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प्रकाश से जुड़े Important सवाल और उनके जवाब


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यदि परावर्तित किरण आपतीत किरण से 90 डिग्री का कोण बनाए तो आपतन कोण का मान कितना होगा?

45॰ का

यदि दो समांतर समतल दर्पण एक दूसरे से 40 सेंटीमीटर के अंतराल पर रखे हो तो इनके बीच रखी एक मोमबत्ती के कितने प्रतिबिंब बनेंगे?

असंख्य प्रतिबिंब बनेंगे।

कौन सा कथन परावर्तन का दूसरा नियम है?

आपतित किरण, परावर्तित व अभिलंब किरण एक तल पर होते हैं।

समतल दर्पण द्वारा बने प्रतिबिंब की विशेषता है-

सीधा, प्रतिबिंब वस्तु के आकार का, प्रतिबिंब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर।

पार्श्व परिवर्तन में कौन -सा भाग किस तरफ दिखाई देता है ?

बाया भाग दाएं तरफ और दाया भाग बाएं तरफ दिखाई देता है।

कौन- सा तल विसरित परावर्तन करता है?

चाक पाउडर, कपड़ा,ईंट से बनी दीवार।

नियमित परावर्तन करता है-

समतल दर्पण, चमकदार तल, पोलीस किया तल ।

पारदर्शी का उपयोग कहाँ नहीं होता है-

आकाशीय पिंडों को देखने में

दर्पणों को किस कोण पर रखकर अनेक प्रतिबिंब बनाने की धारणा उपयोग में लाई जाती है?

कैलाईडोस्कोप में।

वस्त्रों के डिजाइन बनाने वाले उपयोग में लाते हैं-

बहूमूर्तिदर्शी।

हमारे नेत्र का भाग नहीं है-

दर्पण

नेत्र प्रतिबिंब बनाता है-

रेटिना पर।

सामान्य नेत्र द्वारा पढ़ने के लिए सर्वाधिक सुविधाजनक दूरी है-

25 सेंटीमीटर

मानव नेत्र वस्तु का प्रतिबिंब बनाता है-

दृष्टि पटल पर।

मानव नेत्र में अभिनेत्र लेंस होता है।

उभयोतल।

देखने के विशेष अंग ( ज्ञानेंद्रियां) के नाम लिखो।

नेत्र ( आंख)।

हम वस्तुओं को किसके द्वारा देख सकते हैं?

प्रकाश के द्वारा।

किरण और अभिलंब के बीच बने कोण को क्या कहते हैं?

आपतित किरण और अभिलंब के बीच कौन को आपतन कोण कहते हैं।

परावर्तित किरण और अभिलंब के बीच बने कोण को क्या कहते हैं?

परावर्तित और अभिलंब के बीच बने कोण को परावर्तन कोण कहते हैं।

जब आपतित किरण समतल दर्पण पर लांबिक रूप से टकराती है तो परावर्तन कोण का मान कितना होगा?

जब आपतित किरण समतल दर्पण पर लांबिक रूप से टकराती है तो परावर्तन कोण का मान शून्य डिग्री होगा।

समतल दर्पण द्वारा बनाए प्रतिबिंब के दो गुण लिखो?

प्रतिबिंब सदैव वस्तु के आकार का व आभासी  होता है।

नियमित परावर्तन किसे कहते हैं?

दर्पण जैसे चिकने पृष्ठ से होने वाले परिवर्तन को नियमित परावर्तन कहते हैं।

प्रकाश किरण पुंज किसे कहते हैं?

किरणों के समूह को किरण प्रकाश पुंज कहते हैं।

समतल दर्पण में प्रतिबिंब दर्पण के कितने पीछे बनता है?

जितनी दूर वस्तु दर्पण से आगे होती है।

समतल दर्पण पर पड़ने वाली किसी एक प्रकाश किरण की कितनी परावर्तित किरण में हो सकती है?

समतल दर्पण पर पड़ने वाले किसी एक आपतित ( प्रकाश) के लिए एक परावर्तित किरण हो सकती है।

क्या तुम यह अनुमान लगा सकते हो कि 90 डिग्री पर आपतित होने वाला प्रकाश किसी समतल दर्पण द्वारा किस प्रकार परिवर्तित होगा?

90 डिग्री पर आपतित होने वाला प्रकाश किसी समतल दर्पण द्वारा उसी पथ पर परिवर्तित हो जाता है।

विसरित या अनियमित परावर्तन किसे कहते हैं?

