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मध्य प्रदेश में उद्योग से जुडी जानकारी

वर्ष 2017-18 में माह दिसंबर में 2017 तक कुल 151114 सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना हुई। 2016-17 में स्थापित उद्योगों की संख्या 87,071 से 73.55 प्रतिशत अधिक है इसके अतिरिक्त ₹10,242 करोड़ का पूंजी निवेश हुआ तथा 448712 रोजगार उपलब्ध हुए। मध्य प्रदेश में सीमेंट उत्पादन में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। जबकि चुना पत्थर आधारित सीमेंट उद्योग में मध्य प्रदेश देश में दूसरा स्थान है।  देश और में औद्योगीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने अक्टूबर 2010 में उद्योग संवर्धन नीति 2010 की है.

राज्य के सकल घरेलू उत्पाद किए थे वित्तीय क्षेत्र उद्योग का योगदान वर्ष 2016-17 में त्वरित अनुमानों के अनुसार 23.87% अंकित किया गया है।  राज्य में वर्ष 2009-10 के अंतर्गत मध्यप्रदेश में विभिन्न सूती, खादी, पोली, रेशमी खादी एवं ऊनी खादी के 12 उत्पादन केंद्र संचालित हैदराबाद 2016 और 2017 तक के विभिन्न प्रकार की खादी का 550.49 लाख का उत्पादन किया गया।

संयुक्त क्षेत्र के अंतर्गत राज्य की प्रमुख परियोजनाओं में मुख्य है- मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिकल लिमिटेड भोपाल, मध्य प्रदेश विद्युत यंत्र लिमिटेड गोशलपुर (जबलपुर) मध्यप्रदेश लैब्स लिमिटेड विदिशा तथा मध्य प्रदेश ग्लोकम इंडस्ट्रीज लिमिटेड। मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम की स्थापना सितंबर 1965 में हुई थी।  इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य आधुनिक उद्योगों को वित्तीय सहायता और नवीन उद्योगों को प्रोत्साहित करना था। 1981 और 1982 में इस निगम के दायित्वों में विस्तार किया गया था एक प्रेरक आस्था का रूप प्रदान किया गया।

मध्यप्रदेश में अब तक स्थापित 26 औद्योगिक विकास केंद्रों में से आधे केंद्रों की स्थापना पिछड़े क्षेत्रों में की गई है राज्य के पिछड़े जिलों के शासक द्वारा सबसे अधिक व्यक्ति तथा सुविधाएं प्रदान की गई है। अजय में सतत विकास केंद्रों में आए हैं-1 मंडीदीप (राएसेना) 2 पीथमपुर (धार), 3 मेघनगर (झबूआ) , 4 पुरेना (पन्ना), 5 मनेरी (मांडला), 6 बानमोर (मूरेना) 7 मालनपुर (भिंड) 8 मकसी (शाजापुर), 9 पिलुखेड़ी (राजगढ़) 10 सदगवा सागर 11 बढेन (सीधी) 12 रीवा 13 देवास मध्यप्रदेश में भोपाल के निकट मंडीदीप में देश का प्रथम ऑप्टिकल फाइबर कारखाना स्थापित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स किया क्षेत्र में अग्रणी जापान की फुजित्सु लिमिटेड तथा फूरुकवामेडिकल कंपनी की तकनीकों सहयोग से इस कारखाने का निर्माण किया।

बानमौर फैक्ट्री सन 1922 में ग्वालियर से 50 किलोमीटर दूर मुरैना जिले के बांगड़ नामक स्थान पर स्थापित की गई, इसकी स्थापना एसोसिएटेड सीमेंट कंपनी के स्वामित्व में हुई। यह कारखाना और प्रौद्योगिकी विधि के द्वारा साधारण पोर्टलैंड सीमेंट का उत्पादन करता था। (वर्तमान में यह कारखाना बंद है)

मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास से संबंधित संस्थाएं

संस्था एवं कार्यकाल स्थापना वर्ष उद्देश्य
मध्य प्रदेश राज्य उद्योग निगम भोपाल 1961 सरकारी उद्योगों का संचालन समिति क्षेत्र के उद्योगों की स्थापना में आता।
मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम भोपाल उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक प्रकार की लाया था
मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम भोपाल 1981 निजी व सरकारी क्षेत्र में कई उद्योगों के लिए कच्चे माल की आपूर्ति उत्पादन की व्यापार बता देना
मध्य प्रदेश वित्त निगम इंदौर 1970 उपयुक्त  एवं वित्तीय सहायता
मध्य प्रदेश हस्तशिल्प निगम भोपाल हस्तशिल्प का विकास सुनिश्चित करना
मध्य प्रदेश माइनिंग कॉरपोरेशन बहुमूल्य खनिजों के अनुसंधान उत्खनन एवं उपाय
मध्य प्रदेश वित्त निगम भोपाल 1977 छोटे उद्योगों  निर्यात करने की व्यवस्था सुनिश्चित करना
मध्य प्रदेश हेडलानय संचालन भोपाल 1976 अतिरिक्त और दुग्ध सहकारी समितियों की स्थापना करना उनके लिए वित्तीय व्यवस्था करना और उनके विकास में सहयोग देना।
मध्य प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड भोपाल। खाड़ी वस्त्रों  के उत्पादन को बढ़ावा देना।
मध्य प्रदेश अवस्था निगम 1976-77 अधिकार का वस्त्र उद्योग विकास एवं समर्थन हेतु  प्र्यत्नशील
मध्य प्रदेश का विकास निगम 1981 चरम उद्योग में लगे चर्म करो (अनुसूचित जाति) सुधार हेतु।  
  • कैमोर फैक्ट्री की स्थापना एसोसिएटेड सीमेंट कंपनी के स्वामित्व में सन 1923 में कटनी के समीप कैमूर में की गई है। यह कारखाना आर्द्र विधि का प्रयोग करते हुए साधारण पोर्टलैंड और पोत्सलाना का सीमेंट का उत्पादन करता है। कैमूर में एसबेस्ट्स तथा सीमेंट की चादर बनाने का भी एक कारखाना है।
  • मैसर्स बिड़ला जुट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी लिमिटेड के स्वामित्व में सतना सीमेंट कारखाने की स्थापना सन 1959 में की गई। यह कारखाना भी आर्द्र विधि का उपयोग करते हुए साधारण पोर्टलैंड सीमेंट का उत्पादन करता है।
  • चीनी मिट्टी एवं फायर क्ले की उपलब्धि के आधार पर मध्य प्रदेश में उद्योग स्थापित हुआ है। चीनी मिट्टी के बर्तन बनाने के कारखाने ग्वालियर, जबलपुर, बुरहानपुर, कटनी, इंदौर में है तथा फायर क्ले से ईंट इत्यादि जबलपुर कटनी और निवार में बनाई जाती है।
  • देशी ढंग से चीनी मिट्टी के बर्तन जैसे प्याले, तश्तरी एवं आचार जबलपुर में तथा चाय दूध आदि के बर्तन ग्वालियर में बनते हैं।
  • भोपाल में सन 1960 में बिजली का भारी समान बनाने का उद्योग स्थापित किया गया। इसका निर्माण में ब्रिटेन के कारखाने से सहायता ली गई। सर्वप्रथम अकादेमी मशीन बनाने के लिए ओजारों का उत्पादन प्रारंभ किया गया। वर्तमान में यह भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स के नाम से प्रसिद्ध है।
  • सन 1947 के पश्चात केंद्रीय सरकार के नियोजन के अंतर्गत 1948-49 में नेशनल न्यूज़ प्रिंट एंड पेपर मिल नेपानगर (जिला पूर्व निमाड़ खंडवा) ओरियंट पेपर मिल (जिला शहडोल) मिलता। इनके अंतरिक्त ग्वालियर में, भोपाल का तालाब में कागज बनाने की छोटे छोटे कारखाने।
  • होशंगाबाद में नोट बनाने का कागज से बनाया जाता है। करेंसी छापाखाना देवास मे स्थित है।
  • नेपानगर का मांधार कारखाना अखबारी कागज का उत्पादन करता है। नेपानगर के कारखाने की कुल उत्पादन क्षमता 88,000 मीट्रिक टन है।
  • अमलाई कागज कारखाना शहडोल से कुछ दूरी पर है बिड़ला द्वारा स्थापित किया गया है।

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