण, टेराकोटा और बांस की उत्कृष्ट एवं कलात्मक वस्तुएं बनती एवं विक्रय की जाती है। यहां निर्मित वस्तुएं विदेशों को भेजी जाती है।

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