खुरदकरें  तल से टकराकर जब प्रकाश की समांतर किरण परावर्तन के उपरांत समांतर न रहे, इस परावर्तन को विसरित या अनियमित परावर्तन कहते हैं।

पारदर्शी के दोनों दर्पण कितने अंश पर झुकी होते हैं?

45 पर।

पारदर्शी के दो उपयोग लिखो।

पनडुब्बियो व टैंकों में इस उपकरण का उपयोग किया जाता है।

आदर्श दर्पण या सर्वोत्तम दर्पण में क्या अभिप्राय है?

जिस दर्पण में प्रकाश का कोई संचरण तथा अवशोषण नहीं होता, उसे आदर्श दर्पण कहते।

प्रकाश कितने रंगों से मिलकर बना होता है?

सात (बैंगनी, आसमानी,हरा, नीला, पीला, नारंगी, लाल)।

विक्षेपण किसे कहते हैं?

प्रकाश का अपने रंगों में विभक्त होना विक्षेपण कहलाता है।

नेत्र की आकृति कैसी होती है?

गोल आकार।

नेत्र गोलक का सफेद अपारदर्शक भाग क्या कहलाता है?

दृढ़ पटल।

आयरिस के बीच के छिद्र को क्या कहते हैं?

पुतली।

आंख में पुतली के पीछे कौन सा लेंस होता है?

उभयोतल पारदर्शक लेस।

आंख में बिंब कौन-सी सतह पर बनता है?

दृष्टि पटल पर।

दृष्टि पटल पर बिंदु होता है, जहां दर्शन शक्ति सबसे अधिक होती है, उस बिंदु को क्या कहते हैं?

पीत बिंदु।

आंख के किस बिंदु पर प्रकाश पढ़ने से संवेदना उत्पन्न नहीं होती है?

अंध बिंदु पर।

मस्तिष्क से निकलने वाली तंत्रिकाएँ जो नेत्र गोलक के पीछे वाले भाग में प्रवेश करती है, उन्हें क्या कहते हैं

दृष्ट तत्रिकाएं।

रेटिना पर बना प्रतिबिंब कितने समय तक बना रहता है?

1/16 सेकंड तक।

नेत्र के द्वारा कितने प्रतिबिंब प्रति सेकंड देखे जा सकते हैं?

24 प्रतिबिंब/सेकंड।

सामान्य नेत्र के द्वारा पढ़ने के लिए सर्वाधिक सुविधाजनक दूरी कितनी होती है?

लगभग 25 सेंटीमीटर।

आंख में पाए जाने वाले मुख्य दोष कौन-कौन से हैं?

दूर दृष्टि दोष, निकट दृष्टि दोष।

किस  दोष के व्यक्ति को दूर की वस्तु में संपष्ट दिखाई देती है परंतु समीप कि नहीं?

दूर दृष्टि  दोष के व्यक्ति को।

दूर दृष्टि दोष से छुटकारा पाने के लिए कौन सा लेंस उपयोग में लाया जाता है?

उत्तल लेंस।

निकट दृष्टि दोष से छुटकारा पाने के लिए कौन सा लेंस उपयोग में लाया जाता है?

अवतल लेंस।

उल्लू के नेत्र की विशेषता क्या है?

बड़ा कार्निया, बड़ी पुतली ।

चाक्षुभ संसाधन कितने प्रकार के होते हैं?

दो प्रकार के- अप्रकाशिक संसाधन व प्रकाशिक  संसाधन।

अप्रकाशित संसाधन कितने प्रकार के होते हैं?

चार-चाक्षुभ, स्पर्श, श्रवण व इलेक्ट्रॉनिक साधन।

प्रकाशिक साधन कितने प्रकार के होते हैं?

पांच प्रकार के- द्वि-फोक्सी लेंस, संस्पर्श लेस, रंजीत लेंस, आवर्तक व्यय दूरबीन साधन।

ब्रैल पद्धति क्या है?

नेत्रहीनों के लिए ब्रैल कोड पर आधारित 63 बिंदुकित पैटर्न अथवा छाप वाली पद्धति ब्रैल पद्धति कहलाती है।

मान लीजिए आप एक अंधेरे कमरे में है। क्या आप कमरे में वस्तुओं को देख सकते हैं? क्या आप कमरे के बाहर वस्तुओं को देख सकते हैं? व्याख्या कीजिए।

अंधेरे कमरे में वस्तुओं को नहीं देखा जा सकता। हम किसी भी वस्तु को प्रकाश के अभाव में नहीं देख सकते।  कमरे के बाहर प्रकाश होने के कारण वस्तुओं को देखा जा सकता है।

नियमित तथा विसरित परावर्तन में अंतर बताइए। क्या विसरित प्रवर्तन का अर्थ है कि परावर्तन के नियम विफल हो गए हैं?

  • नियमित परावर्तन- जब प्रकाश किरण पुंज किसी समतल व चमकदार तल पर पड़ता है तो प्रकाश की किरणें नियमित दिशा में परिवर्तित हो जाती है, इसे नियमित परावर्तन कहते हैं।
  • विसरित परावर्तन- जब प्रकाश किरण पुंज किसे समतल तथा बिना चमकदार तल पर पड़ता है तो प्रकाश की किरणें अनियमित रूप से भिन्न भिन्न दिशाओं में परिवर्तित हो जाती है इसे विसरित  परावर्तन कहते हैं। नहीं, विसरित प्रवर्तन विफल नहीं होते।

परावर्तन के नियम बताइए?

  1. आपतन कोण सदैव परावर्तन कोण के बराबर होता है।
  2. आपतीत किरण, परावर्तित किरण तथा परावर्तक पृष्ठ पर आपतन बिंदु पर खींचा गया अभिलंब तीनों एक ही तल होते हैं।।

कैलाइडोस्कोप की रचना का वर्णन कीजिए?

कैलाइडोस्कोप बनाने के लिए समतल दर्पण 15 सेंटीमीटर लंबी हुआ 4 सेंटीमीटर चौड़ी 3 आयताकार  पट्टीयों को त्रिभुजाकार आकृति के रूप में जोड़ो तथा मोटे गत्ते से बने बेलना का ट्यूब जैसी सरंचना मैं मजबूती से लगाए। युग दर्पण की पट्टीयों सेथोड़ी लंबी होनी आवश्यक है। ट्यूब के एक सिरे को गत्ते की एक ऐसी डिस्क से बंद करो जिसमें वित्त का दृश्य देखने के लिए एक छिद्र बना होता है।  ट्यूब के दूसरे सिरे में समतल कांच की एक वृत्ताकार प्लेट दर्पण को छूते हुए मजबूती से लगाओ। इस प्लेट पर रंगीन कांच की चूड़ियों के छोटे-छोटे कुछ टुकड़े रखो। ट्यूब के इस सिरे को घिसे हुए कांच की प्लेट से बंद कीजिए। जान रहेगी कांच के टुकड़ों को हिलने डोलने के लिए पर्याप्त स्थान मिल सके।

इससे भांति भांति के पैटर्न देखे जा सकते हैं।  इस उपकरण से बने पैटर्न को कभी भी दोबारा नहीं देखा जा सकता।

आप नेत्रों की देखभाल कैसे करेगे ?

  1. वस्तुएँ धुंधली दिखाई देने पर नेत्र चिकित्सक के परमानुसार उचित चश्मा पहने।
  2. कभी भी न तो बहुत कम और ना ही अधिक तेज प्रकाश में पढ़े। ऐसा करने से नेत्र पेशियों में खिंचाव से सिर दर्द हो सकता है।
  3. लेजर टॉर्च की  किरणों की नेत्र रेटिना पर ना पड़े। यह हमारे नेत्रों के लिए हानिकारक हो सकती है।
  4. नंगी आंखों से कभी भी सूर्य की ओर ने देखें।
  5. धूल कण व मिट्टी वगैरह है आंख में पड़ जाने पर नेत्रों को न रगड़े, ऐसा करने से नेत्रों में घाव हो सकता है।
  6. नेत्रों में  स्वस्थ्य जल से छींटे लगाएं।
  7. बिल्कुल बारीक अक्षरों की पुस्तक पढ़ना या लेटकर पढ़ना दोनों ही हानिकारक आदतें हैं इनसे बचें।  पठन सामग्री को दृष्टि की सामान्य दूरी पर अर्थात 25 से 30 सेंटीमीटर तक रख कर पढ़ें।
  8. विटामिन A युक्त भोजन जैसे- गाजर,  पालक, दूध, मक्खन, पता गोभी आदि का सेवन करना चाहिए।
  9. टेलीविजन को कम से कम आठ से 10 मीटर की दूरी से देखना चाहिए तथा लगातार लंबे समय तक कभी नहीं देखना चाहिए।

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